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आज का योग: कोविड से कर रहे हैं रिकवरी तो इन योगासनों से मिल सकती है आपको मदद, दिनचर्या में जरूर शामिल करें

Wed, 30 Mar 2022 11:42 AM IST
शिवानी अवस्थी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना रिकवरी के लिए योग - फोटो : iStock
दुनियाभर में कोरोना वायरस का असर देखने को मिला। कोविड लहर में डेल्टा, ओमिक्रॉन समेत कई वैरिएंट की चपेट में कई लोग आ गए। कोविड वैरिएंट पर हुए अध्ययनों में पता चला कि ओमिक्रॉन के लक्षण डेल्टा की तुलना में हल्के स्तर के हैं। लेकिन कोरोना के किसी भी वैरिएंट से संक्रमित होने वाले संक्रमण को हल्के में न लें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, जो लोग संक्रमित हो चुके हैं, उन्हें अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। कोविड से रिकवरी कर रहे मरीजों को अपने आहार पर भी ध्यान देना चाहिए। वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, कोरोना से संक्रमित हो चुके लोगों को रिकवरी के दौरान योगासन को भी अपनी जीवनशैली में शामिल करने की जरूर है। कुछ योगासनों के नियमित अभ्यास से संक्रमण से तेज रिकवरी हो सकती है। इसके अलावा कुछ योगासन ऐसे भी हैं, जिनका अभ्यास शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाता है। कोरोना से शरीर कमजोर हो सकता है। ऐसे में कठिन योगासन न करें, बल्कि इम्यूनिटी मजबूत करने और रिकवरी में सहायक योगासन करें। ये रहे कोरोना से रिकवरी में मददगार योगासन।
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कैट काऊ पोज - फोटो : istock
कैट काऊ पोज

मार्जरी आसन को ही कैट काऊ पोज कहते हैं। योग विशेषज्ञ इस आसन को कोरोना से तेज रिकवरी में बहुत फायदेमंद मानते हैं। इस आसन को करने से शरीर की स्ट्रेचिंग होती है, साथ ही तनाव दूर होता है। रीढ़ और पेट के अंगों का मसाज भी हो जाता है जो लाभदायक हो सकता है। बीमारी के कारण शरीर में होने वाले दर्द को इस योगासन के अभ्यास से दूर किया जा सकता है।
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बटरफ्लाई पोज - फोटो : istock
बटरफ्लाई पोज

बटरफ्लाई पोज को बद्ध कोणासन कहते हैं। कोरोना से रिकवरी और पोस्ट कोविड खतरों को कम करने के लिए इस योगासन का नियमित अभ्यास फायदेमंद है। इस आसन से जांघों, कमर और घुटनों की स्ट्रेचिंग होती है, शरीर में लचीलापन आता है। कोविड के कारण शरीर में थकान हो जाती है, जिसे दूर करने के बटरफ्लाई योगासन रोजाना करें।

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प्राणायाम - फोटो : Istock
प्राणायाम

वैसे तो प्राणायाम का अभ्यास हर किसी के लिए लाभदायक है, लेकिन कोरोना संक्रमितों को नियमित प्राणायाम करना चाहिए। इससे संक्रमण की वजह से होने वाली कई तरह की शारीरिक समस्याएं दूर होती हैं। श्वसन बेहतर होने के साथ ही शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है। कोविड के कारण मरीज का मानसिक स्वास्थ्य में नकारात्मकता आ सकती है। प्राणायाम इसे दूर करने में भी असरदार है।
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मकरासन योग - फोटो : iStock
मकरासन योग

मकरासन को क्रोकोडाइल पोज कहते हैं। कोरोना के बाद दोबारा शरीर को ताकत देने और पोस्ट कोविड जटिलताओं के खतरे को दूर करने के लिए मकरासन योग करने की सलाह दी जाती है। इस योगासन के नियमित अभ्यास से इम्यूनिटी बढ़ती है, साथ ही कंधों और रीढ़ की हड्डी को भी मजबूती मिलती है। अस्थमा, घुटने के दर्द और फेफड़ों संबंधित समस्याएं भी ठीक करने में ये योगासन फायदेमंद है।
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पर्वतासन योग - फोटो : istock
पर्वतासन योग

संक्रमण के बाद होने वाली जटिलताओं और शारीरिक कमजोरी को दूर करने के लिए पर्वतासन योगाभ्यास करना लाभदायक है। इस आसन को करने से श्वास तकनीक विकसित होती है। इस आसन से फेफड़ों की क्षमता में वृद्धि होती है।पेट, कूल्हों और कमर संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए नियमित पर्वतासन योगाभ्यास करना चाहिए।
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योगासन - फोटो : Pixabay
नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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