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Child Health : बच्चों में बनाएं योग के नियमित अभ्यास की आदत, इससे शारीरिक-मानसिक दोनों प्रकार के स्वास्थ्य लाभ

Thu, 12 Jan 2023 11:10 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बच्चों के लिए जरूरी है योगासन - फोटो : Istock
स्वस्थ बचपन, बेहतर भविष्य की नींव मानी जाती है, बच्चों के लिए पौष्टिक आहार के साथ नियमित व्यायाम की आदत संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस प्रकार से मौजूदा समय में बढ़ रही तमाम प्रकार की गंभीर बीमारियों के लिए शारीरिक निष्क्रियता को प्रमुख कारण के तौर पर देखा जा रहा है, इससे सीख लेते हुए सभी माता-पिता को सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चे नियमित रूप से योग-व्यायाम जरूर करें। यह आदत न सिर्फ शारीरिक रूप से उन्हें सक्रिय रखने में मदद करेगी साथ ही यह आदत उन्हें भविष्य में कई बीमारियों से सुरक्षित रखने में भी सहायक होगी।

यूनाइटेड नेशंस इंटरनेशनल चिल्ड्रन इमरजेंसी फंड (यूनिसेफ) वैश्विक स्तर पर बच्चों के स्वस्थ पोषण और बेहतर भविष्य को लेकर जोर देता रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, योग के अभ्यास की आदत शारीरिक-मानसिक दोनों प्रकार के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। आइए इससे होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं।
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योग करने वाले बच्चों के सामाजिक कौशल बेहतर होता है - फोटो : Istock
बच्चों के लिए योग बहुत आवश्यक

हार्वर्ड हेल्थ की रिपोर्ट के मुताबिक स्कूली उम्र के बच्चों (6 से 12 वर्ष की आयु) में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, दोनों में सुधार के लिए योग की आदत बनानी चाहिए। बच्चों में संतुलन, शक्ति, धीरज बढ़ाने के साथ मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिमों को कम करने में योग से लाभ पाया जा सकता है।

चिंता और तनाव जैसे विकारों को कम करने के साथ भविष्य में अवसाद के खतरे से बचाने में भी नियमित योग को फायदेमंद पाया गया है। शोधकर्ता बताते हैं कि रोजाना योग करने वाले बच्चों के सामाजिक कौशल, आत्मविश्वास में भी बेहतरी देखी गई है।

दिनचर्या में कई प्रकार के आसनों को शामिल किया जाना चाहिए।
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प्राणायाम से सेहत को होने वाले लाभ - फोटो : iStock
प्राणायाम विशेष लाभाकारी

बच्चों के लिए प्राणायाम के अभ्यास की आदत बहुत फायदेमंद हो सकती है। कपालभाति सबसे महत्वपूर्ण प्राणायाम आसन है, यह संपूर्ण शरीर के लिए फायदेमंद है। पाचन तंत्र को ठीक रखने से लेकर, फेफड़ों को मजबूत बनाने, फोकस और याददाश्त में सुधार करने के लिए रोजाना इस योगासन को किया जा सकता है।

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प्राणायाम से होने वाले स्वास्थ्य लाभ - फोटो : istock
अनुलोम-विलोम का अभ्यास

इसी तरह अनुलोम-विलोम का अभ्यास भी बच्चों के लिए जरूरी है। यह फोकस और फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने, पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की पूर्ति और हैप्पी हार्मोन रिलीज करने में सहायक है। प्राणायाम के अभ्यास प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती देते हैं। 
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सुखासन योग से होने वाले स्वास्थ्य लाभ - फोटो : iStock
सुखसान है फायदेमंद

सुखासन योग बच्चों के लिए आसान और विशेष लाभप्रद हो सकता है। यह आसान सही तरीके से बैठने की मुद्रा है जिसमें पैरों को क्रॉस करके सीधे बैठना होता है। शरीर को आराम देने में मदद करने के साथ, बॉडी पॉश्चर को ठीक रखने, फोकस में सुधार करने, पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करने और लचीलेपन को बढ़ावा देने में इससे मदद मिल सकती है। मानसिक एकाग्रता के लिए नियमित रूप से इस योगाभ्यास के लाभ हो सकते हैं। 
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वृक्षासन योग के अभ्यास से लाभ - फोटो : istock
वृक्षासन का अभ्यास

वृक्षासन या ट्री पोज को बच्चों के लिए सबसे अच्छे योग पोज में से एक माना जाता है। बच्चों की ऊंचाई बढ़ाने, रक्त के संचार को ठीक रखने और शारीरिक विकास के लिए इस अभ्यास के लाभ हो सकते हैं। यह योगाभ्यास रचनात्मकता लाता है और संतुलन में सुधार करता है।

शरीर की मुद्रा में गड़बड़ी के कारण होने वाली समस्याओं को कम करने और पैरों, कूल्हों, ग्लूट्स और कोर की मांसपेशियों को मजबूत करने में भी इस योग के लाभ हैं। 


 
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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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