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Yoga Tips: नहीं बन पा रही है काम में एकाग्रता? इन योगासनों के अभ्यास से पा सकते हैं लाभ

Tue, 06 Sep 2022 12:28 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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काम मे एकाग्रता न बन पाने की समस्या के कारण - फोटो : istock
क्या आप भी उन लोगों में से हैं जिनका किसी काम पर ज्यादा देर तक मन नहीं लगता है? एकाग्रता की कमी आपके काम की गुणवत्ता को भी प्रभावित कर सकती है। इस तरह की समस्याओं से बचे रहने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ नियमित रूप से योगाभ्यास करने की सलाह देते हैं। घर के काम से लेकर ऑफिस वर्क तक, गाड़ी चलाने से लेकर पढ़ाई करने तक सभी के लिए आपको एकाग्र मन की जरूरत होती है। योग के अभ्यास को मानसिक शांति और एकाग्रता को बढ़ावा देने वाला माना जाता है। अगर आप भी किसी काम पर ज्यादा देर तक ध्यान लगा पाने में असमर्थता महसूस करते हैं तो योग के अभ्यास की आदत इसमें आपके लिए सहायक हो सकती है। 

हर सुबह उठने के तुरंत बाद कुछ प्रकार के योगासनों की आदत बनाकर आप शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रख सकते हैं। अपने भीतर की ऊर्जा को चैनलाइज़ करने और शरीर के अंगों को स्वस्थ रखने में योग के अभ्यास की आदत मददगार हो सकती है। बढ़ती उम्र के साथ हमारी एकाग्रता शक्ति पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ कम उम्र से ही योगासनों के अभ्यास की सलाह देते हैं जिससे भविष्य में इस तरह की दिक्कतों से बचाया जा सके।
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शीर्षासन योग से बढ़ती है एकाग्रता शक्ति - फोटो : istock
शीर्षासन योग का अभ्यास

मस्तिष्क को शांत और स्वस्थ रखने के लिए जिन योगासनों के अभ्यास को सबसे बेहतर माना जाता रहा है, शीर्षासन का अभ्यास उसमें सबसे प्रमुख है। शरीर को कंधे पर टिकाने वाले इस अभ्यास से थायरॉइड और पैराथायरायड ग्रंथियों के कामकाज में सुधार करता है। संज्ञानात्मक कार्यक्षमता में सुधार के लिए इसकी अत्यधिक अनुशंसा की जाती है। इस योग के अभ्यास की आदत बनाकर मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के साथ एकाग्रता को ठीक रखने में मदद मिल सकती है।
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प्राणायाम योग के अभ्यास से लाभ - फोटो : Pixabay
प्राणायाम है कारगर

मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए नियमित रूप से प्राणायाम का अभ्यास करना आपको कई प्रकार के लाभ दे सकता है। इसमें भी भ्रामरी प्राणायाम के अभ्यास की आदत आपके लिए विशेष लाभकारी मानी जाती है। इस अभ्यास के दौरान मधुमक्खी के गुंजन जैसे ध्वनि होती है जिसके कंपन से न केवल एकाग्रता में सुधार होता है, बल्कि यह क्रोध, उत्तेजना, चिंता, निराशा और तनाव जैसी नकारात्मक भावनाओं को भी दूर करने में सहायक है। 
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पश्चिमोत्तानासन योग करने के लाभ - फोटो : Pixabay
पश्चिमोत्तानासन योग की बनाएं आदत

पश्चिमोत्तानासन योग का अभ्यास शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत को बेहतर बनाए रखने में आपके लिए सहायक मानी जाती है। यह रीढ़ की हड्डी को स्ट्रेच करने के साथ पीठ-कमर के दर्द को कम करने और तनाव से राहत देकर मस्तिष्क को शांत बनाए रखने में कारगर है।

पश्चिमोत्तानासन योग की आदत आपकी ध्यान और एकाग्रता में सुधार करने के साथ मस्तिष्क के कई प्रकार के विकारों को दूर करने और आंतरिक ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी सहायक मानी जाती है। नियमित इस योगाभ्यास की आदत जरूर बनाएं। 


 
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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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