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Gomukhasana Benefits: डायबिटीज और तनाव में फायदेमंद है गोमुखासन, जानिए अभ्यास का सही तरीका

Fri, 27 Feb 2026 04:31 PM IST
Shivani Awasthi लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Gomukhasana Ke Fayde: गोमुखासन एक सरल लेकिन प्रभावशाली योगासन है, जो शरीर और मन दोनों के लिए फायदेमंद है। सही तकनीक और सावधानियों के साथ नियमित अभ्यास करने से आपको बेहतर लचीलापन, कम तनाव और मजबूत मांसपेशियां मिल सकती हैं।
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कंधे का दर्द (गोमुखासन) - फोटो : Adobe Stock

Gomukhasana Kaise Karen: योग स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली बनाए रखने का प्राकृतिक तरीका है। शरीर की जकड़न, कंधों और पीठ का दर्द आम समस्या है, जो अधिकतर लोगों को रहता है। इन स्वास्थ्य समस्याओं से राहत पाने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए नियमित गोमुखासन का अभ्यास करना चाहिए।  

गोमुखासन एक सरल लेकिन प्रभावशाली योगासन है, जो शरीर और मन दोनों के लिए फायदेमंद है। सही तकनीक और सावधानियों के साथ नियमित अभ्यास करने से आपको बेहतर लचीलापन, कम तनाव और मजबूत मांसपेशियां मिल सकती हैं। आइए जानते हैं गोमुखासन क्या है, इसे कैसे करें और किन बातों का ध्यान रखें। 


गोमुखासन क्या है?

गोमुखासन दो शब्दों से मिलकर बना है, “गो” यानी गाय और “मुख” यानी चेहरा। इस आसन में शरीर की आकृति गाय के चेहरे जैसी दिखाई देती है, इसलिए इसे गोमुखासन कहा जाता है।

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गोमुखासन - फोटो : https://www.instagram.com/malaikaaroraofficial/

गोमुखासन करने का सही तरीका

 
  • दरी या योगा मैट पर सीधे बैठ जाएं और पैरों को सामने फैलाएं।
  • अब दाएं पैर को मोड़कर बाएं कूल्हे के नीचे रखें।
  • बाएं पैर को मोड़कर दाएं घुटने के ऊपर रखें, ताकि दोनों घुटने एक-दूसरे के ऊपर दिखें।
  • दायां हाथ ऊपर उठाएं और कोहनी मोड़कर पीठ के पीछे ले जाएं।
  • बायां हाथ पीछे से ऊपर की ओर ले जाकर दोनों हाथों की उंगलियां आपस में पकड़ें।
  • पीठ सीधी रखें और 20–30 सेकंड तक सामान्य श्वास लेते रहें।
  • धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लौटें और दूसरी ओर से दोहराएं।
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फिजियोथेरेपी - फोटो : Adobe Stock

गोमुखासन के फायदे 


कंधों और पीठ के दर्द में राहत

यह आसन कंधों की जकड़न दूर करता है और सर्वाइकल या पीठ दर्द में आराम देता है।


छाती और फेफड़ों को मजबूत बनाता है

छाती खुलने से सांस लेने की क्षमता बेहतर होती है।


डायबिटीज में सहायक

नियमित अभ्यास पैंक्रियाज को सक्रिय करने में मदद कर सकता है।


तनाव और चिंता कम करता है

यह आसन मन को शांत कर मानसिक तनाव घटाने में मदद करता है।


शरीर की लचीलापन बढ़ाता है

जांघ, कूल्हे और हाथों की मांसपेशियां मजबूत और लचीली बनती हैं।

 

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कंधे का दर्द (गोमुखासन) - फोटो : Adobe Stock

गोमुखासन करते समय सावधानियां 

 
 
  • अगर कंधे या घुटने में गंभीर दर्द है तो यह आसन न करें।

  • स्लिप डिस्क या रीढ़ की गंभीर समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह लें।

  • शुरुआत में ज्यादा जोर न लगाएं।

  • गर्भावस्था में विशेषज्ञ की देखरेख में ही अभ्यास करें।

 

गोमुखासन कब और कितनी देर करें?

 
  • सुबह खाली पेट करना बेहतर होता है।

  • 20–30 सेकंड से शुरुआत करें।

  • 2–3 बार दोहरा सकते हैं।

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योग - फोटो : Adobe Stock

नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योग गुरु से संपर्क कर सकते हैं। गर्भावस्था में योग को लेकर डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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