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सर्दियों में रोग- प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए करें ये आसन, शरीर रहेगा एकदम स्वस्थ

Wed, 20 Jan 2021 09:17 AM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीy
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आसनों का अभ्यास लंबी- गहरी श्वास लेते हुए करें - फोटो : Pixabay

रोग- प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो, यह इसलिए भी आवश्यक है ताकि कोरोना ही नहीं अन्य कोई भी बीमारी शरीर को छू सकेगा। शरीर में सर्द हवाओं के कारण जुकाम हो जाना बहुत आम बात है। बार-बार जुकाम के होने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कमजोर हो जाती है इसलिए बहुत जरूरी है कि प्रतिदिन योग का थोड़ी ही देर के लिए पर अभ्यास अवश्य करें। काढ़ा आदि पीकर भी वैसे तो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है लेकिन यह सबके शरीर पर एक जैसा काम नहीं करता है इसलिए हम आपको अगली स्लाइड्स के माध्यम से बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे आसान आसन जिनको करने से आपकी रोग- प्रतिरोधक क्षमता हो जाएगी विकसित। इन आसनों का अभ्यास लंबी- गहरी श्वास लेते हुए करें।

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भुजंगासन - फोटो : Social media

भुजंगासन
भुजांगासन सांप के उठे हुए फन के जैसा दिखता है इसलिए इसे सांपासन या सर्पआसन भी कहा जाता है। भुजंगासन सूर्य नमस्कार आसन का हिस्सा है। लेटकर शरीर को आगे से उठाकर इसका अभ्यास 15-30 सेकेंड या 5-10 लंबी सांसें लेने तक किया जा सकता है। सर्दियों में इसे करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती तो है ही साथ ही तनाव से भी छुटकारा मिलता है। प्रतिदिन करने से रक्त संचार भी बढ़ता है। 

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त्रिकोणासन  - फोटो : social media

त्रिकोणासन 
इस आसन को करने पर त्रिभुज जैसी आकृति बनती है, यही वजह है कि इसे यह नाम मिला। ये रोग- प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले सबसे अच्छे आसनों में से एक है। इसे करना आसान भी है। आसन का अभ्यास सुबह के समय खाली पेट किया जाना चाहिए नहीं तो इसके विपरीत परिणाम भी हो सकते हैं। यह शरीर में रक्त संचार  तो सुधारता ही है। साथ ही पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाता है।

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ताड़ासन - फोटो : amar ujala

ताड़ासन
ताड़ासन बहुत सरल आसन है। इसे कोई भी व्यक्ति आसानी से करता है। इस योग आसन को माउंटेन पोस भी कहा जाता है। इस मुद्रा को दिन में किसी भी समय किया जा सकता है, सिर्फ सुबह करने का ऐसा कोई नियम नहीं हे। इस आसन को करते समय इस बात ध्यान रखें कि उस समय आपका पेट खाली हो। ताड़ासन पाचन तंत्र को सुचारू कर आपकी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।

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शवासन - फोटो : social media

मकरासन के साथ शवासन
रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए मकरासन का अभ्यास जरूर करें। इसे करने के बाद 30 सेकंड तक शवासन भी करें। इस दौरान लंबे गहरी श्वास लें। ऐसा करने से शरीर को पर्याप्त प्राणवायु मिलती है। जब पर्याप्त प्राणवायु मिलती है तो रोग-प्रतिरोधक क्षमता और भी बेहतर होती है। इसे करने से सर्दियों के दिनों में शरीर में होने वाली अकड़न भी मिट जाती है।

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