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योग टिप्स: योग शुरू करते ही ये गलती कर रहे हैं? फायदे की जगह हो सकता है नुकसान!

Thu, 03 Sep 2026 04:27 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Beginner Yoga Tips: योग के दौरान सांस लेने की तकनीक भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी आसन की पाॅजिशन। कई शुरुआती लोग आसन पर ध्यान देते-देते सांस रोक लेते हैं या बहुत तेज सांस लेने लगते हैं। 
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योग से पहले ये गलती न करें - फोटो : Ai
Yoga for Beginners: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग खुद को फिट और तनावमुक्त रखने के लिए योग का सहारा ले रहे हैं। खासकर सुबह के समय कुछ मिनट योग करने की आदत शरीर और मन दोनों के लिए अच्छी दिनचर्या का हिस्सा बन सकती है। लेकिन योग शुरू करना जितना आसान लगता है, उसे सही तरीके से करना उतना ही जरूरी है। कई लोग उत्साह में पहले ही दिन कठिन आसन करने लगते हैं, लंबे समय तक योग करते हैं या किसी दूसरे व्यक्ति का लचीलापन देखकर उसी तरह शरीर को मोड़ने की कोशिश करते हैं। यही जल्दबाजी कई बार परेशानी की वजह बन सकती है।

योग का उद्देश्य शरीर को जबरदस्ती किसी मुद्रा में पहुंचाना नहीं, बल्कि धीरे-धीरे शरीर की मोबिलिटी, संतुलन, ब्रीदिंग और जागरूकता को बेहतर करना है। खासतौर पर जो लोग लंबे समय से व्यायाम नहीं करते हैं, उन्हें शुरुआत अपनी क्षमता के अनुसार करनी चाहिए। हर व्यक्ति की उम्र, लचीलापन, फिटनेस लेवल और शरीर की बनावट अलग होती है, इसलिए किसी और की अभ्यास को अपना लक्ष्य बनाना सही तरीका नहीं है।

योग के दौरान सांस लेने की तकनीक भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी आसन की पाॅजिशन। कई शुरुआती लोग आसन पर ध्यान देते-देते सांस रोक लेते हैं या बहुत तेज सांस लेने लगते हैं। इसके अलावा बिना वार्म-अप के कठिन स्ट्रेचिंग करना, दर्द को नजरअंदाज करना और रोजाना अभ्यास के बजाय कभी बहुत ज्यादा तो कभी बिल्कुल न करना भी आम गलतियों में शामिल है।

तो योग शुरू करने के बाद सबसे आम गलती आखिर क्या होती है? इसका सीधा जवाब है, शरीर की क्षमता से ज्यादा करने की कोशिश और जल्द परिणाम पाने की इच्छा। आइए जानते हैं योग करते समय शुरुआती लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और कौन-सी आदतें उनकी अभ्यास को बेहतर बना सकती हैं।
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योग से पहले ये गलती न करें - फोटो : Ai
क्या योग में शुरुआत से ही कठिन आसन करना सबसे बड़ी गलती है?

बहुत से लोग योग शुरू करते ही शीर्षासन, कठिन बैलेंस पोज, डीप स्ट्रेचिंग वाले आसन करने की कोशिश करते हैं। सोशल मीडिया पर दिखने वाले एडवांस योगासन देखकर भी शुरुआती लोगों में वैसा करने की इच्छा पैदा हो सकती है। लेकिन किसी आसन का कठिन होना उसे हर व्यक्ति के लिए जरूरी या बेहतर नहीं बनाता।

योग में उन्नति धीरे-धीरे होना ज्यादा महत्वपूर्ण है। शुरुआत में सामान्य गतिविधियां और आसान आसनों पर ध्यान देना चाहिए, ताकि शरीर को नई गतिविधि के अनुकूल होने का समय मिल सके।

सवाल: शुरुआती व्यक्ति को योग की शुरुआत कैसे करनी चाहिए?
  • शुरुआत हल्के स्ट्रेचिंग और बेसिक योगाभ्यास से करना बेहतर होता है, ताकि शरीर पर अचानक ज्यादा दबाव न पड़े और गतिविधि की सही टेक्नीक समझने का समय मिले।
  • आसन करते समय शरीर को जबरदस्ती खींचने या मोड़ने के बजाय अपनी सहज रेंज में रहना चाहिए। फ्लैक्सिबिलिटी, समय और नियमित अभ्यास के साथ धीरे-धीरे विकसित होती है।
  • अगर किसी आसन को करने में तेज दर्द, चक्कर या असामान्य परेशानी महसूस हो, तो उसे रोककर योग्य प्रशिक्षक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
 
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योग करते समय इन गलतियों से बचें - फोटो : Ai
क्या योग करते समय सांस रोकना भी एक आम गलती है?

योग केवल शरीर को अलग-अलग मुद्राओं में रखने का अभ्यास नहीं है। इसमें सांस लेने की प्रक्रिया का भी महत्वपूर्ण स्थान है। शुरुआती लोग कई बार किसी आसन को सही करने के चक्कर में अनजाने में अपनी सांस रोक लेते हैं।

सामान्य योग अभ्यास में सांस को सहज और नियंत्रित रखने पर ध्यान दिया जाता है। अलग-अलग प्राणायाम तकनीक के अपने नियम होते हैं, इसलिए उन्हें बिना समझे तेज गति से या लंबे समय तक करना उचित नहीं है।

सवाल: आसन करते समय सांस कैसी होनी चाहिए?
  • सामान्य आसनों के दौरान सांस को सहज और नियंत्रित रखने की कोशिश करें तथा शरीर में अनावश्यक तनाव पैदा होने पर अपनी गति कम कर दें।
  • प्राणायाम को केवल वीडियो देखकर कठिन स्तर पर शुरू करने के बजाय उसकी सही तकनीक किसी प्रशिक्षित योग शिक्षक से सीखना ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी तरीका हो सकता है।
 

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योग करते समय इन गलतियों से बचें - फोटो : Ai
क्या रोज बहुत ज्यादा योग करना फायदेमंद होता है?

यह भी शुरुआती लोगों की एक आम सोच है कि जितना ज्यादा योग करेंगे, उतना जल्दी फायदा मिलेगा। इसी सोच के कारण कुछ लोग पहले दिन ही लंबे समय तक अभ्यास करते हैं और अगले दिन शरीर में स्टिफनेस और सूजन महसूस होने लगती है।

अगर शरीर पहले से अभ्यास का अभ्यस्त नहीं है, तो अचानक बहुत ज्यादा शारीरिक गतिविधि करने से मसल्स पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इसलिए तीव्रता धीरे-धीरे बढ़ाना समझदारी है।

सवाल: योग कितनी देर करना चाहिए?
  • शुरुआती व्यक्ति अपनी फिटनेस और रूटीन के अनुसार सीमित समय से शुरुआत कर सकता है और शरीर के अनुकूल होने पर धीरे-धीरे अवधि बढ़ा सकता है।
  • योग का लक्ष्य केवल ज्यादा देर तक अभ्यास करना नहीं होना चाहिए। सही पोस्चर, नियंत्रित मूवमेंट, ब्रीदिंग और नियमित अभ्यास पर ध्यान देना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
  • अगर किसी व्यक्ति को पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या, चोट या गतिशीलता से जुड़ी परेशानी है, तो व्यायाम रूटीन शुरू करने से पहले डॉक्टर या क्वालिफाइड प्रोफेशनल की सलाह लेना बेहतर रहता है।
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योग से पहले ये गलती न करें - फोटो : Ai
क्या दर्द होने पर भी योग करते रहना सही है?

“नो पेन, नो गेन” वाली सोच योग में हमेशा सही नहीं मानी जानी चाहिए। योग करते समय हल्का स्ट्रेच महसूस होना और तेज या अचानक दर्द होना दो अलग-अलग बातें हैं।

किसी आसन को बेहतर बनाने के लिए शरीर को उसकी प्राकृतिक सीमा से आगे धकेलना चोट का जोखिम बढ़ा सकता है। खासकर गर्दन, कमर, घुटने और कंधे जैसे हिस्सों में सावधानी जरूरी है।

सवाल: योग करते समय दर्द हो तो क्या करना चाहिए?
  • अगर किसी आसन के दौरान तेज, चुभने वाला या अचानक दर्द महसूस होता है, तो तुरंत उस मूवमेंट को रोकना और शरीर को आराम देना चाहिए।
  • दर्द को नजरअंदाज करके उसी आसन को बार-बार करने के बजाय उसकी तकनीक जांचें और जरूरत पड़ने पर क्वालिफाइड योगा इंस्ट्रक्टर या हेल्थकेयर प्रोफेशनल की सलाह लें।
  • पुरानी चोट या किसी विशेष स्वास्थ्य स्थिति वाले लोगों को अपनी अभ्यास सामान्य व्यक्ति की तरह शुरू करने के बजाय व्यक्तिगत सलाह के अनुसार बदलनी चाहिए।
 
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योग से पहले ये गलती न करें - फोटो : Ai
सवाल: योग में प्रगति कैसे मापनी चाहिए?

अपनी तुलना किसी दूसरे व्यक्ति से करने के बजाय यह देखें कि कुछ सप्ताह या महीनों में आपकी लचीलापन, संतुलन, गतिशीलता और नियमितता से अभ्यास करने में कितना सकारात्मक बदलाव आया है।
योग को प्रतियोगिता बनाने के बजाय शरीर और मन को बेहतर समझने की प्रक्रिया मानें। इससे अभ्यास में जल्दबाजी कम होगी और लंबे समय तक इसे रूटीन में बनाए रखना आसान हो सकता है।

क्या योग में सही तकनीक से ज्यादा जरूरी नियमितता है?

योग में केवल रोज मैट पर बैठ जाना पर्याप्त नहीं है। सही तकनीक और नियमित अभ्यास, शरीर को सीमाओं का सम्मान, इन तीनों का संतुलन जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति सप्ताह में कुछ दिन ही योग करता है, लेकिन हर सेक्शन में शरीर को उसकी क्षमता से ज्यादा खींचता है, तो यह बेहतर स्ट्रेटजी नहीं है। इसके विपरीत, अपनी क्षमता के अनुसार नियमित और संतुलित अभ्यास लंबे समय में अधिक उपयोगी हो सकती है।

योग शुरू करने वालों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
  • पहले आसान और बेसिक पोज से शुरुआत करें और शरीर की क्षमता बढ़ने के साथ धीरे-धीरे अभ्यास का स्तर बढ़ाएं।
  • आसन के दौरान सांस को सहज रखें और किसी भी पोज को केवल इसलिए न करें क्योंकि वह देखने में कठिन या प्रभावी लगता है।
  • दर्द, चक्कर या असामान्य डिस्कम्फर्ट को नजरअंदाज न करें। जरूरत पड़ने पर अभ्यास रोककर विशेषज्ञ की सलाह लें।
  • योग को जल्दी परिणाम पाने की चुनौती न बनाएं। नियमितता, सही तकनीक और धैर्य को अपने अभ्यास का आधार बनाएं।

नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य एवं फिटनेस जानकारी के लिए है। किसी बीमारी, चोट, गर्भावस्था, सर्जरी के बाद की स्थिति या अन्य विशेष स्वास्थ्य परिस्थिति में योग शुरू करने से पहले योग्य चिकित्सक या प्रशिक्षित विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लेना उचित है।
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