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International Yoga Day 2025: जानिए ऐसे पांच योगासन जो आप कहीं भी कर सकते हैं

Sat, 21 Jun 2025 08:02 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

International Yoga Day 2025:  योगासनों के अभ्यास के लिए किसी खास जगह या समय की जरूरत नहीं। योग केवल मैट और स्टूडियो तक सीमित नहीं है। कुछ आसन ऐसे भी हैं जिनका अभ्यास आप कहीं भी जैसे घर, दफ्तर, पार्क या यात्रा के दौरान कर सकते हैं।
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कहीं भी कर सकते हैं इन योगासनों का अभ्यास - फोटो : Adobe Stock
International Yoga Day 2025: 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। कुछ आसान योगासनों के अभ्यास से शुरूआत कर सकते हैं। अपनी शारीरिक क्षमता और जरूरत के मुताबिक उपयुक्त  योगासन को दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं लेकिन समस्या है कि योग का अभ्यास कब करें। वैसे तो सुबह-सुबह योगाभ्यास करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा कुछ योग रात में सोने से पहले भी किए जा सकते हैं। हालांकि कुछ लोगों के पास योगाभ्यास या वर्कआउट के लिए समय निकालना ही मुश्किल होता है। 

लेकिन योगासनों के अभ्यास के लिए किसी खास जगह या समय की जरूरत नहीं। योग केवल मैट और स्टूडियो तक सीमित नहीं है। कुछ आसन ऐसे भी हैं जिनका अभ्यास आप कहीं भी जैसे घर, दफ्तर, पार्क या यात्रा के दौरान कर सकते हैं। न तो किसी खास उपकरण की जरूरत होती है और ना किसी जगह विशेष की।साथ ही ये जीवनशैली को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर जानिए वो आसान योगासन जिन्हें आप कहीं भी कर सकते हैं, चाहे घर में हों, ऑफिस में या सफर में।
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ताड़ासन - फोटो : Amar ujala

ताड़ासन 

ताड़ासन का अभ्यास आप कहीं पर भी कर सकते हैं। इसके लिए सीधे खड़े होकर दोनों हाथ सिर के ऊपर जोड़ें और पूरे शरीर को खिंचाव दें। ताड़ासन का अभ्यास रीढ़ को सीधी रखने में मदद करता है। इसके अभ्यास से शरीर में संतुलन और मन में स्थिरता आती है। पीठ व कमर दर्द से राहत मिलती है और अच्छी स्ट्रेचिंग हो जाती है।
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Vajrasana - फोटो : pexel

वज्रासन 

इस आसन को करने के लिए घुटनों के बल बैठना होता है और एड़ियों पर शरीर का वजन रखते हुए हाथ घुटनों पर रखकर श्वास पर ध्यान देना रहता है। वज्रासन एक मुद्रा में बैठने का आसन है। इसके नियमित अभ्यास से खाना पचाने में मदद मिलती है और ध्यान के लिए इस आसन को आदर्श माना जाता है। 

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अर्ध चक्रासन - फोटो : instagram
अर्ध चक्रासन

अर्ध चक्रासन पीठ और पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में असरदार योग क्रिया है। इसके अभ्यास से थकान दूर हो सकती है। अर्ध चक्रासन का अभ्यास भी कहीं भी किया जा सकता है। इसके अभ्यास के लिए खड़े होकर हाथों को कमर पर रखें और धीरे से पीछे की ओर झुकें। 
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अनुलोम विलोम प्राणायाम - फोटो : Amar Ujala

अनुलोम-विलोम प्राणायाम 

प्राणायाम के कई स्वास्थ्य लाभ हैं। आप अनुलोम-विलोम प्राणायाम का अभ्यास घर, दफ्तर या सफर के दौरान भी कर सकते हैं। इसके अभ्यास के लिए बाईं नासिका बंद करके सांस लें। फिर दाईं नासिका से श्वास छोड़ें। इस प्रक्रिया को बदलकर दूसरी ओर से भी करें। अनुलोम विलोम प्राणायाम के अभ्यास से मन शांत रहता है। तनाव और चिंता दूर होती है। पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है। 
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गर्दन में दर्द - फोटो : Freepik.com
ब्रह्म मुद्रा

इस मुद्रा के अभ्यास के लिए कहीं भी आराम से बैठ जाइए। फिर सिर को क्रमश: दाएं, बाएं, ऊपर और नीचे घुमाएं। इस योग मुद्रा के नियमित अभ्यास से गर्दन का तनाव कम हो सकता है। माइग्रेन और थकान से राहत मिलती है। जो लोग दिनभर डेस्क वर्क करते हैं, उनके लिए यह योग मुद्रा असरदार है। 

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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।  
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