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Yoga Tips: बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी को रोजाना करना चाहिए ब्रिज पोज योग का अभ्यास, जानिए इसके लाभ

Sun, 29 May 2022 11:02 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ब्रिज पोज योग का रोजाना अभ्यास - फोटो : istock
शरीर के बेहतर फिटनेस के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को शारीरिक सक्रियता पर विशेष ध्यान देने की सलाह देते हैं। मौजूदा समय में तेजी से बढ़ रही कई सारी गंभीर बीमारियों के लिए सेंडेंटरी लाइफस्टाइल यानी कि जीवनशैली की निष्क्रियता को प्रमुख कारण के तौर पर देखा जाता है। दिनचर्या में योग-व्यायाम को शामिल करके शारीरिक सक्रियता और फिटनेस को ठीक रखने में मदद मिल सकती है। इसके लिए विशेषज्ञ सभी लोगों को रोजाना योगाभ्यास करते रहने की सलाह देते हैं। इसके लिए आप रोजाना ब्रिज पोज योग यानी कि सेतुबंधासन योग का अभ्यास कर सकते हैं।

ब्रिज पोज़ को बैकबेंड के रूप में वर्गीकृत किया गया है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी आयु के लोग इस योग का अभ्यास करके लाभ प्राप्त कर सकते हैं। कमर-रीढ़ से लेकर पैरों और जांघों के लिए इस योग के अभ्यास को काफी फायदेमंद माना जाता है। ब्रिज पोज शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत को ठीक बनाए रखने में आपके लिए सहायक अभ्यास हो सकता है। आइए इस योग के तरीके और इससे होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं।
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सेतुबंधासन का तरीका - फोटो : pixabay
सेतुबंधासन योग करने का तरीका

सेतुबंधासन योग आसान है पर अगर आप पहली बार इसे करने जा रहे हैं तो इसके बारे में किसी विशेषज्ञ से जरूर समझ लें। कुछ स्थितियों में इस योगाभ्यास को न करने की भी सलाह दी जाती है।
इस योग को करने के लिए सबसे पहले मैट पर लेट जाएं।  धीरे-धीरे अपने पैरों को घुटनों से मोड़कर हिप्स के पास ले आएं। अब कमर को जितना हो सके फर्श से ऊपर की तरफ उठाएं। कुछ देर के लिए इस स्थिति में सांस को रोककर रखें और फिर सांस छोड़ते हुए वापस पूर्ववत अवस्था में आ जाएं।
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ब्रिज पोज योग के लाभ - फोटो : iStock
ब्रिज पोज योग करने के फायदे
ब्रिज पोज योग का नियमित अभ्यास शरीर के लिए कई प्रकार से लाभदायक हो सकता है। शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत को ठीक रखने के साथ शरीर की सक्रियता बढ़ाने और मांसपेशियों-हड्डियों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए रोजाना इस योग के अभ्यास की आदत बनाएं। 
  • पीठ, ग्लूट्स, टांगों और टखनों को मजबूत बनाने वाला योग।
  • छाती, हृदय और कूल्हे की मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में सहायक है।
  • छाती, गर्दन, कंधों और रीढ़ की स्ट्रेचिंग हो जाती है जिससे इन अंगों में दर्द की समस्या कम को कम किया जा सकता है।
  • मन को शांत करने, तनाव और अवसाद के लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद करता है।
  • पेट, फेफड़े और थायराइड के अंगों को उत्तेजित करता है।
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योग से पहले लें विशेषज्ञों की सलाह - फोटो : iStock
ब्रिज पोज योग से संबंधित सावधानियां

ब्रिज पोज योग का अभ्यास वैसे तो काफी फायदेमंद माना जाता है पर आदर्श रूप से किसी भी योग की शुरुआत से पहले हमेशा अपने चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए। ब्रिज पोज योग के संदर्भ में जिन लोगों को गर्दन में चोट या दर्द रहती है, पीठ के निचले हिस्से में दर्द या घुटने की समस्या है, उन्हें इसके अभ्यास से बचना चाहिए। आसन के बारे में जानकारी के लिए पहले किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें। 



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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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