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Winter Yoga Tips: ठिठुरन वाली सर्दी में भी शरीर रहेगा गर्म, बस रोज करें ये योग

Mon, 05 Jan 2026 10:12 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Winter Yoga Asanas: नियमित सुबह कुछ योगासनों के अभ्यास से शरीर की आंतरिक गर्मी को बढ़ाया जा सकता है, जिससे सर्दी के मौसम में ठंडक कम लगेगी और आप ठिठुरने के बजाय ऊर्जावान व सक्रिय रहेंगे। 
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ठंड से बचने के लिए ये योग - फोटो : Freepik.com
Winter Yoga Asanas: सर्दी सिर्फ मौसम नहीं होती, यह शरीर की अग्नि परीक्षा होती है। जब धूप कम, हवा ठंडी और शरीर सुस्त हो तो योग गर्माहट देता है। जो लोग सुबह रज़ाई नहीं छोड़ पाते, उन्हें योग बोझ लगता है। लेकिन सच यह है कि सर्दियों में योग न करना शरीर के साथ अन्याय है। सही योगासन शरीर की आंतरिक गर्मी को बढ़ाते हैं, रक्त संचार तेज करते हैं और ठिठुरन को भीतर घुसने ही नहीं देते।

योग सुबह खाली पेट करने से अधिक लाभ मिलता है। हालांकि योगाभ्यास के दौरान ऊनी कपड़े न पहनकर कुछ हल्का और सहज पहनें। ध्यान रखें कि योग के बाद ठंडे पानी से स्नान न करें। अगर प्राणायाम का अभ्यास कर रहे हैं तो धीरे धीरे करें। ठंड से बचाने के लिए सिर्फ स्वेटर काफी नहीं होते हैं। शरीर को आंतरिक गर्मी भी चाहिए जो कुछ योगासनों से ही मिल सकती है। अगर आप चाहते हैं कि इस सर्दी ठंड आप पर हावी न हो, तो रोज़ इन योगासनों को अपनाइए।
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सूर्य नमस्कार - फोटो : Adobe stock
सूर्य नमस्कार 

सर्दियों में सूर्य नमस्कार किसी औषधि से कम नहीं है। यह पूरा शरीर सक्रिय करता है, मेटाबॉलिज़्म बढ़ाता है और भीतर से गर्मी पैदा करता है। सूर्य नमस्कार के कई स्वास्थय लाभ है। जैसे पूरे शरीर में रक्त संचार, जकड़न और सुस्ती दूर व रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होता। प्रतिदिन 6 से 12 राउंड अभ्यास करना पर्याप्त है।
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भुजंगासन का अभ्यास करती मलाइका अरोड़ा - फोटो : instagram
भुजंगासन

ठंड में कमर और पीठ अकड़ जाती है। भुजंगासन रीढ़ को लचीला बनाता है और छाती में ऊर्जा भरता है। इसका अभ्यास पीठ दर्द से राहत देता है। फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने में सहायक है और इससे शरीर में गर्माहट बनी रहती है।

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उष्ट्रासन - फोटो : Adobe
उष्ट्रासन

उष्ट्रासन शरीर की जमी हुई ऊर्जा को जगाता है। यह ठंड में जमी सांसों को खोल देता है। उष्ट्रासन के नियमित अभ्यास से पाचन तंत्र मजबूत, शरीर की आंतरिक गर्मी सक्रिय होती है और थकान व ठंडक दूर रहती है।
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कपालभाति प्राणायाम - फोटो : Amar Ujala
कपालभाति 

यह प्राणायाम सर्दियों में बेहद प्रभावी है। यह पेट की चर्बी ही नहीं, ठंड का असर भी घटाता है। इसके अभ्यास से शरीर में तापमान संतुलन, सर्दी-जुकाम से बचाव और पाचन व इम्युनिटी बेहतर होती है। कपालभाति प्राणायाम का अभ्यास खाली पेट करना चाहिए।  
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भस्त्रिका प्राणायाम - फोटो : Amar Ujala
भस्त्रिका प्राणायाम

ये प्राणायाम सांसों से गर्मी पैदा करता है। तेज सांसों के साथ किया जाने वाला यह प्राणायाम शरीर को तुरंत गर्म करता है। इसके नियमित अभ्यास से ठंड से जमी मांसपेशियां सक्रिय होती हैं। फेफड़ों की सफाई और शरीर में ऊर्जा का संचार होता है।

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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योग गुरु से संपर्क कर सकते हैं। गर्भावस्था में योग को लेकर डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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