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Yoga Tips: व्यस्तता के कारण व्यायाम का नहीं मिलता समय? तो पांच मिनट के इन योगासनों का करें अभ्यास

Fri, 02 Sep 2022 01:07 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नियमित योगासन करने की बनाएं आदत - फोटो : istock
तेजी से दौड़ती भागती इस जिंदगी में ज्यादातर लोगों के लिए नियमित रूप से व्यायाम के लिए समय निकाल पाना काफी कठिन होता है। वहीं व्यायाम की कमी और दिनभर ऑफिस में बैठे रहने की आदत, सेंडेंटरी लाइफस्टाइल के जोखिम को बढ़ाने वाली मानी जाती है।  सेंडेंटरी लाइफस्टाइल के कारण लोगों में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। व्यायाम के लिए समय न निकाल पाने और इस तरह के स्वास्थ्य जोखिमों से बचे रहने के लिए दिनचर्या में कुछ योगासनों के शामिल करना आपके लिए मददगार हो सकती है। योगासनों को कम समय में आसानी से करके स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

योग विशेषज्ञ बताते हैं, कुछ आसान से योगासनों को 15-20 मिनट के समय में  घर पर रहकर किया जा सकता है। ये अभ्यास शारीरिक निष्क्रियता के जोखिम को कम करने के साथ शरीर को कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ दे सकते हैं।

शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत के लिए योगासनों को विशेषज्ञ काफी लाभकारी मानते हैं। यदि आप भी उन लोगों में से हैं जो समय की कमी के कारण व्यायाम नहीं कर पा रहे हैं, उनके लिए योगासनों को दिनचर्या में शामिल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। आइए ऐसे ही कुछ योगाभ्यास के बारे में जानते हैं जिनसे कम समय में भी कई प्रकार के लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं।
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प्राणायाम के अभ्यास की आदत - फोटो : Pixabay
प्राणायाम के अभ्यास की बनाएं आदत

प्राणायाम का अभ्यास कम समय में घर पर ही आसानी से किया जा सकता है। मानसिक स्वास्थ्य के लिए इसे बेहद कारगर अभ्यास के तौर पर जाना जाता है। साल 2013 में किए गए एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि प्राणायाम के नियमित अभ्यास की आदत ने वयस्कों में  तनाव के स्तर को कम किया। इसके अलावा प्राणायाम नींद की गुणवत्ता में सुधार करने, उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने, फेफड़ों के कार्य में सुधार करने और बौद्धिक क्षमता को बढ़ावा देने में सहायक है।
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शीर्षासन योग करने के लाभ - फोटो : iStock
शीर्षासन के लाभ

शीर्षासन योग का अभ्यास संपूर्ण शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है। हेड स्टैंड के नाम से प्रचलित यह योगासन कंधों और बाहों को मजबूती देने के साथ पैरों, टखनों और घुटनों में द्रव निर्माण को कम करता है। सेंडेंटरी लाइफ के कारण गठिया जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है, इस योग के अभ्यास की आदत आपको इन समस्याओं से सुरक्षित रखने में मदद करती है। शीर्षासन योग का अभ्यास तनाव को दूर करने के साथ फोकस बढ़ाने और सिर में रक्त के प्रवाह को बढ़ाने में सहायक है जिससे मस्तिष्क स्वस्थ रहता है। रोजाना 5-10 मिनट इस अभ्यास को किया जा सकता है।
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भुजंगासन योग करने के लाभ - फोटो : Istock
भुजंगासन योग का अभ्यास

भुजंगासन योग को कोबारा पोज के रूप में भी जाना जाता है, इस योग के अभ्यास की आदत कमर-पीठ में होने वाले दर्द की समस्या से राहत दिलाने में मदद कर सकती है। रीढ़ को मजबूती देने के साथ छाती और फेफड़ों, कंधों और पेट के अंगों की बेहतर स्ट्रेचिंग करने में भी इस योग के अभ्यास को लाभकारी माना जाता है। तनाव और थकान को दूर करने और अस्थमा जैसी समस्याओं के लक्षणों को कम करने में भी इस योग के अभ्यास के लाभ हैं। भुजंगासन योग का रोजाना 10 मिनट तक अभ्यास कर सकते हैं।



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नोट:
यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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