चक्रासन या उर्ध्व धनुरासन योग का अभ्यास शरीर की कई बड़ी मांसपेशियों के साथ जांघों, पेट और बाहों को टोन करने में मदद करता है। जिन लोगों को शरीर की मुद्रा में गड़बड़ी के कारण स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं, ऐसे लोगों के लिए इस योगाभ्यास का नियमित अभ्यास करना विशेष लाभप्रद हो सकता है। चक्रासन योग पैरों से लेकर सिर तक के सभी अंगों के लिए कारगर हो सकता है। इसका शरीर के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभ देखा गया है, चिंता-तनाव की समस्याओं से परेशान लोग भी इस योग के नियमित अभ्यास की आदत बनाकर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
चक्रासन योग का नाम संस्कृत के शब्दों, चक्र या पहिया से लिया गया है, इस आसन के दौरान शरीर की स्थिति चक्र के आकार की हो जाती है। विशेषज्ञ बताते हैं, जिन लोगों के दिन का ज्यादातर समय ऑफिस में बैठे-बैठे निकल जाता है वह चक्रासन योग का अभ्यास करके कई तरह के दुषप्रभावों से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।
यह रक्त के संचार को व्यवस्थित बनाए रखने वाला अभ्यास है, जिससे अंगों को स्वस्थ रखने और दर्द को कम करने में सहायता मिल सकती है।