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Yoga Tips: हृदय संबंधी समस्याओं के बचाव के लिए नियमित करें इन योगासनों का अभ्यास

Tue, 26 Sep 2023 12:06 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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हृदय रोग से बचाव के लिए योग - फोटो : istock
Yoga Tips: हृदय संबंधी समस्याएं कोविड 19 के बाद से तेजी से बढ़ती देखी गई हैं। पिछले कुछ सालों में हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट जैसी समस्याओं से लोगों में जान का जोखिम बढ़ा है। हृदय रोग किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। यह एक गंभीर समस्याकारक और जानलेवा रोग है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, लोगों में लाइफस्टाइल और आहार की गड़बड़ी के कारण हृदय रोग का जोखिम और भी बढ़ जाता है।

इसका असर पांच साल से भी कम आयु के बच्चों में देखने को मिल सकता है, उनमें भी कार्डियक अरेस्ट का जोखिम देखा गया। योग विशेषज्ञ बताते हैं कि नियमित योग के अभ्यास से हृदय रोग समेत कई तरह की जानलेवा स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को किया जा सकता है।

योग के अभ्यास से उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे हृदय गति कम करने में मदद मिलती है। हार्ट अटैक के खतरे को भी कम किया जा सकता है। अपनी दिनचर्या में योगासनों को शामिल कर हृदय संबंधी समस्याओं से बचाव किया जा सकता है। यह रहे हृदय संबंधी समस्याओं और हार्ट अटैक के जोखिम को कम करने वाले योगासन।
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pranayama - फोटो : istock
प्राणायाम

प्राणायाम का अभ्यास मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। हृदय रोग का मुख्य कारक उच्च रक्तचाप होता है, जिसे कम करने के लिए भी यह योगासन किया जा सकता है। प्राणायाम के अभ्यास से हृदय की मांसपेशियों को आराम मिलता है और रक्त संचार बेहतर होता है। वहीं हृदय पर बनने वाले किसी भी अतिरिक्त दबाव को प्राणायाम योगासन का अभ्यास कम कर सकता है। हृदय को स्वस्थ रखने के लिए प्राणायाम में भस्त्रिका, कपालभाति और अनुलोम-विलोम की आदत डालें।
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Trikonasana - फोटो : istock
त्रिकोणासन

इस आसन के अभ्यास से फेफड़े मजबूत होते है। पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। हृदय रोग की समस्या से निजात पाने के लिए त्रिकोणासन का अभ्यास कर सकते हैं। इस आसन को करने के लिए सीधे खड़े होकर पैरों के बीच करीब दो फीट की दूरी रखें। गहरी सांस लेते हुए शरीर को दाईं ओर झुकाएं और बाएं हाथ को ऊपर की तरफ ले जाएं। नजरें भी बाएं हाथ की उंगलियों पर टिकाकर कुछ देर इसी स्थिति में रहें। पुरानी अवस्था में दोबारा आ जाएं।

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वृक्षासन योग - फोटो : istock
वृक्षासन

वृक्षासन से तनाव कम होता है, मस्तिष्क शांत रहता है और हृदय रोग की समस्या से बचाव होता है। इस आसन को करने के लिए बाएं पैर को सीधा रखते हुए संतुलन बनाए रखें। गहरी सांस लेते हुए हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं और नमस्कार की मुद्रा बनाएं। रीढ़ की हड्डी को सीधा रखते हुए बाएं तलवे को दाहिनी जांघ पर रखें। इसी प्रक्रिया को दोहराएं।
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cat pose मार्जरी आसन - फोटो : istock
मार्जरी आसन

इस आसन को करने के लिए शरीर की मुद्रा बिल्ली जैसी करनी होती है। मार्जरी आसन के अभ्यास से कमर की हड्डी मजबूत बनता है। शरीर में फुर्ती, बिगड़ा पोस्चर में सुधार और कमर दर्द से राहत समेत हृदय रोगों से बचाव हो सकता है। 

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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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