फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Monsoon Yoga: बरसात में डॉक्टर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे! रोज करें ये आसान योगासन

Fri, 17 Jul 2026 12:44 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

immunity boosting yoga :  यदि आप भी चाहते हैं कि बरसात के मौसम में बार-बार बीमार न पड़ें और पूरे मौसम ऊर्जा से भरपूर रहें, तो अपने दैनिक जीवन में कुछ आसान योगासनों को शामिल करें। सही खानपान, पर्याप्त नींद और नियमित योग का संयोजन मानसून को स्वस्थ और आनंददायक बना सकता है।
विज्ञापन
1 of 5
मानसून में होने वाली बीमारियों से बचाएंगे ये योगासन - फोटो : Ai
Monsoon Me Kaun Sa Yogasan Karen: मानसून अपने साथ ठंडी हवाएं, हरियाली और सुकून लेकर आता है, लेकिन यही मौसम कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन जाता है। वातावरण में बढ़ी नमी, बैक्टीरिया और वायरस की सक्रियता, दूषित पानी और कमजोर पाचन तंत्र के कारण सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार, गले का संक्रमण, अपच, गैस, जोड़ों का दर्द और त्वचा संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं। ऐसे समय में केवल दवाइयों पर निर्भर रहने के बजाय शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाना अधिक महत्वपूर्ण होता है।

योग केवल शरीर को लचीला बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह श्वसन तंत्र, पाचन तंत्र, रक्त संचार और मानसिक स्वास्थ्य को संतुलित करने का एक वैज्ञानिक अभ्यास भी है। नियमित योगासन और प्राणायाम तनाव को कम करने, फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाने और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं। यही कारण है कि आयुर्वेद और योग विशेषज्ञ मानसून में नियमित योग अभ्यास की सलाह देते हैं।

यदि आप भी चाहते हैं कि बरसात के मौसम में बार-बार बीमार न पड़ें और पूरे मौसम ऊर्जा से भरपूर रहें, तो अपने दैनिक जीवन में कुछ आसान योगासनों को शामिल करें। सही खानपान, पर्याप्त नींद और नियमित योग का संयोजन मानसून को स्वस्थ और आनंददायक बना सकता है।
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
ताड़ासन - फोटो : Amar ujala
ताड़ासन
  • भदगयह शरीर को ऊर्जा और संतुलन देने वाला योगासन है।
  • ताड़ासन पूरे शरीर को सक्रिय करने वाला सबसे सरल योगासन है।
  • यह रीढ़ की हड्डी को सीधा रखता है।
  • शरीर का संतुलन बेहतर बनाता है।
  • रक्त संचार को बढ़ाने में मदद करता है।
  • मानसून के दौरान होने वाली सुस्ती और थकान को कम करने के लिए सुबह 2-3 मिनट ताड़ासन करना लाभदायक हो सकता है।
विज्ञापन

भुजंगासन
  • यह आसन फेफड़ों और इम्यूनिटी के लिए फायदेमंद है।
  • बरसात में श्वसन संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
  • भुजंगासन छाती को फैलाने और फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने का काम करता है।
  • साथ ही रीढ़ की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करता है।
  • यह योगासन शरीर में ऊर्जा का संचार करता है।
  • लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों के लिए भी लाभदायक माना जाता है।

4 of 5
पवनमुक्तासन - फोटो : Freepik
वज्रासन और पवनमुक्तासन
  • ये दोनों आसन पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में असरदार योगासन हैं।
  • मानसून में पाचन संबंधी समस्याएं सबसे अधिक देखने को मिलती हैं।
  • भोजन के बाद कुछ मिनट वज्रासन करने से पाचन बेहतर हो सकता है।
  • वहीं पवनमुक्तासन गैस, कब्ज और पेट फूलने जैसी समस्याओं में राहत दिलाने में सहायक माना जाता है।
  • स्वस्थ पाचन बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता की नींव है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
भ्रामरी प्राणायाम (Bee Breathing) - फोटो : इंस्टाग्राम
अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम
  • प्राणायाम करने से श्वसन तंत्र की सुरक्षा होती है।
  • मानसून में हवा में मौजूद नमी और संक्रमण श्वसन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं।
  • अनुलोम-विलोम प्राणायाम फेफड़ों की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मदद करता है।
  • भ्रामरी प्राणायाम मानसिक तनाव कम करने और मन को शांत रखने में सहायक है।
  • नियमित अभ्यास से श्वास प्रणाली को मजबूत रखने में मदद मिल सकती है।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें