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Yoga Tips: योग से बवासीर की समस्या को कर सकते हैं ठीक, दवा की भी नहीं पड़ेगी जरूरत

Wed, 23 Oct 2024 09:19 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पाइल्स के लिए योग - फोटो : Pixabay
Yoga Asanas For Piles: बवासीर को अंग्रेजी में पाइल्स कहा जाता है। यह गुदा के आसपास की नसों में सूजन एवं जलन के कारण होने वाली समस्या है। इसमें गुदा क्षेत्र में मस्से बनने लगते हैं, जो कि बहुत पीड़ादायक होता है। बवासीर नियमित शौच न होने से कब्ज की परेशानी के कारण हो सकता है। इसमें खून का आना, जलन व खुजली, गुदा क्षेत्र में मासूलों में सूजन आना लक्षण है। बवासीर की समस्या को दूर करने के लिए योग फायदेमंद हो सकता है। योग से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, तनाव कम, पेल्विक फ्लोर कम, पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है, जिससे बवासीर की समस्या में आराम मिल सकता है। इस लेख में जानिए बवासीर की समस्या को बिना दवा दूर करने वाले योगासनों के बारे में। डाॅक्टरी सलाह के आधार पर करें 
 
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उत्तनासाना - फोटो : istock
पाइल्स से राहत पाने वाले योग

उत्तानासन

उत्तानासन के अभ्यास के लिए मैट पर सीधे खड़े होकर लंबी सांस लेते हुए हाथों को ऊपर की ओर ले जाएं। फिर सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुके और दोनों हाथों से जमीन को छुएं। हाथों को नीचे जमीन पर टिकाते हुए पैर के अंगूठे को छूने की कोशिश करें। इस दौरान घुटनों को सीधा रखें। कुछ देर इसी पोजीशन में रहें, फिर हाथ ऊपर ले जाते हुए सांस छोड़ें और सामान्य अवस्था में खड़े हो जाएं। इस योग से नींद की समस्या भी दूर होती है।
 
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अर्ध मत्स्येन्द्रासन - फोटो : सोशल मीडिया
अर्ध मत्स्येन्द्रासन

इस आसन के अभ्यास से हिप्स और जांघ की मांसपेशियों का फैट भी कम होता है। ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होने के साथ ही कमर की चर्बी कम होती है। अर्ध मत्स्येन्द्रासन करने के लिए बिस्तर पर पहले दंडासन की मुद्रा में बैठ जाएं। अब शरीर को सीधा रखते हुए बाएं पैर के घुटनों को मोड़ते हुए दाएं पैर को उठाकर बाएं घुटने पर ले लाएं। अब दाएं हाथ की कोहनी को दाएं पैर के घुटने के ऊपर रखें। इसी अवस्था में रहने के बाद दूसरी तरफ से यह आसन दोहराएं। 

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मार्जरीपोज - फोटो : Amar Ujala
मार्जरासन

इस आसन के अभ्यास के लिए दोनों हाथों और घुटने जमीन पर रखते हुए हिप्स के नीचे और कंधे व कुहनियों को एक सीध में रखें। गर्दन और सिर को सीध में रखते हुए मेरुदंड को न झुकने दें। शरीर का भार हथेलियों और घुटनों पर समान रूप से डालते हुए कमर को छत की दिशा में उठाएं। गहरी सांस लें और कमर को ऊपर उठाएं। सिर को छत की दिशा में उठाएं।
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Baddha Konasana - फोटो : istock
बद्ध कोणासन

बद्ध कोणासन के अभ्यास से थकान व तनाव की समस्या नहीं होती और साइटिका व हार्निया में भी फायदा मिलता है। इस आसन के अभ्यास के लिए पैर सीधा करके बैठ जाएं। तितली आसन की तरह घुटने मोड़कर तलवे को एक दूसरे से स्पर्श करें। घुटनों को नीचे की ओर जमीन छूने तक दबाएं। इस दौरान दोनों पैरों को हाथों से पकड़ें। ध्यान रखें कि शरीर के लचीले होने तक इस आसन को करें।
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धनुरासन - फोटो : social media
धनुरासन

धनुरासन के अभ्यास के लिए पेट के बल लेट कर दोनों पैरों को मोड़कर ऊपर की ओर ले जाएं। दोनों हाथों से पैरों के पंजों को पकड़कर सांस लेते हुए पैरों को ऊपर की ओर खींचें। कुछ देर इसी अवस्था में रहने के बाद सामान्य अवस्था में आ जाएं। 

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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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