फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yoga Tips: इन आसनों से दूर कर सकते हैं लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के कारण होने वाली दिक्कतें, रोजाना करें अभ्यास

Fri, 13 Jan 2023 10:46 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 4
नियमित रूप से योग के अभ्यास से होने वाले लाभ - फोटो : Istock
लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के कारण कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। विशेष रूप से शारीरिक निष्क्रियता, हड्डियों, मांसपेशियों से लेकर तंत्रिकाओं को प्रभावित करने लगती है, जिसके कारण शरीर के अंगों में दर्द और कई प्रकार की क्रोनिक स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा रहता है। हृदय रोग, डायबिटीज और मोटापे की समस्या के लिए भी लाइफस्टाइल में गड़बड़ी को प्रमुख कारण माना जाता है।

सेंडेंटरी लाइफस्टाइल के जोखिमों को कम करने के लिए नियमित रूप से योगासनों की आदत बनाना फायदेमंद हो सकता है। योग, शरीर और मन दोनों को स्वस्थ और फिट रखने के साथ अंगों और मांसपेशियों को सक्रिय बनाए रखने में मदद करते हैं।

आइए जानते हैं कि लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के कारण होने वाली समस्याओं को किस प्रकार से दूर किया जा सकता है?
विज्ञापन

2 of 4
भुजंगासन योग से होने वाले लाभ - फोटो : Istock
कोबरा पोज योग से दूर होता है दर्द

कोबरा पोज यानी कि भुजंगासन का अभ्यास सिर से लेकर पैरों तक की मांसपेशियों के लिए कारगर अभ्यास है। कमर और पीठ के दर्द की समस्या वाले लोगों के लिए कोबरा पोज योग के अभ्यास की आदत विशेष लाभप्रद हो सकती है। इससे  सिरदर्द को ठीक करने, नसों को आराम देकर मन को शांत करने और तनाव की समस्या को कम करने में भी लाभ पाया जा सकता है।
विज्ञापन

3 of 4
शरीर की स्ट्रेचिंग के लिए कौन से योग करें? - फोटो : istock
हलासन योग का करें अभ्यास

सेंडेंटरी लाइफस्टाइल के कारण बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करने में हलासन योग जिसे प्लो पोज के रूप में जाना जाता है उसका अभ्यास करना शरीर के लिए लाभकारी हो सकता है। तनाव और अनिद्रा जैसी तेजी से बढ़ती समस्याओं के जोखिम को कम करने में  हलासन योग का अभ्यास आपके लिए मददगार हो सकता है। 
विज्ञापन

4 of 4
चाइल्ड पोज योग से होने वाले फायदे - फोटो : Pixabay
बालासन योग से मिलता है लाभ

बालासन योग (चाइल्ड पोज) का अभ्यास शरीर को आराम देने और मांसपेशियों पर बढ़ रहे अतिरिक्त तनाव को कम करने में आपके लिए विशेष लाभप्रद है। इस योग के अभ्यास के दौरान पेट को धीरे से संकुचित करके पाचन को ठीक रखने और पीठ के अभ्यास से रक्त परिसंचरण को सुधारने में मदद मिल सकती है। 


-----------------
नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें