फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yoga Tips: सर्दियों के मौसम में ट्रिगर हो सकती है अस्थमा-सांस की दिक्कत, जानिए कौन से योग से मिलेगा लाभ

Fri, 23 Dec 2022 11:40 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 4
सांस की समस्याओं मे कौन से योग करें? - फोटो : Pixabay
ठंड के मौसम में सेहत को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता होती है, तापमान गिरने के कारण कई प्रकार की दिक्कतों के ट्रिगर होने का जोखिम रहता है। इस मौसम में अस्थमा और सांस की समस्याओं से परेशान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।  स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अस्थमा के मरीजों के लिए सर्दी का मौसम मुश्किल समय वाला हो सकता है। ठंडी, शुष्क हवा और मौसम में अचानक बदलाव आपके वायुमार्ग के लिए समस्याओं को बढ़ा देती है, जिससे अधिक बलगम पैदा हो सकता हैं। जिन लोगों को पहले से ही अस्थमा जैसी सांस की बीमारियां हैं उनको और भी अलर्ट रहना चाहिए।

डॉक्टर कहते हैं, अस्थमा ट्रिगर होने पर सांस लेने में कठिनाई महसूस होने लगती है, ऐसे में इसकी दवाइयों और ट्रिगर होने से बचाने वाले उपाय करते रहना बहुत आवश्यक है। दिनचर्या में कुछ प्रकार के योगासनों को शामिल करके अस्थमा और सांस की अन्य जटिलताओं को कम किया जा सकता है।

सभी लोगों को दिनचर्या में योगाभ्यासों को जरूर शामिल करना चाहिए, ये आपको गंभीर जटिलताओं से बचाने में मददगार होंगी।
विज्ञापन

2 of 4
अस्थमा के रोगी सर्दियों में बरतें विशेष सावधानी - फोटो : Pixabay
अस्थमा से बचाव के लिए क्या करें?

श्वसन रोग विशेषज्ञ बताते हैं, यदि आपको अस्थमा की दिक्कत है तो इसे ट्रिगर होने से बचाने के लिए दवाइयों के साथ जीवनशैली को ठीक रखना भी आवश्यक है। सर्दियों के मौसम में शुष्क हवा के कारण यह खतरा बढ़ सकता है। अस्थमा से बचाव के लिए धूम्रपान छोड़ें और बाहर जाते समय मास्क पहनें। ठंड के मौसम में हीटर के सामने भी बहुत देर बैठने से भी सांस की दिक्कतें बढ़ सकती हैं, इसलिए बचाव पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। कुछ प्रकार के योगासनों के अभ्यास अस्थमा की जटिलताओं से बचाने में आपके लिए मददगार हो सकते हैं।
विज्ञापन

3 of 4
सांस की समस्याओं को दूर करने वाले अभ्यास - फोटो : iStock
प्राणायाम से मिल सकता है लाभ

योग विशेषज्ञ कहते हैं, योगासन विशेषकर प्राणायाम के अभ्यास से अस्थमा की समस्या में लाभ पाया जा सकता है। वायुमार्ग को साफ करने और सांस की जटिलताओं को कम करने के लिए कपालभाति और भस्त्रिका प्राणायाम किया जाता है। ये अभ्यास आपके फेफड़ों की ताकत और सहनशक्ति को बढ़ाने में मददगार हैं। श्वसन विकारों में प्राणायाम का अभ्यास विशेष लाभकारी माना जाता है।
विज्ञापन

4 of 4
भुजंगासन योग से होने वाले लाभ - फोटो : Istock
भुजंगासन और सेतुबंधासन के फायदे

अस्थमा और सांस की समस्या के जोखिम को कम करने के लिए भुजंगासन और सेतुबंधासन का अभ्यास भी लाभकारी हो सकता है। भुजंगासन अभ्यास फेफड़ों को स्ट्रेच करके वायुमार्ग को खोलने में मदद करता है जिससे शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है, वहीं सेतुबंधासन योग से फेफड़ों की सहनशक्ति को बढ़ाने में मदद मिलती है। ये दोनों अभ्यास सांस की समस्याओं के जोखिम को कम कर सकते हैं। हालांकि इनके अभ्यास से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।




------------------
नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें