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Shoulder Mobility Exercise: कंधों का दर्द और जकड़न होगी दूर! रोज करें ये 8 आसान एक्सरसाइज

Sat, 18 Jul 2026 09:48 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Shoulder And Neck Pain: अगर आपके कंधों में जकड़न, दर्द या अकड़न रहती है, तो रोज 8–10 मिनट तक थम्ब्स-अप पल्स, रोबोट आर्म्स, शोल्डर सर्कल्स और स्ट्रेट आर्म ट्विस्ट जैसी हल्की मोबिलिटी एक्सरसाइज करना फायदेमंद हो सकता है। ये मूवमेंट कंधों की लचक, रक्त संचार और गतिशीलता बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

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कंधों और गर्दन के दर्द के लिए व्यायाम - फोटो : AI

Neck And Shoulder Pain Relief Exercise: आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में घंटों लैपटॉप पर काम करना, मोबाइल का अधिक इस्तेमाल, गलत बैठने की आदत और शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण कंधों में दर्द, अकड़न और जकड़न की समस्या तेजी से बढ़ रही है। कई लोग इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन समय के साथ यह समस्या गर्दन, पीठ और हाथों तक भी असर डाल सकती है।

हर बार जिम जाने या भारी वर्कआउट करने की जरूरत नहीं होती। कुछ आसान शोल्डर मोबिलिटी एक्सरसाइज रोजाना करने से कंधों की लचक बनाए रखने, मांसपेशियों को सक्रिय करने और जोड़ों की सामान्य गति में सुधार करने में मदद मिल सकती है। ये एक्सरसाइज खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती हैं जो लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करते हैं, पढ़ाई करते हैं या कम शारीरिक गतिविधि करते हैं।

हालांकि, यदि आपको कंधे में तेज दर्द, हाल की चोट, सूजन या कंधा बार-बार अपनी जगह से खिसकने जैसी समस्या है, तो किसी भी नई एक्सरसाइज की शुरुआत करने से पहले डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लेना जरूरी है। आइए जानते हैं 8 ऐसे आसान शारीरिक क्रियाएं या व्यायाम, जिन्हें आप घर या ऑफिस में कम समय में कर सकते हैं।

 

किन लोगों के लिए ये एक्सरसाइज उपयोगी हो सकती हैं?

  • लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करने वाले।

  • विद्यार्थी।

  • वर्क फ्रॉम होम करने वाले।

  • हल्की शारीरिक गतिविधि वाले लोग।

  • वरिष्ठ नागरिक।

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थम्ब अप पल्स - फोटो : AI

थम्ब्स-अप पल्स (Thumbs Up Pulses)

  • दोनों हाथों को सामने या बगल में रखें और अंगूठों को ऊपर की ओर रखते हुए छोटे-छोटे नियंत्रित मूवमेंट करें।
  • यह कंधों के आसपास की मांसपेशियों को सक्रिय करने और वार्म-अप में मदद करता है।
  • इस क्रिया को 20-30 सेकंड तक करें। 



मुट्ठी बनाएं (Make a Fist)

  • दोनों हाथों की उंगलियों को कसकर बंद करें और फिर धीरे-धीरे खोलें।
  • इसे हाथों को सामने फैलाकर या बगल में रखकर करें।
  • इससे हाथ और कंधे की मांसपेशियों में हल्की सक्रियता आती है।
  • इस गतिविधि को 10-15 बार दोहराएं।
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कंधों और गर्दन के दर्द के लिए व्यायाम - फोटो : AI

ओपन विंग्स (Open Wings)

  • दोनों हाथों को सामने रखें।
  • फिर उन्हें धीरे-धीरे पीछे की ओर खोलें, जैसे पंख फैला रहे हों।
  • इससे छाती खुलती है और कंधों की गतिशीलता बेहतर हो सकती है।
  • इस मूव को 10 से 12 बार दोहराएं।


रोबोट आर्म्स (Robot Arms)

  • कोहनियों को 90 डिग्री पर मोड़ें।
  • हाथों को ऊपर-नीचे नियंत्रित तरीके से घुमाएं।
  • यह रोटेटर कफ और कंधे के जोड़ की सामान्य गतिशीलता बनाए रखने में मदद कर सकता है।
  • इस व्यायाम को 10-15 बार करना चाहिए।

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कंधों और गर्दन के दर्द के लिए व्यायाम - फोटो : AI

कंधे घुमाना (Clockwise)

  • कंधों को धीरे-धीरे आगे से ऊपर और पीछे की ओर गोल घुमाएं।
  • मूवमेंट नियंत्रित रखें और झटके से बचें।
  • कंधे क्लाॅकवाइज घुमाने की क्रिया को 10 बार दोहराएं।


कंधों को एंटी क्लाॅकवाइज घुमाना 

  • अब इसी प्रक्रिया को उल्टी दिशा में दोहराएं।
  • दोनों दिशाओं में समान संख्या में चक्कर लगाने से संतुलित मोबिलिटी बनी रहती है।
  • कंधों को एंटी क्लाॅकवाइज 10 चक्कर दोहराएं।
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कंधों और गर्दन के दर्द के लिए व्यायाम - फोटो : AI

शोल्डर वेव्स (Shoulder Waves)

  • एक कंधे को ऊपर उठाएं, फिर दूसरे को।
  • लयबद्ध तरीके से दोनों कंधों को बारी-बारी से चलाएं।
  • इससे कंधों और गर्दन की जकड़न कम महसूस हो सकती है।
  • इस क्रिया को 30 सेकंड करें।


स्ट्रेट आर्म ट्विस्ट (Straight Arm Twist)

  • दोनों हाथों को सामने सीधा फैलाएं।
  • हथेलियों को अंदर-बाहर की दिशा में धीरे-धीरे घुमाएं।
  • यह कंधे और ऊपरी भुजाओं की लचक बढ़ाने में सहायक हो सकता है।
  • ये मूव 10-15 बार दोहराएं।
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इन एक्सरसाइज के फायदे - फोटो : Adobe Stock

इन एक्सरसाइज के फायदे
 

  • कंधों की लचक और गतिशीलता बेहतर करने में मदद।

  • लंबे समय तक बैठने से होने वाली अकड़न कम करने में सहायक।

  • ऊपरी शरीर में रक्त संचार को बढ़ावा।

  • सही पोश्चर बनाए रखने में सहयोग।

  • हल्के वार्म-अप या कूल-डाउन रूटीन के रूप में उपयोगी।

    ध्यान दें कि ये एक्सरसाइज सामान्य फिटनेस और मोबिलिटी के लिए हैं। यदि दर्द बढ़े या असामान्य लक्षण हों, तो व्यायाम रोकें और विशेषज्ञ से सलाह लें।


एक्सरसाइज करते समय रखें ये सावधानियां

  • शुरुआत में हल्का वार्म-अप करें।

  • झटकेदार मूवमेंट न करें।

  • सांस सामान्य रखें, रोककर न रखें।

  • दर्द की सीमा से आगे स्ट्रेच न करें।

  • हाल की चोट या सर्जरी के बाद डॉक्टर की सलाह लें।

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