सूर्य नमस्कार 12 आसनों का एक ऐसा समूह है, जो शरीर की कोशिकाओं के साथ-साथ रक्त संचालन, पाचन, नाड़ी और ग्रंथितंत्र को सक्रिय, और संतुलित बनाता है। यह गतिशील और स्थिर दोनों प्रकार के आसनों का एक विकल्प प्रस्तुत करता है। यह स्वयं अपने आप में एक पूर्ण व्यायाम है। जब भी आपको समय मिले (सुबह या शाम) तो इसका अभ्यास करें। अधिकतर यही सलाह दी जाती है कि सुबह योग करना ज्यादा लाभदायक होता है।