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आज का योग: कोविड के साइड-इफेक्ट्स को कम करने में मददगार हैं ये योगासन, पोस्ट कोविड समस्याएं भी होंगी कम

Mon, 17 Jan 2022 12:10 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना संक्रमितों के लिए योग (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
पिछले दो साल से दुनियाभर में जारी कोरोना संक्रमण ने लोगों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाला है। डेल्टा जैसे वैरिएंट से संक्रमण की स्थिति में लोगों को कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिसका स्वास्थ्य पर लंबे समय तक असर हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना वायरस शरीर के कई अंगों पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, यही कारण है कि इससे पोस्ट कोविड की समस्याएं भी लंबे समय तक बनी रह सकती हैं। इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए लोगों को दैनिक जीवन में योगासनों को शामिल करने से लाभ मिल सकता है।

कोरोना संक्रमण चूंकि ऊपरी श्वसन तंत्र को विशेष रूप से प्रभावित करता है, यही कारण है कि फेफड़ों पर इसके गंभीर नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलते हैं। नियमित रूप से योग का अभ्यास करने से न सिर्फ फेफड़ों को मजबूती मिलती है, साथ ही यह पोस्ट कोविड की भी समस्याओं को कम करने में  आपके लिए लाभदायक हो सकते हैं। आइए ऐसे ही तीन योगसानों के बारे में जानते हैं जिनका नियमित रूप से अभ्यास करना कोरोना की जटिलताओं और इसके कारण होने वाली समस्याओं को कम करने में लाभदायक हो सकता है।
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कपालभाति प्राणायाम है लाभदायक - फोटो : Pixabay
कपालभाति प्राणायाम
कपालभाति प्राणायाम लंबी सांस लेने और सांस छोड़ने की तकनीक है। यह प्राणायाम आपकी एकाग्रता के स्तर को बढ़ाने और फेफड़ों की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए उत्कृष्ट माना जाता है। शरीर में ऑक्सीजन युक्त रक्त के परिसंचरण को बढ़ावा देने और तनाव-चिंता जैसी समस्याओं को दूर करने में भी इस योग के अभ्यास को लाभदायक माना जाता है।
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धनुषासन योग है लाभदायक - फोटो : Pixabay
धनुषासन योग
फेफड़ों को स्वस्थ रखने का सबसे अच्छा तरीका है योग। योग तनाव के स्तर को कम करने के साथ फेफड़ों को मजबूत बनाकर उनकी कार्यक्षमता में सुधार करता है। धनुष मुद्रा या बो पोज योग का नियमित रूप से अभ्यास फेफड़ों की क्षमता में सुधार करता है और वायुमार्ग से बलगम को साफ करने में मदद कर सकता है। कोरोना से ठीक हो चुके लोगों को अपने डॉक्टर की सलाह के आधार पर नियमित रूप से इस योग का अभ्यास जरूर करना चाहिए। 
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भुजंगासन योग का कीजिए अभ्यास - फोटो : Istock
भुजंगासन योग
कोबरा पोज या भुजंगासन योग न केवल मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करता है बल्कि या छाती और फेफड़ों को फैलाने में भी मदद करता है। साइटिका की समस्या को कम करने, रीढ़ को मजबूत करने और अस्थमा के लक्षणों से राहत प्रदान करने में भी इस योग को लाभदायक माना जाता है। कोविड संक्रमित रह चुके लोगों के लिए इस योग का नियमित रूप से अभ्यास करना लाभदायक माना जाता है।


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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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