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आज का योग: रीढ़ की हड्डी से संबंधित समस्याओं में बेहद कारगर हैं यह योगासन, दर्द से मिलेगा छुटकारा

Sat, 16 Oct 2021 12:37 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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रीढ़ के लिए व्यायाम - फोटो : iStock
शरीर की संरचना को बेहतर बनाए रखने के लिए रीढ़ की हड्डी के स्वास्थ्य का ध्यान रखना आवश्यक होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक खराब मुद्रा और गतिहीन जीवनशैली के कारण पिछले एक दशक में रीढ़ की हड्डी से संबंधित समस्याएं काफी बढ़ गई हैं, यही कारण है कि कम उम्र में ही लोगों को कमर में दर्द की दिक्कत होने लगती है। साल 2003 में उत्तर भारत में 11 हजार लोगों के साथ किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि उनमें से 23 फीसदी लोगों को पीठ के निचले हिस्से में दर्द की शिकायत थी। डॉक्टरों के मुताबिक जीवनशैली में गड़बड़ी के कारण 16-34 आयु वर्ग वाले लोगों में रीढ़ और कमर में दर्द की समस्याओं का निदान किया जा रहा है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक नियमित रूप से योग और व्यायाम करने वाले लोगों में रीढ़ की हड्डी से संबंधित समस्याओं का खतरा अधिक होता है। आइए आगे की स्लाइडों में रीढ़ की हड्डी और पीठ की समस्याओं से बचने के लिए फायदेमंद योगासनों के बारे में जानते हैं।
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मत्सयासन अभ्यास करने के फायदे - फोटो : Pixabay
मत्सयासन
रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ और इसमें होने वाली समस्याओं के खतरे को कम करने के लिए मत्सयासन का अभ्यास फायदेमंद हो सकता है। यह रीढ़ की हड़्डी के आसपास की मांसपेशियों में रक्त के प्रवाह को सुचारू बनाए रखने में सहायक है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले अपनी पीठ के बल लेट जाएं और हाथों को शरीर के बगल की ओर रखें। अब अपने पैरों को आपस में ऐसे मोड़ें जैसे शांत मुद्रा में बैठने के लिए मोड़ते हैं। सांस लेते हुए अपने सिर और छाती को ऊपर उठाएं। अब छाती को ढीला रखते हुए अपने सिर को इस तरह नीचे करें कि आपके सिर का ऊपरी हिस्सा जमीन को छुए। आपके हाथ और पैर एक दूसरे के समानांतर होने चाहिए। 15-20 सेकंड के लिए इसी स्थिति में रहें और फिर पूर्ववत अपनी शुरुआती स्थिति में आ जाएं।
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ब्रिज पोज योगासन के लाभ - फोटो : Pixabay
ब्रिज पोज 
पीठ के दर्द को कम करने के साथ रीढ़ की संरचना को ठीक बनाए रखने के लिए ब्रिज पोज योगासन लाभदायक माना जाता है। इस योगासन को करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं। अपने पैरों को कंधे की चौड़ाई से थोड़ा अलग करते हुए घुटनों को मोड़ लें। हथेलियों को खोलते हुए हाथ को बिल्कुल सीधा जमीन पर सटा कर रखें। अब सांस लेते हुए कमर के हिस्से को ऊपर की ओर उठाएं, कंधे और सिर को सपाट जमीन पर ही रखें। सांस छोड़ते हुए दोबारा से पूर्ववत स्थिति में आ जाएं। 

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धनुषासन योग करने के लाभ - फोटो : istock
धनुषासन
पीठ की समस्याओं को ठीक रखने में धनुषासन योग को विशेष लाभदायक माना जाता है। यह रीढ़ की संरचना को ठीक करने के साथ पीठ की मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में सहायक होता है। इस योग को करने के लिए सबसे पहले आपको पेट के बल लेटना है और अपने घुटनों को अपने कूल्हों की ओर मोड़ना है। अब अपने हाथों से अपने टखनों को पकड़ें। अब अपने पैरों और बाजुओं को जितना हो सके ऊपर उठाएं और अपना चेहरा ऊपर रखें। जब तक आप कर सकते हैं तब तक इस मुद्रा में बने रहने का प्रयास करें।
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कोबरा पोज योग है फायदेमंद - फोटो : Pixabay
कोबरा पोज
कोबरा पोज योगासन से रीढ़ की एक छोर से दूसरे तक की पूर्ण व्यायाम हो जाता है। सर्वाइकल और पीठ के दर्द को कम करने में भी कोबरा पोज के अभ्यास को फायदेमंद माना जाता है।  कोबरा मुद्रा के लिए जमीन पर लेट जाएं और अपनी हथेलियों को फर्श पर कंधे की चौड़ाई से अलग रखें। अपने निचले शरीर को जमीन पर रखते हुए श्वास लें और अपनी छाती को फर्श से उठाते हुए छत की ओर देखें। सांस छोड़ते हुए अपने शरीर को फर्श पर दोबारा लेकर आएं।


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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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