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Yoga Tips: तंत्रिकाओं और मस्तिष्क के लिए उज्जायी प्राणायाम के विशेष लाभ, जानिए इसका तरीका और सावधानियां

Thu, 15 Dec 2022 12:18 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नियमित प्राणायाम के अभ्यास से लाभ - फोटो : Pixabay
प्राणायाम का शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार के स्वास्थ्य लाभ के लिए वर्षों से अभ्यास किया जाता रहा है। योग का यह अभ्यास न सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है साथ ही कई प्रकार की बीमारियों के जोखिमों को कम करने में भी इससे लाभ प्राप्त किया जा सकता है। योग विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को दिनचर्या में उज्जायी प्राणायाम अभ्यास को जरूर शामिल करना चाहिए, इससे संपूर्ण शरीर को कई प्रकार के लाभ मिल सकते हैं। मस्तिष्क और तंत्रिकाओं को आराम देने के साथ मानसिक स्वास्थ्य विकारों के जोखिम को कम करने और शरीर को स्वस्थ रखने में इसके अभ्यास से फायदा पाया जा सकता है।

योग विशेषज्ञ कहते हैं, सभी उम्र के लोग प्राणायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाकर लाभ पा सकते हैं। इस प्राणायाम को ओसियन ब्रीदिंग के नाम से भी जाना जाता है। यह प्राणायाम मन को शांत करने और तीनों दोषों को संतुलित करने वाला माना जाता है।

आइए जानते हैं कि इसका अभ्यास कैसे किया जाता है और इससे किस प्रकार के लाभ हो सकते हैं?
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प्राणायाम के तरीकों के बारे में जानिए - फोटो : istock
उज्जायी प्राणायाम करने की विधि

प्राणायाम के अभ्यास के दौरान मन को शांत रखना आवश्यक माना जाता है। इस अभ्यास के लिए शांत जगह सुखासन की मुद्रा में बैठ जाएं। अब गहरी सांस लेते हुए फेफड़ों में जा रही हवा को महसूस करें। प्राणायाम के दौरान सारा ध्यान सांसों की प्रक्रिया पर रहना चाहिए। अपनी सांसों से आने वाली ध्वनि को महसूस करने की कोशिश करें और अपने मन को शांत रखें। शुरुआत में यह प्राणयाम कम से कम 5 मिनट तक करें समय के साथ इसकी सीमा को बढ़ा सकते हैं।
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प्राणायाम से शारीरिक मानसिक स्वास्थ्य लाभ - फोटो : Pixabay
उज्जायी प्राणायाम से होने वाले लाभ

नियमित रूप से उज्जायी प्राणायाम का अभ्यास करना आपको कई प्रकार के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ दे सकता है। 
  • यह नाड़ियों (शरीर के सूक्ष्म नाड़ियों) को साफ और तरोताजा करता है।
  • मन-शरीर को प्राण (महत्वपूर्ण जीवन शक्ति) से भर देता है।
  • मानसिक स्पष्टता और फोकस को बढ़ावा देता है।
  • याददाश्त में सुधार करने वाला अभ्यास है।
  • इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है।
  • त्वचा की रंगत सुधारता है।
  • तंत्रिका तंत्र को शांत करने में मददगार अभ्यास है।
  • रक्तचाप को नियंत्रित करता है जिससे हृदय स्वास्थ्य को लाभ मिलता है।
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सभी को करना चाहिए प्राणायाम - फोटो : istock
उज्जायी प्राणायाम की सावधानियां

उज्जायी प्राणायाम के वैसे तो शारीरिक और मानसिक रूप से कई प्रकार के लाभ हैं, पर कुछ स्थितियों में इसको न करने की सलाह दी जाती है। योग विशेषज्ञ कहते हैं, जिन लोगों को हृदय रोगों की दिक्कत है या हार्ट अटैक का चुका है उन्हें इस प्राणायाम को नहीं करना चाहिए। किसी भी प्राणायाम को हमेशा खाली पेट करना ज्यादा बेहतर माना जाता है। योग के बारे में जानने के लिए विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें।



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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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