विश्व योग दिवस 2020:
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हठ योग
'हठ' शब्द का प्रयोग जिद या जबरदस्ती के लिए किया जाता है। लेकिन योग से जुड़कर इसका रूप आध्यात्मिक हो जाता है। 'हठ' शब्द का योग में बहुत ही गूढ़ अर्थ है। 'ह' अक्षर से तात्पर्य दाएं नासिका स्वर से लिया जाता है और 'ठ' से ठकार यानी की बाएं नासिका स्वर से लिया जाता है। इन दोनों के योग से बना है शब्द हठ। जिसमें मध्य स्वर या सुषुम्ना नाड़ी का आवागमन होता है। जिसे करने से कुंडलिनी शक्ति और चक्र जागृत होते हैं।
हठ योग करने वाले ज्यादातर शैव संप्रदाय के होते थे और ये दुनिया से विरक्ति का मार्ग बताते थे। हठ योग में भी कई अंगों का जिक्र है। जिनमें षट्कर्म, आसन, मुद्रा, प्रत्याहार, प्राणायाम, ध्यान और समाधि शामिल हैं।