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Heart Health Yoga: दिल को स्वस्थ रखना है? रोज़ करें ये 7 योगासन, हार्ट रहेगा मजबूत और एक्टिव

Tue, 28 Jul 2026 09:55 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Best Yoga For Healthy Heart: नियमित योग और प्राणायाम तनाव कम करने, लचीलापन बढ़ाने और समग्र हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, सेतु बंधासन और अनुलोम-विलोम जैसे अभ्यास स्वस्थ जीवनशैली के साथ मिलकर दिल की सेहत के लिए लाभदायक माने जाते हैं। यदि आपको हृदय रोग है, तो योग शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना उचित है।
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हृदय स्वास्थ्य के लिए योग - फोटो : Ai

Heart Ke liye Yogasan: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव, अनियमित खानपान और शारीरिक गतिविधि की कमी का असर सबसे पहले हमारे हृदय पर पड़ता है। कम उम्र में भी उच्च रक्तचाप, मोटापा और हृदय संबंधी समस्याएं पहले की तुलना में अधिक देखने को मिल रही हैं। ऐसे में केवल दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और योग जैसी स्वस्थ आदतें अपनाना भी महत्वपूर्ण है। योग केवल शरीर को लचीला बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक तनाव कम करने, सांस लेने की क्षमता सुधारने और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी मदद कर सकता है।

कई अध्ययनों से संकेत मिलता है कि नियमित योग और श्वास अभ्यास तनाव के स्तर को कम करने, रक्तचाप के प्रबंधन में सहायक होने और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाने में भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, योग किसी भी हृदय रोग का इलाज नहीं है और इसे डॉक्टर द्वारा बताई गई चिकित्सा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

यदि किसी व्यक्ति को पहले से हृदय रोग, सीने में दर्द, अनियंत्रित रक्तचाप या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, तो योग शुरू करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। आइए जानते हैं ऐसे योगासन और प्राणायाम, जो सही तरीके और नियमित अभ्यास के साथ दिल की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।

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ताड़ासन - फोटो : Amar ujala

ताड़ासन 

ताड़ासन शरीर के संतुलन और सही मुद्रा (पोश्चर) को बेहतर बनाने में मदद करता है। यह गहरी और नियंत्रित श्वास लेने की आदत विकसित करने में भी सहायक हो सकता है। नियमित अभ्यास से शरीर में स्थिरता और मानसिक शांति का अनुभव होता है।


कैसे करें

  • सीधे खड़े होकर दोनों पैरों को पास रखें।

  • हाथों को ऊपर उठाकर पूरे शरीर को हल्का खींचें।

  • सामान्य या गहरी सांस लेते हुए 20–30 सेकंड तक इस स्थिति में रहें।

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वृक्षासन के फायदे - फोटो : AI

वृक्षासन 

वृक्षासन संतुलन, एकाग्रता और मानसिक स्थिरता बढ़ाने वाला योगासन है। तनाव कम करने में इसकी भूमिका अप्रत्यक्ष रूप से हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी हो सकती है।
 

फायदे

  • शरीर का संतुलन बेहतर होता है।

  • मन शांत रहता है।

  • एकाग्रता बढ़ती है।

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भुजंगासन - फोटो : Amar ujala

भुजंगासन 

  • भुजंगासन छाती को खोलने और रीढ़ की लचक बढ़ाने में मदद करता है।
  • इससे श्वास लेने में सहजता महसूस हो सकती है।
  • लंबे समय तक बैठे रहने से होने वाली जकड़न कम हो सकती है।
  • ध्यान दें यदि कमर, गर्दन या रीढ़ से जुड़ी समस्या हो तो यह आसन विशेषज्ञ की देखरेख में करें।
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सेतुबंधासन - फोटो : Istock

सेतु बंधासन

  • सेतु बंधासन छाती और कंधों को फैलाने वाला आसन है।
  • यह शरीर को आराम देने और तनाव कम करने वाले अभ्यासों में शामिल किया जाता है।
  • नियमित अभ्यास से लचीलापन बढ़ सकता है।
  • सावधानी: गर्दन या पीठ की गंभीर समस्या होने पर इसे बिना सलाह के न करें।
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अनुलोम विलोम प्राणायाम - फोटो : Amar Ujala

अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम

हृदय स्वास्थ्य के लिए योगासन के साथ श्वास अभ्यास भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं।


अनुलोम-विलोम

  • सांस लेने की लय को संतुलित करने में मदद करता है।

  • तनाव कम करने और मानसिक शांति में सहायक हो सकता है।


भ्रामरी प्राणायाम

  • मन को शांत करने में मदद करता है।

  • तनाव और बेचैनी कम करने में उपयोगी माना जाता है।

दोनों प्राणायाम आरामदायक स्थिति में, बिना जोर लगाए और सही तकनीक से करें।

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नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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