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Lazy Evening Yoga: शाम को सिर्फ 10 मिनट करें ये योगासन, पेट की सूजन और ब्लोटिंग से मिलेगा आराम

Thu, 11 Jun 2026 03:47 PM IST
Shivani Awasthi लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Yoga For Bloating Relief: ब्लोटिंग और पेट फूलने की समस्या के लिए कौन से योगासन फायदेमंद हैं? ब्लोटिंग और पाचन संबंधी समस्याओं में बालासन, पवनमुक्तासन, सुप्त मत्स्येंद्रासन, विपरीत करनी और कैट-काउ स्ट्रेच जैसे हल्के योगासन मददगार हो सकते हैं। ये आसन पाचन तंत्र को सक्रिय करने, गैस कम करने और शरीर को रिलैक्स करने में सहायक माने जाते हैं।

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शाम को करें इन योगासनों का अभ्यास - फोटो : AI

Evening Yoga Benefits: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर लोग दिनभर दफ्तर, स्क्रीन और बैठकर काम करने में व्यस्त रहते हैं। इसका असर केवल मानसिक स्वास्थ्य पर ही नहीं बल्कि पाचन तंत्र और शरीर की ऊर्जा पर भी पड़ता है। कई लोगों को शाम होते-होते पेट में भारीपन, गैस, ब्लोटिंग और शरीर में जकड़न महसूस होने लगती है। ऐसे में हर कोई कठिन वर्कआउट या जिम नहीं करना चाहता। यही वजह है कि शाम का आसान वर्कआउट आजकल काफी लोकप्रिय हो रहा है।

इवनिंग योगा यानी शाम के समय किए जाने वाले हल्के और आरामदायक योगासन, जो शरीर को स्ट्रेच करने, तनाव कम करने और पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। इन योगासनों को करने के लिए ज्यादा समय, उपकरण या विशेष ट्रेनिंग की जरूरत नहीं होती। आप घर के किसी शांत कोने में सिर्फ 10 से 15 मिनट देकर भी इन्हें कर सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार शाम के समय हल्की योग प्रैक्टिस करने से शरीर दिनभर की थकान से उबरने लगता है। इसके अलावा ब्लोटिंग, गैस और पेट में भारीपन जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है। हालांकि किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या या दर्द की स्थिति में योग शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।

अगर आप भी दिनभर की थकान के बाद शरीर और मन को रिलैक्स करना चाहते हैं, तो ये आसान शाम के योगासन आपकी दिनचर्या का हिस्सा बन सकते हैं

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बालासन - फोटो : istock

बालासन 

  • बालासन एक आरामदायक योग मुद्रा है जो पीठ, कंधों और कमर को रिलैक्स करने में मदद करती है।
  • यह आसन मानसिक तनाव कम करने के लिए जाना जाता है।
  • इसके अभ्यास से शरीर शांत और थकान दूर होती है।
  • शाम के समय 1 से 2 मिनट तक इस मुद्रा में रहने से शरीर को आराम महसूस हो सकता है।
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पवनमुक्तासन - फोटो : istock

पवनमुक्तासन 
 

  • पवनमुक्तासन को पाचन तंत्र के लिए लाभकारी माना जाता है।
  • इस आसन में घुटनों को पेट की ओर लाया जाता है, जिससे पेट के हिस्से पर हल्का दबाव पड़ता है।
  • यह गैस और पेट फूलने की समस्या में मददगार हो सकता है।
  • यह आसन पाचन को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है।

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मत्स्येन्द्रासन - फोटो : Freepik

सुप्त मत्स्येंद्रासन

  • दिनभर एक ही स्थिति में बैठने से रीढ़ और कमर में तनाव बढ़ सकता है।
  • सुप्त मत्स्येंद्रासन यानी लेटकर किया जाने वाला ट्विस्टिंग पोज शरीर को स्ट्रेच करने में सहायक है।
  • आसन से रीढ़ की लचक बढ़ाने में मदद मिलती है।
  • यह आसन शाम की थकान कम करने के लिए अच्छा विकल्प माना जाता है।
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विपरीत करणी - फोटो : AI

विपरीत करनी प्राणायाम

  • इस आसन में पैरों को दीवार के सहारे ऊपर रखा जाता है।
  • यह मुद्रा रक्त संचार को बेहतर बनाती है।
  • पैरों की थकान कम करने में मदद कर सकती है।
  • लंबे समय तक खड़े रहने या बैठने वाले लोगों के लिए यह योगासन विशेष रूप से फायदेमंद माना जाता है।
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कंधे का दर्द (मार्जरीआसन) - फोटो : Adobe Stock

कैट-काउ स्ट्रेच 

  • इसे मार्जरी आसन या बितिलासन कहते हैं।
  • कैट-काउ स्ट्रेच एक सरल योग अभ्यास है जो रीढ़ को सक्रिय करता है।
  • पेट के आसपास के हिस्से में हल्की मालिश जैसा प्रभाव देता है।
  • इससे शरीर की जकड़न कम हो सकती है।
  • शाम के समय रिलैक्स महसूस करने में मदद मिल सकती है।
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नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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