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आज का योग: ब्लड शुगर बढ़ने से रोकने और डायबिटीज की जटिलताओं को दूर करने में बेहद कारगर हैं ये तीन योगासन

Thu, 17 Feb 2022 12:35 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ टिप्स, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डायबिटीज में कौन से योग करें? - फोटो : iStock
मेटाबॉलिज्म से संबंधित विकारों के कारण कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, डायबिटीज उनमें से एक है। रक्त में शर्करा का स्तर बढ़ जाने के कारण डायबिटीज की समस्या होती है। ब्लड शुगर का स्तर लगातार बढ़े रहना शरीर में कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। यही कारण है कि सभी लोगों को इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या से बचे रहने की सलाह दी जाती है। मेटाबॉलिज्म दर को बढ़ाने, तनाव को प्रतिबंधित करने और ब्लड शुगर के स्तर को कम करने के उपाय करके डायबिटीज को कंट्रोल किया जा सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इन उपायों के साथ दैनिक जीवन में योगासनों को शामिल करना भी मधुमेह रोगियों के लिए काफी लाभदायक हो सकता है। योगासनों का नियमित अभ्यास रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखने के साथ इसे बढ़ने से रोकते हैं। इतना ही नहीं डायबिटीज की तमाम जटिलताओं को दूर करने में भी योगासनों के अभ्यास को लाभदायक माना जाता है। आइए ऐसे ही कुछ आसनों के बारे में जानते हैं जिनका अभ्यास सभी लोगों के लिए फायदेमंद माना जाता है, विशेषकर मधुमेह रोगियों को इनका अभ्यास जरूर करना चाहिए।
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डायबिटीज में हलासन के लाभ - फोटो : Pixabay
प्लो पोज
डायबिटीज रोगियों के लिए प्लो पोज या हलासन योग का अभ्यास काफी लाभदायक हो सकता है। थायरॉयड ग्रंथि को उत्तेजित करने, रक्त परिसंचरण को बढ़ाने और तनाव को कम करने में इस योग के लाभ माने जाते हैं। डायबिटीज की जटिलताओं को कम करने में इस योग का अभ्यास काफी लाभदायक हो सकता है। प्लो पोज का अभ्यास पीठ दर्द, सिरदर्द और अनिद्रा को दूर करने में भी मदद कर सकता है।
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ऊर्ध्व मुख शवासन योग के लाभ - फोटो : Istock
ऊर्ध्व मुख शवासन
मधुमेह रोगियों की जटिलताओं का कम करने के साथ रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखने के लिए ऊर्ध्व मुख शवासन योग के अभ्यास को काफी लाभदायक माना जाता है। इस उत्तेजक पोज के लिए मांसपेशियों की ताकत की आवश्यकता होती है। इसका अभ्यास निम्न रक्तचाप को बनाए रखने, परिसंचरण को बढ़ावा देने और वजन घटाने को बढ़ावा देने में मदद कर सकती है। यह पेट के अंगों को भी उत्तेजित करता है।
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धनुरासन योग के क्या लाभ हैं? - फोटो : Pixabay
धनुरासन योग
धनुरासन योग या बो पोज का अभ्यास करना शरीर के लिए कई तरह से लाभदायक माना जाता है। यह बैकबेंड पोज आपकी छाती को खोलता है और आपके पेट के अंगों को उत्तेजित करता है। रक्त शर्करा के स्तर को कम करने के साथ ही कब्ज और सांस की बीमारियों से राहत दिलाने में भी इसके अभ्यास के लाभ माने जाते हैं। मेटाबॉलिज्म की समस्याओं को ठीक करने में भी इस योग का अभ्यास करना आपके लिए फायदेमंद माना जाता है। 


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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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