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Yoga Tips: छाती और रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने के लिए करें इन योगासनों का अभ्यास

Thu, 09 Jan 2025 11:15 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

योगासनों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर आप छाती और रीढ़ को स्वस्थ और लचीला बनाए रख सकते हैं। नियमित अभ्यास से न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है।
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breathlessness, chest - फोटो : istock
Spine Chest Strengthening Yoga: रीढ़ और छाती शरीर का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो शरीर को मजबूती और लचीलापन प्रदान करते हैं। छाती और रीढ़ को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने के लिए योगासन बेहद प्रभावी हैं। नियमित अभ्यास न केवल रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है बल्कि छाती को खोलने और सांस की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में भी मदद करता है।

योग से छाती की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और छाती का आकार बढ़ता है। कंधे मजबूत होते हैं और सांस लेने में सुधार होता है। फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने और पाचन शक्ति मजबूत करने के लिए भी योग सहायक है। इन योगासनों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर आप छाती और रीढ़ को स्वस्थ और लचीला बनाए रख सकते हैं। नियमित अभ्यास से न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है।
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भुजंगासन का अभ्यास करती मलाइका अरोड़ा - फोटो : instagram
छाती और रीढ़ के लिए असरदार योगासन

भुजंगासन

भुजंगासन छाती को खोलने और रीढ़ को मजबूत बनाने के लिए बहुत फायदेमंद है। इस आसन से रीढ़ का लचीलापन बढ़ता है और छाती चौड़ी होती है। सांस की समस्याओं में राहत देता है। पेट के बल लेटकर हाथों को कंधों के पास रखें। गहरी सांस लेते हुए छाती और सिर को ऊपर उठाएं।  कंधों को पीछे की ओर खींचें और गर्दन को सीधा करें। 15-30 सेकंड तक इस मुद्रा में रहें और धीरे-धीरे वापस आएं।  
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मार्जरी आसन - फोटो : Istock
मार्जरी आसन

यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने और छाती को खोलने में सहायक है। मार्जरी आसन के अभ्यास के लिए घुटनों और हथेलियों के सहारे जमीन पर आएं। अब गहरी सांस लेते हुए छाती को ऊपर उठाएं। फिर सांस को छोड़ते हुए रीढ़ को ऊपर की ओर मोड़े और सिर को नीचे करें। इस प्रक्रिया को 5-10 बार दोहराएं।
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धनुरासन - फोटो : pexel
धनुरासन
 
यह योगासन छाती और रीढ़ को मजबूत और लचीला बनाने में मदद करता है। धनुरासन के अभ्यास के लिए पेट के बल लेटकर दोनों पैरों को मोड़ें और हाथों से टखनों को पकड़ें। गहरी सांस लेते हुए छाती और पैरों को ऊपर उठाएं। इस स्थिति में 15-20 सेकंड तक रहें। इस आसन से छाती खोलने और सांस की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है। रीढ़ को मजबूत और लचीला बनाता है।  

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नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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