फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

World Brain Tumor Day 2025: ब्रेन ट्यूमर के खतरे को कम कर सकते हैं ये तीन योगासन

Fri, 06 Jun 2025 09:36 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

World Brain Tumor Day 2025  योग, खासकर कुछ विशेष आसन मस्तिष्क को शांत करने, तंत्रिका तंत्र को मजबूत करने और शरीर में रक्त संचार को बेहतर करने में मदद करते हैं, जिससे ब्रेन ट्यूमर जैसी बीमारियों के खतरे को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।
विज्ञापन
1 of 5
मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए योग - फोटो : Freepik.com
World Brain Tumor Day 2025 : हर साल विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस 8 जून को मनाया जाता है। मस्तिष्क या उसके आसपास की कोशिकाओं में अनियंत्रित वृद्धि ब्रेन ट्यूमर का कारण बनती है। एक रिपोर्ट के अनुसार दुनियाभर में 10 लाख से अधिक लोग ब्रेन ट्यूमर के साथ जी रहे हैं। ब्रेन ट्यूमर के बढ़ते वैश्विक जोखिमों के बारे में लोगों को जागरूक करने और बचाव को लेकर शिक्षित करने के उद्देश्य से हर साल ब्रेन ट्यूमर डे को वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है। 

समय रहते सावधानी और स्वास्थ्य की देखभाल से इस बीमारी के खतरे को कम किया जा सकता है। योग, खासकर कुछ विशेष आसन मस्तिष्क को शांत करने, तंत्रिका तंत्र को मजबूत करने और शरीर में रक्त संचार को बेहतर करने में मदद करते हैं, जिससे ब्रेन ट्यूमर जैसी बीमारियों के खतरे को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। इस लेख में उन असरदार योगासनों के बारे में बताया जा रहा है जो ब्रेन ट्यूमर के खतरे को कम करने के साथ ही मस्तिष्क को सेहतमंद रखने में मदद करते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
प्राणायाम - फोटो : Freepik.com
प्राणायाम

प्राणायाम दिमाग को स्वस्थ रखता है। इसमें विशेषकर अनुलोम-विलोम, भ्रामरी प्राणायाम और कपालभाति प्राणायाम अभ्यास मस्तिष्क की कोशिकाओं को शुद्ध ऑक्सीजन पहुंचाने में सहायक हैं। यह तनाव को कम कर मानसिक शांति देते हैं। तंत्रिका तंत्र को संतुलित करते हैं, जिससे ब्रेन की फंक्शनिंग बेहतर होती है। भ्रमण प्राणायाम का अभ्यास भी कर सकते हैं, जिससे नकारात्मक भावनाएं जैसे क्रोध, झुंझलाहट, निराशा और चिंता से मुक्ति मिल सकती है। वहीं एकाग्रता, स्मृति और आत्म विश्वास में बढ़ावा होता है।
विज्ञापन

3 of 5
शीर्षासन - फोटो : freepik.com
शीर्षासन 

यह योगासन मस्तिष्क तक रक्त प्रवाह को बढ़ाता है, जिससे दिमाग को ज्यादा ऑक्सीजन मिलती है। शीर्षासन ध्यान और एकाग्रता को बेहतर करता है। साथ ही तनाव और चिंता को कम करने में सहायक है। ध्यान रखें कि यह आसन प्रशिक्षक की देखरेख में ही करें, खासकर यदि आपको ब्लड प्रेशर या सर्वाइकल की समस्या है।
 

4 of 5
ताड़ासन - फोटो : Amar ujala
ताड़ासन

इस आसन के नियमित अभ्यास से शरीर की मांसपेशियां लचीली होती हैं। आसन के अभ्यास के दौरान गहरी सांस लेने की वजह से फेफड़ों में फैलाव आता है, जिससे इसकी सफाई होती है। इस आसान को करने से एकाग्रता बनी रहती है और श्वास संतुलित रहती है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
हास्य योग - फोटो : Freepik
नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें