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Yoga Tips: ओवरऑल फिटनेस के लिए इन योगासनों को बनाएं दिनचर्या का हिस्सा, कई बीमारियां रहेंगी दूर

Fri, 21 Oct 2022 12:46 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नियमित योग करने से होने वाले लाभ - फोटो : Pixabay
शरीर के बेहतर फिटनेस के लिए हर उम्र के लोगों को स्वास्थ्य विशेषज्ञ दिनचर्या में योग-व्यायाम को शामिल करने की सलाह देते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि हफ्ते में 150 मिनट तक के व्यायाम की आदत बनाकर कई प्रकार की गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि समय की कमी के कारण अक्सर लोगों के लिए रोजाना जिम जा पाना काफी कठिन टास्क होता है, ऐसे लोगों को घर पर रहकर ही योग के अभ्यास की सलाह दी जाती है। योग कई प्रकार की बीमारियों के जोखिम को कम करके शरीर को स्वस्थ और फिट बनाए रखने का सबसे कारगर साधन हो सकता है।

शोध से पता चला है कि योग, वजन घटाने से लेकर पीरियड्स के दर्द को कम करने, हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और सुचारू पाचन सुनिश्चित करने में आपकी मदद कर सकता है। साथ ही, योग पोज़ करने के लिए आपको वास्तव में विशेष वर्कआउट गियर या बहुत अधिक स्थान की आवश्यकता भी नहीं होती है।

योग विशेषज्ञ कहते हैं, दिनचर्या में कुछ आसान से अभ्यास को शामिल करके ओवरऑल फिटनेस  को बेहतर किया जा सकता है। आइए ऐसे ही कुछ अभ्यासों के बारे में जानते हैं जो शरीर को स्वस्थ और फिट रखने में आपके लिए लाभकारी हो सकते हैं। सभी लोगों को इनके नियमित अभ्यास की आदत बनानी चाहिए।
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नौकासन के फायदे - फोटो : istock
नौकासन योग की सभी बनाएं आदत

नौकासन योग के अभ्यास की आदत हर उम्र के लोग के लिए लाभकारी मानी जाती है। इसके लिए अपने पैरों को एक साथ जोड़कर पीठ के बल लेट जाएं। अपने हाथों को जांघों पर या जांघों के बगल में रखें। अब गहरी श्वास लेते हुए सिर और पैरों को फर्श से एक सीधी रेखा में 30 डिग्री के कोण पर उठाएं। पंजों को ऊपर की ओर रखें। यह आसन पेट की मांसपेशियों की कार्यक्षमता को बढ़ाने के साथ पाचन के लिए अच्छा है। पेट की चर्बी को कम करने और अग्नाश्य को उत्तेजित कर शुगर लेवल को ठीक रखने में भी इस अभ्यास के लाभ देखे गए हैं।
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पश्चिमोत्नासन योग से क्या होता है? - फोटो : iStock
पश्चिमोत्नासन योग का करें अभ्यास

पश्चिमोत्नासन योग का अभ्यास काफी आसान और प्रभावी माना जाता है। इसके लिए पैरों को बिल्कल सीधा रखते हुए इसे नाक से छूने की कोशिश की जाती है। पश्चिमोत्तानासन योग काल्फ और हैमस्ट्रिंग की मांसपेशियों को फैलाता है, जिससे रक्त का परिसंचरण  बेहतर होता है। यह रीढ़ को स्ट्रेच करने और तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ रखने का भी अभ्यास है। पेट के अंगों को स्वस्थ रखने और इससे अतिरिक्त फैट को कम करने में पश्चिमोत्नासन योग के नियमित अभ्यास की आदत आपके लिए विशेष लाभकारी हो सकती है। 
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प्लैंक पोज का अभ्यास - फोटो : istock
प्लैंक पोज से लाभ

प्लैंक पोज रक्त के परिसंचरण को ठीक रखने के साथ पेट के अंगों के लिए काफी कारगर माना जाता है। इस अभ्यास के लिए पेट के बल लेट जाएं और कोहनियों को कंधों के नीचे लाएं। पुश-अप पोजीशन में आ जाएं और अपने फोरआर्म्स को जमीन पर रखें। गहरी श्वास लें और अपने हाथों और पैर की उंगलियों के सहारे शरीर को फर्श से ऊपर उठाएं। इसी मुद्रा में बने रहने की कोशिश करें। यह आसन कोर को मजबूत करने का एक शानदार तरीका है। यह पेट से फैट को कम करके आपके एब्स, बट और जांघों के लिए भी कारगर माना जाता है। इस योग के अभ्यास से संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया जा सकता है।


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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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