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Yoga Tips: छाती से लेकर पीठ और जांघों तक के लिए लाभकारी है कैमल पोज, जानिए इसका तरीका और फायदे

Sat, 11 Jun 2022 11:48 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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उष्ट्रासन योग करने के लाभ - फोटो : Istock
शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की फिटनेस को बेहतर बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को रोजाना योग-व्यायाम करने की सलाह देते हैं। योग की आदत बनाकर न सिर्फ शारीरिक निष्क्रियता को कम कर सकते हैं, साथ ही इसे कई तरह की बीमारियों के जोखिम को कम करने वाला भी माना जाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि दैनिक योगासनों की आदत बनाकर आप शरीर की बड़ी मांसपेशियों की दिक्कतों को काफी हद तक कम कर सकते हैं, जिससे शरीर में दर्द और अकड़न की समस्या में काफी लाभ मिलता है। कैमल पोज या उष्ट्रासन योग के अभ्यास को विशेषज्ञ काफी कारगर मानते हैं।

कैमल पोज,  छाती से लेकर पीठ और जांघों तक की स्ट्रेचिंग के साथ रक्त परिसंरण को ठीक करने, छाती को फैलाने, रीढ़ की समस्याओं को दूर करने और मानसिक शांति का एहसास कराने में आपके लिए मददगार हो सकता है। सभी लोगों को दिनचर्या में इन योगासन को जरूर शामिल करना चाहिए। आइए उष्ट्रासन योग करने के तरीके और इससे होने वाले लाभ के बारे में जानते हैं।
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कैमल पोज योग करने के लाभ - फोटो : istock
कैसे किया जाता है यह योग?

उष्ट्रासन योग का अभ्यास कठिन होता है जिसके लिए आपको विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता हो सकती है। इसके तरीके के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से सलाह लेना ज्यादा बेहतर तरीका माना जाता है। इस योग को करने के लिए सबसे पहले घुटनों के बल बैठ जाएं। अब सांस लेते हुए रीढ़ के निचली हिस्से को आगे की तरफ जाने का दबाव डालें। इस दौरान पूरा दबाव नाभि पर महसूस होना चाहिए। अपनी पीठ को पीछे की तरफ मोड़ते हुए झुकें। गर्दन को ढीला छोड़ दें। इस स्थिति में 30 से 60 सेकेंड तक बने रहें।
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फिटनेस के लिए फायदेमंद योग - फोटो : istock
उष्ट्रासन योग करने के लाभ
उष्ट्रासन योग शरीर के कई अंगों की शक्ति को बढ़ाने के लिए विशेष लाभप्रद माना जाता है। इसके नियमित अभ्यास की आदत बनाकर आप इस तरह के स्वास्थ्य लाभ पा सकते हैं। 
  • कैमल पोज जांघों की चर्बी कम करता है।
  • कंधों और पीठ की स्ट्रेचिंग करने के साथ उन्हें मजबूती देने वाला योगाभ्यास।
  • शारीरिक मुद्रा में सुधार करता है।
  • छाती को खोलने और श्वसन में सुधार करने में कारगर योगाभ्यास।
  • पीठ के निचले हिस्से के दर्द से राहत दिलाता है।
  • जांघों और बाहों को मजबूत करता है।
  • शरीर के लचीलेपन, खासकर रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ बनाने में कारगर योग।
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उष्ट्रासन योग  किसे नहीं करना चाहिए? - फोटो : iStock
उष्ट्रासन योग  की सावधानियां

कुछ प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के शिकार लोगों को उष्ट्रासन योग को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। रक्तचाप से पीड़ित, अनिद्रा की समस्याओं से परेशान लोगों को इस योग से बचाव करना चाहिए। इसके अलावा जिन लोगों को पीठ में चोट या गर्दन में दर्द की दिक्कत हो उन्हें भी उष्ट्रासन योग से बचना चाहिए।



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नोट:
यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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