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Yoga Tips: 60 की उम्र के बाद नियमित करें इन योगासनों का अभ्यास, कई समस्याओं से मिलेगी राहत

Tue, 06 Jun 2023 11:56 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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yoga - फोटो : istock

Yoga Asanas : स्वस्थ शरीर और मस्तिष्क के लिए योग लाभकारी है। योग के अभ्यास से शरीर की सक्रियता बनी रहती है और मांसपेशियों में मजबूती आती है। अधिक उम्र में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होने लगती हैं। 50 के बाद शरीर कमजोर होने लगता है। हड्डियों में दर्द रहता है और कई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं परेशान करती हैं। योग विशेषज्ञ कहते हैं कि नियमित योग के अभ्यास से इन समस्याओं से निजात पाया जा सकता है। शरीर दर्द से निजात पाया जा सकता है। आंखों की रोशनी, मांसपेशियों की जकड़न, हड्डियों की कमजोरी से निजात पाया जा सकता है। वहीं रक्तचाप को बेहतर बनाया जा सकता है। शोध बताते हैं, दिनचर्या में रोजाना 30 मिनट योग-व्यायाम के अभ्यास से शरीर को आसानी से सक्रिय बनाए रख सकते हैं। इससे हड्डियों और मांसपेशियों की कई तरह की समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है। यहां कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताया जा रहा है जो 60 वर्ष की आयु के बाद हर बुजुर्ग को करने चाहिए।

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Chair Pose
चेयर पोज योगासन

बढ़ती उम्र की जटिलताओं को कम करने और शरीर को फिट रखने के लिए नियमित तौर पर चेयर पोज योग का अभ्यास कर सकते हैं। इस योग को करने के लिए 60 वर्ष की आयु के लोग दीवार का सहारा ले सकते हैं। इससे शरीर के लचीलेपन में सुधार होता है और अंगों में होने वाले दर्द से निजात मिलता है। इस योग को करने से बेहतर रक्त परिसंचरण बनाए रखने में सहायक है। शरीर का संतुलन बनाए रखने और पैरों व घुटनों की समस्याओं को कम करने में सहायक है।
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वृक्षासन योग - फोटो : istock
ट्री पोज

इस आसन को वृक्षासन कहते हैं। 60 वर्ष की आयु के बाद अक्सर शारीरिक संतुलन में कमी की समस्या देखने को मिलती है। ट्री पोज के अभ्यास से पोस्चर और शरीर के एलाइनमेंट में सुधार होता है। उच्च रक्तचाप, ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं के जोखिम को कम करने के लिए इस योग के अभ्यास की आदत डालें।

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bhramari pranayama - फोटो : istock
प्राणायाम के लाभ

वरिष्ठ लोगों को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए प्राणायाम के अभ्यास की आदत बनानी चाहिए। उम्र बढ़ने पर याददाश्त संबंधित समस्याओं का खतरा अधिक रहता है। प्राणायाम के नियमित अभ्यास से अल्जाइमर जैसी बीमारी से बचा जा सकता है। मन शांत रखने, प्रसन्न रहने और चिंता विकारों को कम करने के लिए प्राणायाम का अभ्यास करें।
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yoga - फोटो : istock
नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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