योग से पहले ये गलती न करें
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सवाल: योग में प्रगति कैसे मापनी चाहिए?
अपनी तुलना किसी दूसरे व्यक्ति से करने के बजाय यह देखें कि कुछ सप्ताह या महीनों में आपकी लचीलापन, संतुलन, गतिशीलता और नियमितता से अभ्यास करने में कितना सकारात्मक बदलाव आया है।
योग को प्रतियोगिता बनाने के बजाय शरीर और मन को बेहतर समझने की प्रक्रिया मानें। इससे अभ्यास में जल्दबाजी कम होगी और लंबे समय तक इसे रूटीन में बनाए रखना आसान हो सकता है।
क्या योग में सही तकनीक से ज्यादा जरूरी नियमितता है?
योग में केवल रोज मैट पर बैठ जाना पर्याप्त नहीं है। सही तकनीक और नियमित अभ्यास, शरीर को सीमाओं का सम्मान, इन तीनों का संतुलन जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति सप्ताह में कुछ दिन ही योग करता है, लेकिन हर सेक्शन में शरीर को उसकी क्षमता से ज्यादा खींचता है, तो यह बेहतर स्ट्रेटजी नहीं है। इसके विपरीत, अपनी क्षमता के अनुसार नियमित और संतुलित अभ्यास लंबे समय में अधिक उपयोगी हो सकती है।
योग शुरू करने वालों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
- पहले आसान और बेसिक पोज से शुरुआत करें और शरीर की क्षमता बढ़ने के साथ धीरे-धीरे अभ्यास का स्तर बढ़ाएं।
- आसन के दौरान सांस को सहज रखें और किसी भी पोज को केवल इसलिए न करें क्योंकि वह देखने में कठिन या प्रभावी लगता है।
- दर्द, चक्कर या असामान्य डिस्कम्फर्ट को नजरअंदाज न करें। जरूरत पड़ने पर अभ्यास रोककर विशेषज्ञ की सलाह लें।
- योग को जल्दी परिणाम पाने की चुनौती न बनाएं। नियमितता, सही तकनीक और धैर्य को अपने अभ्यास का आधार बनाएं।
नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य एवं फिटनेस जानकारी के लिए है। किसी बीमारी, चोट, गर्भावस्था, सर्जरी के बाद की स्थिति या अन्य विशेष स्वास्थ्य परिस्थिति में योग शुरू करने से पहले योग्य चिकित्सक या प्रशिक्षित विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लेना उचित है।