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योग टिप्स: 50 की उम्र के बाद फिट रहना है? ये 6 आसान योगासन जरूर करें

Thu, 08 Oct 2026 07:30 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

best yoga poses after 50: 50 की उम्र के बाद फिटनेस के लिए योग को धीरे-धीरे और नियमित रूप से दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है। ताड़ासन, वज्रासन, मार्जरी आसन, बालासन, भुजंगासन और शवासन जैसे अभ्यास शुरुआती स्तर पर किए जा सकते हैं, लेकिन हर व्यक्ति की शारीरिक क्षमता अलग होती है। 
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50 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए योगासन - फोटो : AI

Yoga Tips For Elders: उम्र बढ़ने के साथ शरीर में लचीलापन, मांसपेशियों की ताकत और संतुलन में धीरे-धीरे बदलाव आ सकता है। ऐसे में फिट रहने के लिए बहुत कठिन एक्सरसाइज करने के बजाय अपनी क्षमता के अनुसार हल्की शारीरिक गतिविधि और योग को दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।

50 की उम्र के बाद योग करते समय सबसे जरूरी बात यह है कि आसन शरीर की क्षमता और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार किए जाएं। शुरुआत हमेशा धीरे करें और किसी भी आसन के दौरान दर्द या असहजता महसूस होने पर रुक जाएं। ताड़ासन, वज्रासन, मार्जरी आसन, बालासन, भुजंगासन और शवासन जैसे अपेक्षाकृत सरल योग अभ्यास शुरुआती लोगों के लिए उपयोगी हो सकते हैं, लेकिन हर व्यक्ति की जरूरत अलग होती है।

अगर पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या, चोट, चक्कर आने की समस्या या जोड़ संबंधी परेशानी है, तो योग शुरू करने से पहले विशेषज्ञ या प्रशिक्षित योग शिक्षक से सलाह लेना बेहतर है। योग को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाने से शरीर को सक्रिय रखने और मानसिक रूप से रिलैक्स महसूस करने में मदद मिल सकती है।

आइए जानते हैं 50 की उम्र के बाद किए जा सकने वाले कुछ आसान योगासन और इन्हें करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

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ताड़ासन - फोटो : Amar ujala

ताड़ासन

ताड़ासन एक सरल खड़े होकर किया जाने वाला आसन है। इसमें शरीर को सीधा रखते हुए पैरों और रीढ़ की स्थिति पर ध्यान दिया जाता है।

यह शुरुआती लोगों के लिए शरीर की मुद्रा और संतुलन पर काम करने का एक आसान अभ्यास हो सकता है। इसे को धीरे-धीरे और नियमित रूप से दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है। ताड़ासन, वज्रासन, मार्जरी आसन, करते समय जल्दबाजी न करें और संतुलन बिगड़ने पर सहारा लें।

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Vajrasana - फोटो : pexel

वज्रासन

वज्रासन में घुटनों को मोड़कर बैठा जाता है। यह अपेक्षाकृत सरल आसन है, लेकिन जिन लोगों को घुटनों या पैरों में दर्द की समस्या है, उन्हें इसे सावधानी से करना चाहिए। अगर बैठने में परेशानी हो तो जबरदस्ती मुद्रा में न जाएं।

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मार्जरी आसन - फोटो : Istock

मार्जरी आसन

मार्जरी आसन में हाथों और घुटनों के सहारे शरीर की मुद्रा को धीरे-धीरे बदला जाता है। यह रीढ़ की हल्की गतिशीलता के लिए किया जाता है। इसे बहुत धीरे करें और कमर या गर्दन पर दबाव महसूस होने पर रुक जाएं।

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बालासन - फोटो : istock

बालासन

बालासन एक आरामदायक योग मुद्रा मानी जाती है। इसमें शरीर को आगे की ओर झुकाकर विश्राम की स्थिति बनाई जाती है। अगर घुटनों या कूल्हों में परेशानी है, तो इस आसन को करने से पहले योग विशेषज्ञ से सही मुद्रा के बारे में पूछना बेहतर है।

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भुजंगासन - फोटो : Amar ujala

भुजंगासन

भुजंगासन में पेट के बल लेटकर शरीर के ऊपरी हिस्से को धीरे-धीरे ऊपर उठाया जाता है। इसे करते समय कमर पर ज्यादा दबाव डालने से बचना जरूरी है। अगर कमर से जुड़ी समस्या है, तो इसे बिना विशेषज्ञ की सलाह के न करें।

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शवासन - फोटो : इंस्टाग्राम

शवासन

शवासन बेहद सरल विश्राम मुद्रा है। इसमें पीठ के बल आराम से लेटकर शरीर को ढीला छोड़ने और सांस पर ध्यान देने की कोशिश की जाती है। योग अभ्यास के अंत में कुछ मिनट शवासन करने से शरीर को आराम देने में मदद मिल सकती है।
 

50 के बाद योग करते समय इन बातों का रखें ध्यान
 

  • शुरुआत आसान और कम समय वाले अभ्यास से करें।
  • शरीर पर जरूरत से ज्यादा दबाव न डालें।
  • संतुलन वाले आसन दीवार या मजबूत सहारे के पास करें।
  • दर्द को नजरअंदाज करके आसन जारी न रखें।
  • खाली पेट या भोजन के कुछ समय बाद योग करना सुविधाजनक हो सकता है।
  • पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है तो डॉक्टर या योग्य योग प्रशिक्षक से सलाह लें।

नोट: ये लेख योग विशेषज्ञ की सलाह पर तैयार किया गया है। शरीर की स्थिति और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए किसी भी आसन को करने से पहले विशेषज्ञ सलाह और देखरेख में ही अभ्यास करें।
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