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New Year 2025: रहना है बीमारियों से दूर तो साल 2025 से शुरू कर दें सिर्फ इन दो योगासनों का अभ्यास

Wed, 01 Jan 2025 07:53 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

साल 2025 को रोगहीन बनाएं। खुद से संकल्प करें कि आने वाला साल आप खुद की और अपने परिवार की सेहत का ध्यान रखेंगे। इसके लिए साल 2025 से जीवनशैली में दो योगासनों का शामिल करें, जो आपको कई बीमारियों से बचाएंगे।
 
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2025 से शुरू करें इन योगासनों का अभ्यास - फोटो : Amar Ujala
New Year 2025 Yoga Poses: योग स्वस्थ और निरोगी जीवन के लिए सबसे प्रभावी और प्राकृतिक उपाय है। रोजाना योगासनों का अभ्यास शारीरिक स्वास्थ्य के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बना सकता है। हर दिन कुछ मिनट योगाभ्यास का असर आपको लंबे समय तक देखने को मिल सकता है। वैसे तो कई आसन हैं जो अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं से राहत दिलाने और बीमारियों से बचाव में मदद करते हैं। हालांकि लोगों के पास वक्त की कमी होने के कारण वह योग पर अधिक समय नहीं दे पाते।

अगर आप रोजाना ज्यादा समय योग के लिए नहीं निकाल पाते हैं तो सिर्फ दो योगासन नियमित करने से भी बीमारियों से बचा जा सकता है। ये दोनों योगासनों का अभ्यास न केवल शरीर को मजबूत बनाता है, बल्कि आपको मानसिक रूप से भी सशक्त भी बनाता है। ये सरल लेकिन प्रभावशाली योगासन दिनचर्या में आसानी से शामिल किए  जा सकते हैं और बीमारियों से दूर रख सकते हैं।

साल 2025 को रोगहीन बनाएं। खुद से संकल्प करें कि आने वाला साल आप खुद की और अपने परिवार की सेहत का ध्यान रखेंगे। इसके लिए साल 2025 से जीवनशैली में दो योगासनों का शामिल करें, जो आपको कई बीमारियों से बचाएंगे।
 
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सूर्य नमस्कार - फोटो : Amar Ujala
सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार 12 आसनों का सेट है। इससे पूरे शरीर की स्ट्रेचिंग होती है और मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। इससे रक्त संचार बेहतर होता है जिससे इम्यूनिटी बढ़ती है। पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर में ऊर्जा का संचार होता है। वजन नियंत्रण में मदद मिलती है और मानसिक शांति मिलती है।
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सूर्य नमस्कार - फोटो : Amar Ujala
सूर्य नमस्कार कैसे करें

सूर्य नमस्कार में शामिल 12 आसान को एक बार में न करें। बल्कि शुरुआत में 5-7 चक्र करें और धीरे धीरे इस 12 तक बढ़ाएं। सुबह के समय इसे खाली पेट करें।

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भुजंगासन का अभ्यास करती मलाइका अरोड़ा - फोटो : instagram
भुजंगासन

भुजंगासन का अभ्यास रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और पीठ दर्द में राहत देता है। इससे फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है, जिससे श्वसन तंत्र मजबूत होता है। भुजंगासन से पेट के अंगों की मालिश होती है और पाचन शक्ति बेहतर होती है। तनाव और थकान दूर होती है।
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भुजंगासन - फोटो : Amar Ujala
भुजंगासन कैसे करें

पेट के बल लेटकर दोनों हाथों को कंधों के नीचे रखें। अब सांस लेते हुए शरीर के ऊपरी भाग को उठाएं और गर्दन को ऊपर की ओर ले जाएं। इस मुद्रा में 20-30 सेकंड रुकें और फिर वापस आ जाएं।
 
नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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