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Yoga Tips: हृदय-फेफड़े दोनों को मजबूती देते हैं ये योगासन, सभी लोगों को करना चाहिए रोजाना अभ्यास

Mon, 13 Jun 2022 12:09 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नियमित योगासन के क्या लाभ हैं? - फोटो : Pixabay
शरीर के बेहतर ढंग से काम करते रहने के लिए सभी अगों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते रहने की आवश्यकता होती है। इसमें भी हृदय और फेफड़ों की विशेष भूमिका होती है। हृदय रक्त को पंप करते रहने के लिए आवश्यक हैं, जबकि फेफड़े ऑक्सीजन को सभी अंगों तक पहुंचाने और श्वसन कार्य को व्यवस्थित रखने में मदद करते हैं। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में इन दोनों अंगों की समस्या से ग्रसित लोगों के मामले काफी बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। विशेषकर कोरोना संक्रमण ने इन दोनों अंगों की सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को इससे संबंधित बीमारियों के जोखिम को कम करते रहने वाले उपायों को करते रहने की सलाह देते हैं।

हृदय और फेफड़े के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने और इससे संबंधित तमाम तरह की स्वास्थ्य समस्याओं को कम करने के लिए नियमित रूप से योगासनों के अभ्यास की आदत को काफी लाभकारी माना जाता है। योगासन, इन अंगों को स्वस्थ बनाए रखने के साथ इनके कार्यों को आसान बनाने में मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि इन अंगों को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना किन आसनों का अभ्यास करना आपके लिए लाभदायक हो सकता है?
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हृदय रोग के लिए योगासन - फोटो : iStock
मत्स्यासन योग का अभ्यास

मत्स्यासन या फिश पोज़, फेफड़ों और हृदय को स्वस्थ बनाए रखने के लिए बेहतर योगासनों में से एक है। यह योग मुद्रा ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाने और शरीर में रक्त परिसंचरण को भी सुधारने में मददगार मानी जाती है।  कई प्रकार के श्वसन विकारों को दूर करने, फेफड़े और हृदय के कार्यों को बेहतर बनाए रखने के लिए रोजाना इस योगासन के अभ्यास की आदत आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।  
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धनुरासन योग करने के लाभ - फोटो : istock
धुनषासन योग के लाभ

बो पोज़ या धुनषासन योग के अभ्यास को स्वास्थ्य विशेषज्ञ फेफड़ों की क्षमता में सुधार करने, श्वसन क्रियाओं को बेहतर बनाए रखने के साथ हृदय को मजबूती देने वाला मानते हैं। इस योग का नियमित अभ्यास वायुमार्ग से बलगम को साफ करके सांस लेने की प्रक्रिया को सुलभ बनाता है। योग विशेषज्ञ कहते हैं, सूर्योदय से पहले इस योग के अभ्यास की आदत को काफी फायदेमंद माना जता है। यह आपको पूरे दिन ऊर्जावान, सकारात्मक और सक्रिय रखने में भी मदद करती है।
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हृदय-फेफड़ों के लिए योग - फोटो : istock
मेडिटेशन का अभ्यास

मेडिटेशन जिसे ध्यान मुद्रा के रूप में जाना जाता है, यह अभ्यास हृदय और फेफड़ों के स्वास्थ्य में सुधार करने में विशेष मददगार हो सकती है। अध्ययनों से पता चलता है कि संगीत, ध्यान और माइंडफुलनेस जैसे अभ्यास आपके हृदय के स्वास्थ्य में सुधार कर सकते हैं। प्रतिदिन 10 मिनट माइंडफुलनेस या मेडिटेशन का अभ्यास करने से हृदय गति में सुधार, तनाव कम होता है और रक्तचाप नियंत्रित बना रहता है। इस योग आसन का नियमित अभ्यास हृदय रोग, मधुमेह और स्ट्रोक के जोखिम को कम करता है।


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नोट:
यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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