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Emotional Healing Yoga Tips: मन में भारीपन और बिना वजह रोना? ये 5 योगासन बदल देंगे आपकी जिंदगी

Tue, 05 May 2026 01:55 PM IST
Shivani Awasthi लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Yoga Tips For Stress Relief: मन में भारीपन और बिना कारण रोने की समस्या से राहत पाने के लिए बालासन, भुजंगासन, शवासन, अनुलोम-विलोम और मार्जरी-व्यग्रासन जैसे योगासन बेहद प्रभावी माने जाते हैं। ये योगासन तनाव कम करने, मानसिक शांति बढ़ाने और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं।
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स्ट्रेस और एंग्जाइटी के लिए योग - फोटो : AI

Anxiety And Depression Ke Liye Yoga: आज की तेज़-रफ्तार जिंदगी में मानसिक तनाव, चिंता और भावनात्मक अस्थिरता आम समस्या बन गई है। कई बार बिना किसी खास वजह के मन भारी लगता है, आंखों में आंसू आ जाते हैं और व्यक्ति खुद को अकेला महसूस करने लगता है। यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है।

ऐसे में योग एक प्राकृतिक और प्रभावी उपाय साबित होता है। योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन को भी शांत और संतुलित करता है। नियमित योगाभ्यास से दिमाग में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, तनाव कम होता है और भावनात्मक स्थिरता आती है।

इस लेख में हम आपको ऐसे 5 आसान और प्रभावी योगासन बताएंगे, जो मन के भारीपन, बिना वजह रोने और मानसिक थकान को दूर करने में मदद कर सकते हैं। इन योगासनों को आप घर पर ही आसानी से कर सकते हैं और धीरे-धीरे अपने मानसिक स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव महसूस करेंगे।

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balasana - फोटो : pexel

बालासन

बालासन मन को शांत करने के लिए बेहद प्रभावी योगासन है। यह शरीर को रिलैक्स करता है और दिमाग की थकान दूर करता है। जब आप इस आसन में होते हैं, तो आपकी सांसें गहरी होती हैं, जिससे तनाव कम होता है और मन हल्का महसूस करता है।

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भुजंगासन - फोटो : Amar ujala

भुजंगासन 

यह आसन दिल और फेफड़ों को खोलने में मदद करता है। भुजंगासन करने से शरीर में ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और उदासी की भावना धीरे-धीरे कम होने लगती है। यह मूड को बेहतर बनाने में भी सहायक है।

 

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शवासन - फोटो : इंस्टाग्राम

शवासन

 

शवासन मानसिक शांति के लिए सबसे महत्वपूर्ण योगासन माना जाता है। इसमें शरीर पूरी तरह रिलैक्स होता है और दिमाग को आराम मिलता है। नियमित अभ्यास से चिंता और बेचैनी कम होती है।

 
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प्राणायाम - फोटो : Freepik.com

अनुलोम-विलोम प्राणायाम

 

यह श्वास तकनीक दिमाग को शांत करती है और भावनात्मक संतुलन बनाए रखती है। अनुलोम-विलोम करने से नर्वस सिस्टम मजबूत होता है और मन में सकारात्मकता बढ़ती है।

 
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मार्जरी आसन - फोटो : Istock

मार्जरी-व्यग्रासन

यह आसन शरीर और मन के बीच संतुलन बनाने में मदद करता है। यह रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और मानसिक तनाव को कम करता है, जिससे मन हल्का और शांत रहता है।

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नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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