साइज में छोटे दिखने वाले बेबी कैरट को तो आपने कई बार खाया होगा इसे हेल्थ के लिए फायदेमंद और सबसे उपयुक्त वेजिटेबल माना जाता है। यहां तक की जिम जाने वाले ज्यादातर लोग इस बेबी कैरट को खाना कभी नहीं भूलते लेकिन आज जो हम आपको बताने जा रहे हैं उसे जानकर शायद आप बेबी कैरट खाना ही छोड़ दें।
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बेबी कैरेट
क्या आपको पता है मार्केट में मिलना वाला बेबी कैरेट ओरिजनल नहीं होता। दरअसल असली बेबी कैरेट की खेती भी गाजर की ही तरह से होती है और उसी तरह देखने में होता है। लेकिन बाजार में जो बेबी कैरेट आता है वो ओरिजनल नहीं होता..चौंक गए न आप तो चलिए हम बताते हैं ऐसा क्यूं।
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बेबी कैरेट
एक चैनल के मुताबिक 46 फीसदी बेबी कैरेट उसके खराब दिखने की वजह से मार्केट में नहीं आता। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वो दिखने में इतने खराब होते हैं कि लोग उसे खरीदना पसंद नहीं करते। इसी वजह से ज्यादातर किसान उसे कम रेट में बेच देते हैं।
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बेबी कैरेट
वहीं कुछ किसान गाजर को बेबी कैरेट को छीलकर उसे साफ करते हैं और फिर उसे क्लोरीन में डुबो देते हैं। क्लोरीन बेबी कैरेट की व्हाइच परत को उतार देता है जिससे कि वो दिखने में सुंदर लगने लगते है और फिर पैकेट में उसे पैक करके बेचा जाता है।
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बेबी कैरेट
कहा जाता है इस तरह से बेबी कैरट को करने से दो फायदें होते हैं एक तो बेबी कैरेट का कलर जैसा का तैसा बना रहता है और दूसरा बाजार में उसकी कमी भी नहीं होती। लेकिन यही क्लोरीन आपकी सेहत के लिए जानलेवा बन जाता है।
यूएस काउंसिल ऑफ इनवायरमेंट के अनुसार अगर क्लोरीन वाला पानी कोई व्यक्ति पीता है तो उसमें 93 फीसदी तक कैंसर होने के चांसेज बढ़ जाते हैं। अब आप समझ की गए होंगें कि इस तरह की रंग से भरी बेबी कैरेट आपकी हेल्थ के लिए किस हद तक खतरा बन सकती हैं।