इंसान का दिल चंचल होता है, कभी किसी पर आया, कभी किसी पर। समाज में तो एक शादी करके घर बसाने की मान्यता है मगर तमाम मर्दों और औरतों की ख्वाहिश होती है कि वो जिंदगी में तरह-तरह के तजुर्बे करें यानी अलग-अलग साथियों के साथ रिश्ते बनाएं और वक्त गुजारें।
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योग और स्वास्थ्य
अमरीका में भी दो छोटे-छोटे शहर हैं जहां पर लोग कई शादियां करने की पुरानी परंपरा निभा रहे हैं। इनमें से एक है यूटा सूबे का प्रोवो सिटी तो दूसरा है पास ही स्थित शॉर्ट क्रीक कस्बा। यूटा सूबे के प्रोवो सिटी के बाशिंदे एक अजीबो-गरीब बीमारी के शिकार हैं।
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चंगेज खान
19वीं सदी में यहां के लोग चर्च ऑफ जीजस क्राइस्ट लेटर डे सेंट्स यानी एल.डी.एस के हुक्म को अपना ईमान समझते थे। ये चर्च यहां के लोगों को कई शादियां करने का हुक्म देता था। इस चर्च को चलाने वाले ब्रिंघम यंग की 55 पत्नियां और 59 बच्चे थे। हालांकि बाद में इस प्रथा पर रोक लगा दी गई लेकिन जब तक ये अमल में रही यहां के लोग मर्जी के मुताबिक शादियां करते चले गए।
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यूटी सिटी
यहां के लोग एक खास तरह की जेनेटिक बीमारी के शिकार हो रहे हैं। यहां बच्चे दिमागी और जिस्मानी तौर पर विकलांग होने लगे हैं। ये बीमारी इन दुर्लभ है कि चालीस करोड़ लोगों में से किसी एक को होती है।
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यूटी सिटी
प्रोवो सिटी में ये बीमारी यहां 20 महीने के बच्चे से लेकर 2 साल तक के लगभग सभी बच्चों में थी। इसे फ्यूमरस डेफिशिएंसी कहा जाता है। ये आनुवांशिक बीमारी है यानी एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाती है। इस बीमारी में शरीर पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाता है। चेहरे की बनावट भी कुछ अजीब तरह की हो जाती है। माथा बाहर की तरफ निकल आता है और आंखें फटी-फटी सी हो जाती हैं। यहां तक कि कुछ बच्चे तो बैठने और चलने तक के काबिल नहीं हो पाते हैं।
यूटा की सरहद से सटे इलाके शॉर्ट क्रीक के बच्चों में भी इसी बीमारी के लक्षण पाए गए। दरअसल ये वो इलाका है जो बीसवीं सदी में एल.डी.एस फ़िरके से अलग हो गया था लेकिन यहां भी लोग कई शादियां करते थे। फ्यूमरस डेफिशिएंसी एक खास एंजाइम के कमजोर होने की वजह से होती है। एंजाइम किसी भी जीव के लिए बहुत ज़रूरी होते हैं।ये शरीर में ऊर्जा के स्तर को बनाए रखते हैं।