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Mental Health Day: चिंता-तनाव जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं में नियमित योग से मिलता है लाभ, ये आसन हैं कारगर

Mon, 10 Oct 2022 12:05 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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चिंता-तनाव की समस्या को कैसे कम करें? - फोटो : istock
चिंता-तनाव जैसी मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं मौजूदा समय की बड़ी चुनौतियों में से एक है। आमौतर पर इस तरह की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जाता है जिसके कारण यह आगे चलकर अवसाद जैसा गंभीर रूप ले सकती हैं। मानसिक स्वास्थ्य विकार, शारीरिक समस्याओं का भी कारण बन सकते हैं जिसके बारे में सभी लोगों को गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता होती है।

चिंता-तनाव जैसे विकार कई कारणों से हो सकते हैं, इनपर समय रहते ध्यान देकर प्रबंधन के उपाय करना बहुत आवश्यक हो जाता है। वैश्विक स्तर पर बढ़ रही मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में लोगों को जागरूक करने और इस बढ़ते खतरे को कम करने के लिए हर साल 10 अक्तूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है।

योग विशेषज्ञ कहते हैं, मानसिक स्वास्थ्य विकारों के जोखिम को कम करने और चिंता-अवसाद जैसी समस्याओं से बचे रहने के लिए सभी लोगों को दिनचर्या में योगासनों को शामिल करना चाहिए। योग के अभ्यास की आदत ध्यान केंद्रित करने, नकारात्मक विचारों को दूर करने, समग्र मनोदशा में सुधार करने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने में आपके लिए सहायक हो सकता है। अवसाद जैसी गंभीर समस्याओं के लक्षणों को कम करने में भी योग के नियमित अभ्यास से लाभ पाया जा सकता है। आइए जानते हैं कि नियमित रूप से योग के अभ्यास से किस प्रकार से मानसिक स्वास्थ्य को लाभ मिल सकता है, इसके लिए किन आसनों का अभ्यास करना कारगर माना जाता है?
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मानसिक स्वास्थ्य के लिए अभ्यास - फोटो : istock
मानसिक स्वास्थ्य के लिए प्राणायाम का अभ्यास

अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं में नियमित रूप से योगासनों, विशेषकर प्राणायाम के अभ्यास से विशेष लाभ मिल सकता है। साल 2013 के एक अध्ययन में पाया गया कि प्राणायाम के अभ्यास से तनाव के स्तर को कम किया जा सकता है। शोधकर्ताओं ने बताया कि प्राणायाम तंत्रिका तंत्र को शांत करने के साथ आपकी तनाव प्रतिक्रिया में सुधार करता है। 2013 के एक अन्य अध्ययन में भी इसी तरह के लाभ देखने को मिले। जिन लोगों ने प्राणायाम का अभ्यास किया, उन्होंने चिंता-घबराहट का अनुभव कम किया।
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वृक्षासन योग के लाभ - फोटो : istock
वृक्षासन से बेहतर होती है मानसिक स्वास्थ्य स्थिति

वृक्षासन योग जिसे ट्री पोज के रूप में जाना जाता है इसके अभ्यास की आदत बनाना भी संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने में आपके लिए सहायक है। मन को शांत करने और हृदय गति को नियंत्रित रखने में भी इस योग के अभ्यास के लाभ देखे गए हैं। यह आत्मविश्वास के स्तर को बढ़ाने में भी मदद करता है। वृक्षासन योग मस्तिष्क के संतुलन को बढ़ाने, काल्फ, जांघों और ग्लूट्स को ताकतवर बनाने, कूल्हे, कमर और पेल्विक के लचीलेपन में भी सुधार करता है।
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मत्स्यासन योग से क्या लाभ होता है? - फोटो : iStock
मत्स्यासन योग का करें अभ्यास

मत्स्यासन योग जिसे फिश पोज के रूप में जाना जाता है, यह योगासन भी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करने में लाभकारी मानी जाती है। यह आसन छाती के विस्तार के साथ ऑक्सीजन के संचार को बढ़ावा देने में भी सहायक है। इससे हृदय चक्र में भी लाभ होता है, जो आपके शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य में कई प्रकार के लाभ दे सकता है। शारीरिक समन्वय और एकाग्रता को बेहतर बनाए रखने के लिए भी मत्स्यासन योग के अभ्यास की आदत बनाना आपके लिए लाभकारी हो सकता है। 


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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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