मानसिक स्वास्थ्य की बढ़ती समस्याओं के जोखिम को कम करने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को दिनचर्या में योगासनों को शामिल करने की सलाह देते हैं। योगासनों के अभ्यास की आदत मानसिक स्वास्थ्य विकारों को कम करने के साथ नकारात्मकता को दूर करने और चिंता-तनाव जैसी समस्याओं के जोखिम को कम करने वाला माना जाता है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया है कि योग, विशेषकर प्राणायाम के अभ्यास की आदत बनाकर मन को शांत रखने और चिंता-तनाव जैसे विकारों के जोखिम को कम करने में विशेष लाभ पाया जा सकता है। प्राणायाम तंत्रिका तंत्र को आराम देने के साथ हार्मोन्स के रिलीज को व्यवस्थित करने और तमाम प्रकार के विकारों के जोखिम को कम करने में कारगर हो सकते हैं।
वैश्विक स्तर पर बढ़ रही मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में लोगों को जागरूक करने और इस बढ़ते खतरे को कम करने के लिए हर साल 10 अक्तूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इस बढ़ते खतरे से बचाव के लिए कम उम्र से ही दिनचर्या में योगाभ्यास की आदत बनानी चाहिए, ये न सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने में सहायक हैं साथ ही बौद्धिक विकास को बढ़ावा देने और नकारात्मकता को दूर करके आत्मविश्वास को बनान में भी इससे लाभ मिल सकता है।
आइए जानते हैं कि किन प्राणायामों के अभ्यास की आदत संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में आपके लिए मददगार हो सकती है?