महिलाएं अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार बुढ़ापा रोकने के लिए न सिर्फ ब्यूटीशियनों पर मोटी रकम खर्च कर देती हैं बल्कि कई बार डॉक्टरों से चेहरे या अन्य अंगों की कास्मेटिक सर्जरी तक करा बैठती हैं। लेकिन घर बैठे भी व्यायाम करके महिलाएं जल्द आने वाला बुढ़ापा रोक सकती हैं।
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कैलिफोर्निया में हुए शोध में बताया गया है कि सुस्त या सक्रिय न रहने वाली महिलाओं में समय से पहले तेजी से बुढ़ापा आता है। इस शोध के लिए 65 वर्ष से कम तथा 95 वर्ष से कम आयु की डेढ़ हजार महिलाओं को शामिल किया गया।
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शोध में पाया गया कि जो महिलाएं दिन में ज्यादातर समय बैठकर गुजारती हैं या बहुत कम व्यायाम करती हैं उनकी कोशिकाएं सक्रिय नहीं रहती हैं। कम सक्रिय रहने वाली महिलाओं की तुलना में व्यायाम करने वाली या घर का नियमित कामकाज करने वाली महिलाओं की जैविक उम्र 8 साल अधिक होती है। यानी आलसी महिलाओं के मुकाबले सक्रिय रहने वाली महिलाओं में बुढ़ापा आठ साल बाद आता है और शारीरिक गठन भी तुलनात्मक रूप से कमजोर होता है।
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- फोटो : getty images
शोध के मुताबिक इंसान की उम्र के साथ उसकी कोशिकाओं की आयु भी बढ़ती जाती है। इस कारण डीएनए को मजबूत बनाने वाले तत्व कमजोर पड़ने लगते हैं और बुढ़ापा तेजी से आता है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में शोध का नेतृत्व करने वाले डॉ. अलाउद्दीन शादयाब ने बताया कि - ‘लंबे समय तक बैठे रहने वाली महिलाएं भी यदि रोजाना कम से कम आधा घंटे व्यायाम करती हैं तो उनमें बुढ़ापा जल्दी नहीं आता है। यदि युवावस्था से ही महिलाएं शारीरिक रूप से सक्रिय रहें तो न सिर्फ उनकी उम्र लंबी रहती है बल्कि उनका शारीरिक सौंदर्य भी लंबे समय तक आकर्षक बना रहता है।’
शोध के मुताबिक इंसान के बूढ़े होने पर उसके डीएनए के सिरे पर बनी टेलोमेर नामक कैपिंग सिकुड़ने लगती है। इसकी लंबाई इंसान की जैविक उम्र बताती है। टेलोमेर की सिकुड़न अथवा छोटा होना हृदयरोग, डाइबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियों को जन्म दे सकती है। इंसान द्वारा किए जाने वाले नियमित व्यायाम से भी इसकी लंबाई प्रभावित होती है।