फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yoga Poses for Mental Calm: एंग्जाइटी हो रही है तो कौन से योगासन करें, जिससे तुरंत लाभ मिलेगा

Mon, 04 May 2026 06:14 AM IST
Shruti Gaur लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Easy Yoga Poses for Mental Calm: अगर आपको किसी वजह से एंग्जाइटी हो रही है तो यहां कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताया जा रहा है, जो आपको तुरंत राहत दिलाएंगे। 
विज्ञापन
1 of 6
एंग्जाइटी हो रही है तो कौन से योगासन करें? - फोटो : AI
Easy Yoga Poses for Mental Calm: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में तनाव और एंग्जाइटी एक आम समस्या बन गई है। काम का दबाव, पढ़ाई का स्ट्रेस, पारिवारिक जिम्मेदारियां और लगातार बदलती लाइफस्टाइल के कारण मानसिक शांति प्रभावित हो रही है। ऐसे में लोग अक्सर बेचैनी, घबराहट और नींद न आने जैसी समस्याओं का सामना करते हैं। 

ऐसी अवस्था में दवाओं पर निर्भर रहने की बजाय योग एक प्राकृतिक और सुरक्षित तरीका है, जो शरीर और मन दोनों को संतुलित करने में मदद करता है। योग न सिर्फ तनाव कम करता है, बल्कि दिमाग को शांत कर फोकस और ऊर्जा भी बढ़ाता है। 

कुछ आसान योगासन ऐसे हैं, जिन्हें नियमित रूप से करने पर तुरंत राहत महसूस हो सकती है। इस लेख में हम आपको ऐसे सरल योगासनों के बारे में बताएंगे, जो एंग्जाइटी को कम करने और मानसिक शांति पाने में बेहद असरदार माने जाते हैं।
 
विज्ञापन

2 of 6
एंग्जाइटी हो रही है तो कौन से योगासन करें?
बालासन 

बालासन एक बहुत ही सरल और प्रभावी योगासन है, जिसे मानसिक शांति के लिए बेहद उपयोगी माना जाता है। इस आसन में घुटनों के बल बैठकर शरीर को आगे की ओर झुकाया जाता है और माथा जमीन से लगाया जाता है। यह स्थिति दिमाग को आराम देती है और पूरे शरीर का तनाव धीरे-धीरे कम होने लगता है। जब आप इस आसन को करते हैं तो सांसों पर ध्यान केंद्रित करने से मन शांत होता है और चिंता कम महसूस होती है। यह खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो मानसिक थकान या एंग्जाइटी महसूस करते हैं।

 
विज्ञापन

3 of 6
एंग्जाइटी हो रही है तो कौन से योगासन करें? - फोटो : इंस्टाग्राम
वज्रासन

वज्रासन एक ऐसा योगासन है जिसे भोजन के बाद भी किया जा सकता है। इसमें घुटनों के बल बैठकर पैरों पर शरीर का वजन रखा जाता है। यह आसन पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के साथ-साथ दिमाग को स्थिर करने में भी मदद करता है। नियमित रूप से वज्रासन करने से मानसिक अस्थिरता कम होती है और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ती है। यह शरीर और मन दोनों को संतुलित रखने में सहायक होता है।

 

4 of 6
एंग्जाइटी हो रही है तो कौन से योगासन करें? - फोटो : इंस्टाग्राम
शवासन

शवासन को सबसे प्रभावी रिलैक्सेशन योगासन माना जाता है। इसमें व्यक्ति पीठ के बल लेटकर पूरे शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़ देता है। इस स्थिति में शरीर किसी भी तनाव से मुक्त हो जाता है और दिमाग धीरे-धीरे शांत होने लगता है। यह आसन एंग्जाइटी, तनाव और मानसिक थकान को कम करने में बहुत असरदार है। कुछ मिनट शवासन करने से शरीर को गहरी शांति और आराम मिलता है।
 
विज्ञापन

5 of 6
एंग्जाइटी हो रही है तो कौन से योगासन करें? - फोटो : इंस्टाग्राम

अनुलोम-विलोम प्राणायाम

अनुलोम-विलोम एक श्वास-प्रश्वास आधारित प्राणायाम है, जिसमें बारी-बारी से नाक के दोनों छिद्रों से सांस ली और छोड़ी जाती है। यह तकनीक दिमाग में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ाती है और नर्वस सिस्टम को शांत करती है। इससे मानसिक तनाव कम होता है और फोकस बढ़ता है। यह नियमित रूप से करने पर एंग्जाइटी में काफी राहत देता है और दिमाग को स्थिर बनाता है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
एंग्जाइटी हो रही है तो कौन से योगासन करें? - फोटो : इंस्टाग्राम
भ्रामरी प्राणायाम

भ्रामरी प्राणायाम में सांस छोड़ते समय मधुमक्खी जैसी धीमी गुनगुनाहट की आवाज निकाली जाती है। यह ध्वनि सीधे दिमाग पर असर करती है और मानसिक तनाव को कम करती है। इसे करने से मन शांत होता है, गुस्सा कम होता है और एंग्जाइटी में तुरंत राहत महसूस होती है। यह प्राणायाम नींद सुधारने और मानसिक स्थिरता बढ़ाने में भी सहायक है।

 

नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें