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योग टिप्स: नवरात्रि के 9 दिन व्रत में योग करना चाहिए या नहीं? जानें सही तरीका

Tue, 06 Oct 2026 07:00 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Yoga During Navratri Fast:  व्रत के दौरान फिटनेस से ज्यादा जरूरी शरीर की ऊर्जा और हाइड्रेशन का ध्यान रखना है। अगर शरीर थकान या कमजोरी का संकेत दे रहा है, तो उस दिन योग छोड़कर आराम करना बेहतर है।
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व्रत में योग करना चाहिए या नहीं - फोटो : AI

Navratri Fasting Yoga Tips: नवरात्रि के दौरान बहुत से लोग नौ दिनों तक व्रत रखते हैं। इस दौरान खान-पान में बदलाव होने के साथ रोजमर्रा की दिनचर्या भी कुछ हद तक बदल जाती है। ऐसे में एक सवाल अक्सर सामने आता है कि क्या नवरात्रि के नौ दिनों के व्रत में योग करना चाहिए या नहीं? इसका जवाब हर व्यक्ति की सेहत, व्रत के तरीके और शरीर की क्षमता पर निर्भर करता है।

अगर कोई व्यक्ति फल, दूध, दही, सूखे मेवे और पर्याप्त पानी लेकर संतुलित तरीके से व्रत कर रहा है और उसे कमजोरी महसूस नहीं हो रही, तो हल्का योग और स्ट्रेचिंग किया जा सकता है। लेकिन व्रत के दौरान बहुत कम खाना, पानी की कमी या लंबे समय तक कठिन व्यायाम करने से थकान और चक्कर जैसी परेशानी हो सकती है।

इसलिए नवरात्रि में योग करते समय शरीर के संकेतों को समझना सबसे जरूरी है। इस दौरान कठिन योगासन या बहुत लंबे समय तक अभ्यास करने के बजाय हल्के आसन, प्राणायाम और ध्यान को प्राथमिकता दी जा सकती है। अगर कमजोरी, चक्कर, सिरदर्द या असहजता महसूस हो, तो योग रोककर आराम करना बेहतर है।

क्या व्रत में योग किया जा सकता है?

हां, स्वस्थ व्यक्ति व्रत के दौरान हल्का योग कर सकता है। लेकिन सामान्य दिनों की तुलना में अभ्यास की तीव्रता कम रखना बेहतर है। व्रत के कारण शरीर को मिलने वाली ऊर्जा कम हो सकती है, इसलिए बहुत ज्यादा मेहनत करने वाले अभ्यास से बचना समझदारी है।

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ताड़ासन - फोटो : istock

 व्रत के दौरान कौन-से योगासन कर सकते हैं?

ताड़ासन

ताड़ासन सरल योगासन है और इसे हल्के अभ्यास की शुरुआत में किया जा सकता है। इससे शरीर को स्ट्रेच करने और मुद्रा पर ध्यान देने में मदद मिलती है।

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balasana - फोटो : pexel

बालासन

बालासन आराम देने वाला आसन माना जाता है। व्रत के दौरान थकान महसूस होने पर बहुत हल्के तरीके से इसका अभ्यास किया जा सकता है।

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Vajrasana - फोटो : pexel

वज्रासन

वज्रासन में आराम से बैठकर सांस पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। इसे अपनी सुविधा और शारीरिक क्षमता के अनुसार करें।

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शवासन - फोटो : इंस्टाग्राम

शवासन

व्रत के दौरान शरीर को आराम देना भी जरूरी है। शवासन कुछ समय के लिए शरीर और दिमाग को रिलैक्स करने में मदद कर सकता है।

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Meditaion, yoga - फोटो : Adobe

हल्का प्राणायाम

धीमी और सहज सांस लेने वाले प्राणायाम किए जा सकते हैं। शुरुआत करने वाले लोग किसी प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ से सही तकनीक सीखें। बहुत तेज या जोर लगाकर सांस लेने वाली तकनीकों से व्रत के दौरान बचना बेहतर हो सकता है।


व्रत में किन बातों का ध्यान रखें?

  • खाली पेट बहुत कठिन योग या वर्कआउट न करें।

  • पर्याप्त पानी और व्रत में मान्य तरल पदार्थ लें।

  • कमजोरी या चक्कर आने पर तुरंत अभ्यास रोक दें।

  • लंबे समय तक कठिन योगासन करने से बचें।

  • शरीर की क्षमता के अनुसार अभ्यास की अवधि तय करें।

  • पर्याप्त आराम और नींद लें।


किन लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए?

जिन लोगों को मधुमेह, लो ब्लड प्रेशर, कोई पुरानी बीमारी है या जो नियमित दवाएं लेते हैं, उन्हें लंबे व्रत और योग को लेकर डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है। गर्भवती महिलाओं और किसी बीमारी से उबर रहे लोगों को भी अपनी स्थिति की ऊर्जा और हाइड्रेशन का ध्यान रखना है। अगर शरीर थकान या कमजोरी का संकेत दे रहा के अनुसार विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह सामान्य स्वास्थ्य जानकारी है। व्रत या योग शुरू करने से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह लें।

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