चिंता-तनाव जैसी मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं मौजूदा समय की बड़ी चुनौतियों में से एक है। आमौतर पर इस तरह की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जाता है जिसके कारण यह आगे चलकर अवसाद जैसा गंभीर रूप ले सकती हैं। मानसिक स्वास्थ्य विकार, शारीरिक समस्याओं का भी कारण बन सकते हैं जिसके बारे में सभी लोगों को गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता होती है।
चिंता-तनाव जैसे विकार कई कारणों से हो सकते हैं, इनपर समय रहते ध्यान देकर प्रबंधन के उपाय करना बहुत आवश्यक हो जाता है। वैश्विक स्तर पर बढ़ रही मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में लोगों को जागरूक करने और इस बढ़ते खतरे को कम करने के लिए हर साल 10 अक्तूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है।
योग विशेषज्ञ कहते हैं, मानसिक स्वास्थ्य विकारों के जोखिम को कम करने और चिंता-अवसाद जैसी समस्याओं से बचे रहने के लिए सभी लोगों को दिनचर्या में योगासनों को शामिल करना चाहिए। योग के अभ्यास की आदत ध्यान केंद्रित करने, नकारात्मक विचारों को दूर करने, समग्र मनोदशा में सुधार करने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने में आपके लिए सहायक हो सकता है। अवसाद जैसी गंभीर समस्याओं के लक्षणों को कम करने में भी योग के नियमित अभ्यास से लाभ पाया जा सकता है। आइए जानते हैं कि नियमित रूप से योग के अभ्यास से किस प्रकार से मानसिक स्वास्थ्य को लाभ मिल सकता है, इसके लिए किन आसनों का अभ्यास करना कारगर माना जाता है?