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आज का योगासन: आर्थराइटिस हो या रीढ़ की हड्डी में दिक्कत, इन योगाभ्यासों से कुछ ही दिन में दिखने लगेगा लाभ

Thu, 10 Feb 2022 12:16 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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आर्थराइटिस की समस्या में योग के लाभ - फोटो : iStock
जीवनशैली और आहार में गड़बड़ी के कारण पिछले कुछ वर्षों में लोगों में हड्डियों से संबंधित बीमारियों का जोखिम काफी अधिक बढ़ गया है। इसमें भी गठिया और रीढ़ की हड्डी से संबंधित दिक्कतें लोगों में काफी अधिक देखी जा रही हैं। आश्चर्यजनक बात यह है कि आर्थराइटिस जैसी जिन समस्याओं को एक दशक पहले तक उम्र बढ़ने के साथ होने वाली दिक्कत माना जात था, वहीं कम उम्र के लोग भी अब इस समस्या से ग्रसित देखे जा रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक समय के साथ लोगों में घटती शारीरिक निष्क्रियता को इसका प्रमुख कारण माना जाता सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक आर्थराइटिस हो या रीढ़ की हड्डी से जुड़ी दिक्कतें, योग का नियमित अभ्यास करना इन सभी समस्याओं से आपको छुटकारा दिला सकता है। कई योगासन ऐसे हैं जो शरीर के लचीलेपन और जोड़ों की समस्याओं में बेहद कारगर माने जाते हैं। ऐसे में यदि आपको भी हड्डियों से संबंधित दिक्कतों का अनुभव हो रहा है तो अभी से इन योगसनों का अभ्यास शुरू कर दें। कुछ ही महीनों में आपको इसके लाभ दिखने लगेंगे।
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भुजंगासन योग के लाभ - फोटो : Istock
कोबरा पोज योग
कोबरा पोज या भुजंगासन योग के अभ्यास को हड्डियों और जोड़ों की मजबूती के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। योग विशेषज्ञों के मुताबिक इसका नियमित अभ्यास  रीढ़ और कमर की हड्डी को मजबूती देने और शरीर के लचीलेपन को बढ़ावा देने में भी सहायक है। जिन लोगों को रीढ़ से संबंधित समस्या या फिर पीठ के निचले हिस्से में अक्सर दर्द बनी रहती है उनके लिए कोबरा पोज योग का रोजाना अभ्यास करना काफी फायदेमंद हो सकता है। 
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ब्रिज पोज के क्या फायदे हैं? - फोटो : Pixabay
ब्रिज पोज योग
कूल्हों, कमर और घुटनों  के जोड़ और मांसपेशियों के लिए ब्रिज पोज या सेतुबंधासन योग के अभ्यास को काफी फायदेमंद माना जाता है। विशेषकर कमर दर्द की समस्या से परेशान लोगों के लिए यह योग काफी लाभदायक हो सकता है।  इस योगासन को करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं। अपने पैरों को कंधे की चौड़ाई से थोड़ा अलग करते हुए घुटनों को मोड़ लें। हथेलियों को खोलते हुए हाथ को बिल्कुल सीधा जमीन पर सटा कर रखें। अब सांस लेते हुए कमर के हिस्से को ऊपर की ओर उठाएं, कंधे और सिर को सपाट जमीन पर ही रखें। सांस छोड़ते हुए दोबारा से पूर्ववत स्थिति में आ जाएं। 
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वीरभद्रासन योग है लाभदायक - फोटो : iStock
वीरभद्रासन योग के लाभ
शरीर के सभी जोड़ों के बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए वीरभद्रासन योग को सबसे लाभदायक माना जाता है। कूल्हे, घुटने और फ्रंट लेग की हड्डियों को मजबूती देने और शरीर के लचीलेपन को सुधारने में इस योग का अभ्यास लाभदायक माना जाता है। वीरभद्रासन योग न सिर्फ हड्डियों के लिए फायदेमंद है साथ ही शरीर में रक्त के संचार को बेहतर करने में भी इस योग को काफी फायदेमंद माना जाता है। नियमित रूप से इसका अभ्यास करना आपके  लिए फायदेमंद हो सकता है।


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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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