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Yoga After Overeating: अधिक खाने के बाद तुरंत करें ये 5 योगासन, मिनटों में मिलेगा हल्कापन और बेहतर पाचन

Thu, 27 Aug 2026 03:44 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Yoga For Digestion Improving: अधिक खाने के बाद वज्रासन, पवनमुक्तासन, मार्जरी-बितिलासन (कैट-काऊ), बालासन और सुप्त मत्स्येन्द्रासन जैसे योगासन पाचन को बेहतर बनाने, गैस और ब्लोटिंग कम करने तथा पेट में आराम देने में मदद कर सकते हैं। हालांकि भारी भोजन के तुरंत बाद केवल वज्रासन करना सुरक्षित माना जाता है, जबकि अन्य आसन 2-3 घंटे बाद करने चाहिए।
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ज्यादा खाने के बाद कौन सा योग करें - फोटो : AI

Digestion Yoga: त्योहारों, शादी-पार्टी, वीकेंड डिनर या किसी खास मौके पर अक्सर लोग जरूरत से ज्यादा खाना खा लेते हैं। इसका परिणाम पेट भारी होना, गैस, अपच, ब्लोटिंग, आलस और बेचैनी के रूप में सामने आता है। कई लोग राहत पाने के लिए तुरंत दवाइयों का सहारा लेते हैं, जबकि कुछ आसान योगासन भी पाचन तंत्र को सक्रिय रखने में मदद कर सकते हैं।

योग केवल शरीर को लचीला बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाने, तनाव कम करने और पेट की मांसपेशियों को आराम देने में भी सहायक माना जाता है। हालांकि यह समझना जरूरी है कि भारी भोजन के तुरंत बाद सभी योगासन नहीं करने चाहिए। भोजन के तुरंत बाद केवल वज्रासन अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है, जबकि अन्य आसनों का अभ्यास तब करना बेहतर होता है जब भोजन को पचने के लिए पर्याप्त समय यानी लगभग 2-3 घंटे मिल चुका हो।

यदि अधिक खाने के बाद सही समय पर उचित योगाभ्यास किया जाए और साथ में पर्याप्त पानी, हल्की वॉक तथा संतुलित भोजन की आदत अपनाई जाए, तो पाचन संबंधी परेशानियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं ऐसे 5 प्रभावी योगासन जो पेट को हल्का महसूस कराने और पाचन बेहतर रखने में मदद कर सकते हैं।

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Vajrasana - फोटो : pexel

वज्रासन

  • यह भोजन के तुरंत बाद किया जाने वाला सबसे सुरक्षित योगासन है।
  • यदि आपने जरूरत से ज्यादा भोजन कर लिया है तो सबसे पहले वज्रासन करें।
  • यह उन चुनिंदा योगासनों में शामिल है जिन्हें भोजन के तुरंत बाद भी किया जा सकता है।
  • इसमें बैठने से पेट के आसपास रक्त प्रवाह बेहतर होता है और पाचन क्रिया को सहयोग मिल सकता है।
  • लगभग 5-10 मिनट तक वज्रासन में बैठना गैस, एसिडिटी और पेट भारी होने की समस्या में आराम दिलाने में मददगार हो सकता है।
  • जिन लोगों के घुटनों में गंभीर दर्द है, वे विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही इसका अभ्यास करें।
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पवनमुक्तासन - फोटो : Freepik

पवनमुक्तासन

  • पवनमुक्तासन गैस और ब्लोटिंग से राहत पाने में सहायक है।
  • जब भोजन पचने के लिए पर्याप्त समय बीत जाए, तब पवनमुक्तासन किया जा सकता है।
  • यह आसन पेट में फंसी गैस बाहर निकालने में सहायक है।
  • इससे पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करने और आंतों की हलचल को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
  • पवनमुक्तासन से ब्लोटिंग और अपच जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है।
  • भोजन के तुरंत बाद इसे नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे असहजता बढ़ सकती है।

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कंधे का दर्द (मार्जरीआसन) - फोटो : Adobe Stock

मार्जरी-बितिलासन

  • यह पाचन तंत्र को सक्रिय रखने वाला आसान योग है।
  • कैट-काऊ योगासन रीढ़ की लचक बढ़ाने के साथ-साथ पेट के अंगों की हल्की मालिश जैसा प्रभाव देता है।
  • इससे पाचन तंत्र सक्रिय हो सकता है और कब्ज या भारीपन जैसी समस्याओं में लाभ मिल सकता है।
  • इस आसन को हमेशा खाली पेट या भोजन के कम से कम 2-3 घंटे बाद करना चाहिए।
  • धीरे-धीरे सांस लेते और छोड़ते हुए इसका अभ्यास करना अधिक लाभदायक माना जाता है।
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बालासन - फोटो : istock

बालासन

  • यह पेट और शरीर को आराम देने वाला योगासन है।
  • अधिक खाने के बाद शरीर में आलस और थकान महसूस होना सामान्य है।
  • भोजन पचने के बाद बालासन का अभ्यास करने से शरीर और मन दोनों को आराम मिल सकता है।
  • यह तनाव कम करने, गहरी सांस लेने और शरीर को रिलैक्स करने में मदद करता है।
  • तनाव कम होने से अप्रत्यक्ष रूप से पाचन क्रिया पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
  • यदि घुटनों में गंभीर समस्या हो तो इसे सावधानी से करें।
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मत्स्येन्द्रासन - फोटो : Freepik

सुप्त मत्स्येन्द्रासन

  • यह आसन पाचन और रीढ़ दोनों के लिए लाभकारी है।
  • यह ट्विस्टिंग योगासन पेट के आसपास हल्का खिंचाव पैदा करता है, जिससे पाचन अंगों की सक्रियता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
  • साथ ही यह कमर और रीढ़ को भी आराम देता है।
  • ध्यान रखें कि इसे कभी भी भारी भोजन के तुरंत बाद न करें।
  • भोजन के 2-3 घंटे बाद ही इसका अभ्यास करना उचित रहता है।
  • धीरे-धीरे और बिना जोर लगाए इस आसन को करना चाहिए।
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