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Yoga Day 2025: तस्वीरें देखकर सिर्फ पांच मिनट में सीखें सूर्य नमस्कार, एक बार में हो जाएगा याद

Fri, 20 Jun 2025 11:56 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

International Yoga Day 2025 : सूर्य नमस्कार प्रभावी व असरदार इसलिए है क्योंकि इसमें 12 अलग-अलग आसनों की श्रृंखला शामिल है। सूर्य नमस्कार के इन 12 सेट्स को सरल शब्दों और अभ्यास को तस्वीरों से समझें।
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सूर्य नमस्कार - फोटो : Amar Ujala
International Yoga Day 2025: हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है और इस दिन लाखों लोग सूर्य नमस्कार सहित कई योगाभ्यास करते हैं। सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) योग की एक ऐसी श्रृंखला है, जिसमें 12 योगासनों का संयोजन होता है। यह न केवल शरीर को फिट रखता है बल्कि मानसिक शांति भी देता है। इस लेख में जानिए सूर्य नमस्कार का सही तरीका और इससे मिलने वाले फायदे बताए जा रहे हैं।

सूर्य नमस्कार कैसे करें?

सूर्य नमस्कार प्रभावी व असरदार इसलिए है क्योंकि इसमें 12 अलग-अलग आसनों की श्रृंखला शामिल है। सूर्य नमस्कार के इन 12 सेट्स को सरल शब्दों में समझें, 

1 स्टेप- प्रणामासन
2 स्टेप- हस्त उत्तानासन
3 स्टेप- हस्तपादासन 
4 स्टेप- अश्व संचालनासन
5 स्टेप- दंडासन
6 स्टेप- अष्टांग नमस्कार 
7 स्टेप- भुजंगासन 
8 स्टेप- पर्वतासन
9 स्टेप- अधोमुख श्वानासन
10 स्टेप- अश्व संचालनासन
11 स्टेप- पदहस्तासन 
12 स्टेप- ताड़ासन 

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प्रणामासन योग - फोटो : Amar Ujala
सूर्य नमस्कार का सही तरीका

प्रणामासन

इस आसन में शरीर प्रणाम की मुद्रा में होता है। इसके लिए सीधा खड़े होकर अपने पैरों को पास रखते हुए हाथों को छाती के सामने नमस्कार मुद्रा में जोड़ना चाहिए। प्रणामासन के अभ्यास से मानसिक एकाग्रता और शांति बढ़ती है।
 
अभ्यास का तरीका

दोनों पंजे जोड़कर सीधे खड़े होकर छाती को फुलाएं और कंधे ढीले रखें। फिर श्वास लेते हुए दोनों हाथ बगल से ऊपर उठाएं। अब श्वास छोड़ते हुए हथेलियों को जोड़ें और छाती के सामने प्रणाम मुद्रा में ले आएं।  
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हस्त उत्तानासन - फोटो : Amar Ujala
हस्त उत्तानासन

यह आसन पीठ और कंधों की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। इसके अभ्यास के लिए हाथों को ऊपर उठाते हुए पीछे की ओर झुकें और कमर को भी पीछे की ओर मोड़ें। 

अभ्यास का तरीका

इस आसन के अभ्यास के लिए श्वास लेते हुए हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं। ऊपरी धड़ और सिर के पीछे की तरफ हल्का कर्व बनाएं। अब हाथों को ऊपर उठाएं और शरीर को पीछे की ओर मोड़ें। इस मुद्रा में 20 सेकंड रहे और वापस प्रारंभिक स्थिति में आ जाएं।

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हस्तपादासन - फोटो : Amar Ujala
हस्तपादासन

यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और हैमस्ट्रिंग्स को खींचता है। 

अभ्यास का तरीका 
 
सांस भीतर खींचते हुए कमर को मोड़कर आगे की ओर झुकें। फिर हिप्स को ऊपर उठाते हुए हाथों को पंजे के बगल में जमीन पर रखें। सीना पैर को छूता रहे और सिर को नीचे की ओर झुकाते हुए टांगों के बीच से झांकते रहें। 10-30 सेकेंड इसी अवस्था में रुकें, फिर सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।
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अश्व संचालनासन - फोटो : Amar Ujala

अश्व संचालनासन

इस आसन में दाएं पैर को पीछे ले जाते हैं और बाएं घुटने को मोड़कर हाथों को फर्श पर रखते हैं। इस तरह का अभ्यास हिप्स और पैर की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।

अभ्यास का तरीका

घुटनों के बल खड़े होकर दाएं पैर को आगे लाकर जमीन पर रखें। दाएं पैर को जितना हो सके आगे रखें और घुटने से 90 डिग्री का कोण बनाएं। अब बाएं पैर के घुटनों और पंजों को जमीन पर रखें और थोड़ा आगे झुकें। थोड़ा-थोड़ा आगे झुकते हुए दोनों हाथों को दाएं पैर के पास रखें और सामने देखें।  
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दंडासन - फोटो : Amar Ujala
दंडासन

दंडासन के अभ्यास का सबसे बड़ा लाभ यही है कि यह संपूर्ण शरीर को मजबूत बनाता है।

अभ्यास का तरीका

बैठकर दोनों पैरों को आगे की ओर फैलाते हुए आपस में चिपकाएं। पैरों की उंगलियों को शरीर की ओर खींचते हुए हाथों को सीधा और हथेलियों को फर्श पर रखें। गर्दन और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखते हुए छाती को उठाएं। कंधों पर खिंचाव लाते हुए सामने की ओर देखें और गहरी सांस लें।
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अष्टांग - फोटो : Amar Ujala
अष्टांग नमस्कार

कंधों, भुजाओं और छाती को मजबूत बनाने के लिए अष्टांग नमस्कार का नियमित अभ्यास कर सकते हैं।

अभ्यास का तरीका

पेट के बल लेटकर दोनों हाथों को पसलियों के पास लाएं और गहरी सांस बाहर की तरफ छोड़ें। हथेलियों के बल ऊपर उठने की कोशिश करते हुए पैर, घुटने, ठोड़ी से जमीन को छूते रहें। अन्य सभी अंग हवा में उठाएं, हिप्स और पेट को हल्का ऊपर उठाएं। अभ्यास के दौरान श्वास रोककर रखें और सांस खींचते हुए सामान्य हो जाएं।

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भुजंगासन - फोटो : Amar Ujala

भुजंगासन

इस आसन से वजन कम होता है। रीढ़ की हड्डी मजबूत और थकान कम करके शरीर को लचीला बनाता है।
 
अभ्यास का तरीका

पेट के बल सीधा लेटकर पैरों के बीच थोड़ी दूरी रखें। हाथों को छाती के पास ले जाते हुए हथेलियों को नीचे टिकाएं। फिर गहरी सांस लेते हुए नाभि को ऊपर उठाएं और आसमान की तरफ देखें। कुछ देर इसी मुद्रा में रहने के बाद पुरानी स्थिति में आ जाएं।

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पर्वतासन - फोटो : Amar Ujala

पर्वतासन

यह आसन शरीर की अतिरिक्त चर्बी को कम करता है। फेफड़ों और ब्लड सर्कुलेशन के लिए अच्छा है।

अभ्यास का तरीका
 
पैरों को सामने फैलाकर हाथों को शरीर के बगल में रखते हुए दाहिने पैर को बाईं जांघ पर रखें। बायां पैर दाईं जांघ पर रखते हुए कुछ सेकेंड गहरी सांस लें और नमस्कार की मुद्रा में हथेलियों को सिर के ऊपर ले जाएं। हिप्स को जमीन पर और हाथों को ऊपर की ओर खींचे। कुछ सेकेंड इसी मुद्रा में रहते हुए धीरे धीरे प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।

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अधोमुख श्वानासन - फोटो : Amar Ujala

अधोमुख श्वानासन

यह आसन शरीर को तनावमुक्त करता है और रक्त संचार को बढ़ाता है।  इससे शरीर मजबूत और लचीला बनता है। साथ ही तनाव कम करने और पाचन में सुधार करने में मदद करता है।

अभ्यास का तरीका

पेट के बल लेटकर सांस खींचते हुए पैरों और हाथों के बल शरीर को उठाएं। कोहनी और घुटनों को सख्त रखते हुए हिप्स को ऊपर उठाएं और शरीर को उल्टे V का आकार दें। हाथों से जमीन पर दबाव देते हुए दृष्टि को नाभि पर केंद्रित करें। कुछ सेकेंड रुकने के बाद घुटने जमीन पर टिका दें और मेज जैसी स्थिति में फिर से वापस आ जाएं।

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अश्व संचालनासन - फोटो : amar ujala
अश्व संचालासन दूसरी ओर

पहले सेट की तरह ही अश्व संचालासन को भी दोहराया जाएगा लेकिन पहली बार में आपने दाएं पैर को आगे करके बाएं घुटने को मोड़ा था। इस बार बाएं पैर को आगे लाना है और दाएं पैर को पीछे रखते हुए, हाथों को फर्श पर टिकाना है।
 
अभ्यास का तरीका


घुटनों के बल खड़े होकर दाएं पैर को आगे लाकर जमीन पर रखें। फिर दाएं पैर को जितना हो सके आगे रखें और घुटने से 90 डिग्री का कोण बनाएं। बाएं पैर के घुटनों और पंजों को जमीन पर रखें और थोड़ा आगे झुकें। थोड़ा-थोड़ा आगे झुकते हुए दोनों हाथों को दाएं पैर के पास रखें और सामने देखें।  
 

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हस्तपादासन - फोटो : Amar Ujala

हस्तपादासन

सूर्य नमस्कार के दौरान हस्तपादासन को दोहराना होता लेकिन दूसरी ओर से। इसमें श्वास को छोड़ते हुए बाएं पैर को आगे लाकर अपने हाथों को पैरों के पास फर्श पर रखा जाता है। हस्तपादासन के अभ्यास से रीढ़ की हड्डी लचीली और हैमस्ट्रिंग्स को खिंचाव मिलता है। 

अभ्यास का तरीका 
 
इस आसन के अभ्यास के लिए सांस भीतर खींचते हुए कमर को मोड़कर आगे की ओर झुकें। हिप्स को ऊपर उठाते हुए हाथों को पंजे के बगल में जमीन पर रखें। सीना पैर को छूता रहे और सिर को नीचे की ओर झुकाते हुए टांगों के बीच से झांकते रहें। 10-30 सेकेंड इसी अवस्था में रुकें, फिर सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।
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ताड़ासन - फोटो : Amar ujala
ताड़ासन

ताड़ासन का अभ्यास करने के लिए शरीर को सीधा रखकर हाथों को नीचे लाना होता है। इस दौरान श्वास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इस आसन का अभ्यास से मानसिक शांति और संतुलन को बढ़ाने में सहायक है। 

ताड़ासन कैसे करें

हाथ को शरीर के बगल में रखकर सीधे खड़े हो जाएं। अब हाथों को सिर के ऊपर रखते हुए एड़ियों को ऊपर उठाएं। जितना हो सके शरीर को स्ट्रेच करें। कुछ देर इसी स्थिति में रुके, फिर सांस छोड़ते हुए पुरानी स्थिति में आ जाएं।

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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।   
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