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Yoga Tips: महिला और पुरुष दोनों कर सकते हैं ये चार योगासन, बढ़ेगी प्रजनन क्षमता

Thu, 31 Oct 2024 11:16 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

योगासन शरीर में रक्त प्रवाह को बढ़ाने, हार्मोनल संतुलन बनाए रखने, और मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं कुछ योगासन जो महिला और पुरुष दोनों के लिए प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं।
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प्रजनन क्षमता बढ़ाने वाले योगासन - फोटो : Amar Ujala Graphics
Couple Yoga To Boost Fertility: प्रजनन क्षमता (फर्टिलिटी) का स्वस्थ होना महिला और पुरुष दोनों के लिए आवश्यक है, खासकर जब आप संतान की योजना बना रहे हों। आज की तेज जीवनशैली, तनाव, गलत खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण कई लोग प्रजनन क्षमता में कमी जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। हालांकि, नियमित रूप से योग करने से न केवल तनाव कम होता है, बल्कि यह प्रजनन स्वास्थ्य को भी सुधारने में सहायक हो सकता है। योगासन शरीर में रक्त प्रवाह को बढ़ाने, हार्मोनल संतुलन बनाए रखने, और मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं कुछ योगासन जो महिला और पुरुष दोनों के लिए प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं।
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सूर्य नमस्कार - फोटो : Amar Ujala
सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार में नौ अभ्यास होते हैं जो अलग-अलग आसनों से मिलकर बनते हैं। इसे प्रतिदिन सुबह करने से वजन घटाने में मदद मिलती है। सूर्य नमस्कार शरीर को एक्सरसाइज की तरह फिट और एक्टिव रखता है, जिससे की समग्र वजन घटाने में मदद मिलती है।
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भ्रामरी प्राणायाम - फोटो : Amar Ujala
भ्रामरी प्राणायाम

भ्रामरी प्राणायाम प्रजनन क्षमता में सुधार लाने के साथ ही हाई बीपी के मरीजों के लिए लाभकारी है। इससे रात में नींद बेहतर आती है और तनाव कम होता है। ये आसन हार्ट ब्लॉकेज को रोकता है। इस प्राणायाम के अभ्यास के लिए शांत और हवादार जगह पर बैठकर आंखें बंद कर लें । अब तर्जनी उंगलियों को दोनों कानों पर रखते हुए मुंह बंद करके नाक  से ही सांस लें और छोड़ें। सांस छोड़ने के दौरान ओम का उच्चारण करें। इस प्रक्रिया को 5-7 बार दोहराएं।

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पश्चिमोत्तानासन योग - फोटो : amar ujala
 
पश्चिमोत्तानासन (Seated Forward Bend)

पश्चिमोत्तानासन के अभ्यास के लिए आसन पर सीधे बैठें। पैरों को बढ़ाएं और  पीठ  को सीधा रखें। हाथों को सीधा ऊपर ले जाते हुए नीचे की ओर झुकें। धीरे-धीरे सिर को पैरों की ओर लाएं और पूरी स्थिति में 15-30 सेकंड तक रहें। इस आसन से पेट की चर्बी कम करने में मदद मिलती है और पीठ, कमर और पांव की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। 
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हस्तपादासन - फोटो : Amar Ujala
हस्तपादासन

हस्तपादासन शरीर को लचीला बनाने में सहायक है और पेट के पास के तनाव को कम करता है। इस आसन से पेट की चर्बी कम होती है। पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों में खिंचाव आता है और दर्द से राहत मिलती है।

पादहस्तासन के अभ्यास के लिए सीधे खड़े होकर कमर को मोड़ते हुए आगे की तरफ झुकें।  दोनों पैरों को चिपका कर रखें और हाथों से एड़ियों को छूने का प्रयास करें। अब सिर से घुटनों को छूने की कोशिश करें। इस दौरान लंबी-गहरी सांस लेते रहें। 15-20 सेकेंड  में इसी मुद्रा में बने रहने का प्रयास करें।

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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 

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