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Yoga Tips: भ्रामरी प्राणायाम मस्तिष्क को कर देता ही री-बूट, इसके अद्भुत स्वास्थ्य लाभ के बारे में जानिए

Thu, 23 Jun 2022 11:37 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भ्रामरी प्राणायाम करने के लाभ - फोटो : istock
शरीर के बेहतर ढंग से काम करते रहने के लिए मस्तिष्क का स्वस्थ रहना बहुत आवश्यक माना जाता है। हालांकि चिंता और तनाव की बढ़ती समस्याओं ने मस्तिष्क की सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मस्तिष्क पूरे शरीर के संचालन का काम करता है ऐसे में इस अंग में होने वाली किसी भी तरह की समस्या का असर पूरे शरीर की कार्यप्रणाली पर देखा जा सकता है।

मस्तिष्क के साथ-साथ संपूर्ण शरीर को स्वस्थ और फिट बनाए रखने के लिए सभी लोगों को नियमित योग और व्यायाम करने की सलाह दी जाती है। प्राणायाम का अभ्यास आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है।

प्राणायाम आपके शरीर और मन के बीच संतुलन बनाए रखने का सबसे कारगर तरीका माने जाते हैं। इसमें भी भ्रामरी प्राणायाम को अत्यंत लाभकारी माना जाता है। यह प्राणायाम आपके  मस्तिष्क को री-बूट करके तंत्रिकाओं को आराम देने, हार्मोन्स के स्तर को ठीक बनाए रखने और तनाव-चिंता जैसी समस्याओं के जोखिम को कम करने में फायदेमंद हो सकता है। भ्रामरी प्राणायाम के समय मधुमक्खियों को गुंजन जैसी आवाज आती है। यह नसों को शांत करने और विशेष रूप से मस्तिष्क के कार्यों को बेहतर बनाए रखने का अभ्यास है। आइए इससे होने वाले फायदों के बारे में जानते हैं।
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भ्रामरी प्राणायाम का तरीका - फोटो : iStock
भ्रामरी प्राणायाम कैसे किया जाता है?

भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास काफी सरल और अत्यंत प्रभावी है। सभी उम्र के लोग आसानी से इसका अभ्यास कर सकते हैं। इस प्राणायाम को करने के लिए सबसे पहले किसी शांत और जगह पर बैठें। अपनी आँखें बंद करके उंगलियों से कान और आंखों को बंद कर लें। अपना मुंह बंद रखते हुए नाक से सांस लें और छोड़ें। सांस छोड़ने के दौरान ऊँ का उच्चारण भी कर सकते हैं। ऐसा करने से मस्तिष्क की तंत्रिकाओं में कंपन होता है जिसका मस्तिष्क के कार्यों पर विशेष प्रभाव देखा गया है।
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प्राणायाम से मानसिक स्वास्थ्य को लाभ - फोटो : iStock
भ्रामरी प्राणायाम करने से क्या लाभ है?

भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास आपके शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत के लिए विशेष लाभकारी हो सकता है। 
  • तनाव, क्रोध और चिंता से राहत दिलाने के साथ उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों के लिए यह अभ्यास काफी लाभदायक है।
  • माइग्रेन की समस्या को कम करने में यह अभ्यास मदद करता है।
  • प्राणायाम से एकाग्रता और याददाश्त में सुधार होता है।
  • आत्मविश्वास को बढ़ावा देने में यह योगासन काफी फायदेमंग है।
  • मन को शांत करने में भ्रामरी प्राणायाम के अभ्यास को काफी फायदेमंद माना जाता है।
  • पढ़ाई करने वाले बच्चों में याददाश्त को ठीक करने का काफी कारगर अभ्यास है।
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योग के दौरान रखें ऐसी सावधानियां - फोटो : Pixabay
भ्रामरी प्राणायाम की सावधानी

भ्रामरी प्राणायाम को वैसे तो काफी लाभकारी माना जाता है पर कुछ स्थितियों में इसके लिए विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। सुनिश्चित करें कि आप अपनी उंगली कान के अंदर नहीं बल्कि कार्टिलेज पर लगाकर रखें। गुनगुनाते समय अपना मुंह बंद रखें, अपने चेहरे पर दबाव न डालें। किसी योग विशेषज्ञ से इस अभ्यास के बारे में जानकारी प्राप्त कर लें। 


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नोट:
यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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