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Yoga Poses to Boost Immune System: मानसून में करें ये योगासन, ताकि इम्युनिटी रहे मजबूत

Sun, 28 Jun 2026 01:26 PM IST
Shruti Gaur लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Yoga Poses to Boost Immune System: बारिश का मौसम कुछ ही दिन में शुरू होने वाला है। ऐसे में आज से ही कुछ योगासनों का अभ्यास शुरू करें, ताकि आपकी इम्युनिटी मजबूत बनी रहे।
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मानसून में करें ये योगासन - फोटो : AI
Yoga Poses to Boost Immune System:  बारिश का मौसम अपने साथ नमी, संक्रमण और मौसमी बीमारियों का खतरा भी लेकर आता है। ऐसे में मजबूत इम्यून सिस्टम होना बेहद जरूरी है ताकि शरीर बैक्टीरिया और वायरस से बेहतर तरीके से लड़ सके। योग न केवल शरीर को फिट रखता है, बल्कि इम्यूनिटी को प्राकृतिक रूप से बढ़ाने में भी मदद करता है। 

नियमित योग अभ्यास से तनाव कम होता है, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। मानसून शुरू होने से पहले अगर कुछ खास योगासनों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया जाए, तो कई बीमारियों से बचाव संभव है। 

खास बात यह है कि इसके लिए ज्यादा समय या किसी विशेष उपकरण की जरूरत नहीं होती। बस कुछ मिनटों का नियमित अभ्यास आपके स्वास्थ्य को लंबे समय तक बेहतर बना सकता है। आइए जानते हैं ऐसे योगासन जो आपकी इम्युनिटी को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।
 
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मानसून में करें ये योगासन - फोटो : AI
ताड़ासन 
 
  • ताड़ासन योग का एक सरल लेकिन बेहद प्रभावी आसन है, जिसे “पर्वत मुद्रा” भी कहा जाता है।
  •  यह शरीर को पूरी तरह स्ट्रेच करता है और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखने में मदद करता है।
  •  इसके नियमित अभ्यास से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे सभी अंगों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व सही तरीके से पहुंचते हैं। 
  • यह आसन शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ाने के साथ-साथ थकान को भी कम करता है। 
  • ये शरीर की मुद्रा को सुधारने में भी मददगार है।

 
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मानसून में करें ये योगासन - फोटो : AI
वृक्षासन 
 
  • वृक्षासन एक बैलेंसिंग योग मुद्रा है, जिसे “ट्री पोज़” भी कहा जाता है। 
  • यह शरीर में स्थिरता और संतुलन को बढ़ाता है। 
  • इस आसन का अभ्यास मानसिक फोकस को मजबूत करता है और तनाव को कम करने में मदद करता है। 
  • नियमित रूप से वृक्षासन करने से एकाग्रता बढ़ती है और मन शांत रहता है, जिससे इम्यून सिस्टम पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। 
  • यह आसन पैरों, रीढ़ और मांसपेशियों को भी मजबूत करता है।

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मानसून में करें ये योगासन - फोटो : Adobe

भुजंगासन 
 
  • भुजंगासन को “कोबरा पोज़” कहा जाता है। 
  • यह रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और छाती को खोलने में मदद करता है। 
  • इससे फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है और सांस लेने की प्रक्रिया बेहतर होती है। 
  • यह आसन शरीर में ऑक्सीजन के प्रवाह को सुधारता है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। 
  • यह पेट की मांसपेशियों को भी टोन करता है और पाचन क्रिया को सुधारता है।
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मानसून में करें ये योगासन - फोटो : इंस्टाग्राम

अनुलोम-विलोम
 
  • अनुलोम-विलोम एक प्राणायाम तकनीक है जो श्वसन प्रणाली को संतुलित करती है। 
  • यह शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति को बढ़ाकर मानसिक तनाव को कम करता है।
  •  इसके नियमित अभ्यास से दिमाग शांत रहता है और एकाग्रता बढ़ती है। 
  • यह नाड़ियों को शुद्ध करने में भी मदद करता है, जिससे शरीर की इम्यूनिटी मजबूत होती है। 
  • यह तनाव और चिंता को कम करने में बेहद प्रभावी माना जाता है।

 
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मानसून में करें ये योगासन - फोटो : Amar Ujala
कपालभाति
 
  • कपालभाति एक शक्तिशाली प्राणायाम है, जो शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। 
  • यह पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। 
  • इसके अभ्यास से मेटाबॉलिज्म तेज होता है और शरीर अधिक ऊर्जावान महसूस करता है।
  • नियमित कपालभाति करने से फेफड़ों की कार्यक्षमता भी बेहतर होती है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

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नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

 
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