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Yoga Tips: महामारी के बाद से युवाओं में बढ़ी पीठ दर्द की समस्या, जानिए इसके कारण और फायदेमंद योग

Sat, 14 Jan 2023 12:43 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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युवाओं में कमर दर्द की समस्या - फोटो : iStock
कोरोना महामारी ने कई प्रकार से लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। संक्रमण की स्थिति में एक तरफ जहां गंभीर रोगों के कारण लोगों को अस्पतालों में भर्ती होना पड़ा, कुछ लोगों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं भी देखी गई। वहीं महामारी के बाद से लोगों में पीठ दर्द की समस्या भी काफी बढ़ी हुई देखी जा रही है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कई युवा पीठ के निचले हिस्से में दर्द की समस्या के साथ आ रहे हैं। इसमें ज्यादातर लोग वो हैं जो लंबे समय से वर्क फ्रॉम होम मोड में काम कर रहे हैं। लोगों में शारीरिक निष्क्रियता भी बढ़ गई है, वहीं लंबे समय तक बैठकर काम करते रहने की आदत ने इस तरह के जोखिमों को बढ़ा दिया है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लाइफस्टाइल में गड़बड़ी के कारण न सिर्फ पीठ-कमर दर्द की दिक्कत बढ़ी है, साथ ही यह कई और भी तरह की स्वास्थ्य जटिलताओं का कारण बनने वाली समस्या है। इस तरह के जोखिमों से बचाव के लिए दिनचर्या में योगासनों के शामिल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। कुछ प्रकार के आसनों के दैनिक अभ्यास की आदत पीठ दर्द को कम करने और शारीरिक सक्रियता को बढ़ाने में विशेष मददगार हो सकती है।
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अधोमुख शवासन योग से होने वाले लाभ - फोटो : istock
अधोमुख शवासन योग से मिलता है लाभ

अधोमुख शवासन उन क्लासिक योग मुद्राओं में से एक है जिससे पूरे शरीर की बेहतर तरीके से स्ट्रेचिंग हो जाती है। यह बैक एक्सटेन्सर को लक्षित करने में मदद करती है, यह पीठ के निचले हिस्से की बड़ी मांसपेशी है। रीढ़ के पॉश्चर को ठीक रखने के साथ, शारीरिक मुद्रा को बेहतर बनाने, सिर में रक्त संचार को ठीक करने और पैरों-पीठ के दर्द को कम करने में भी इस योग के अभ्यास से लाभ पाया जा सकता है।
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बालासन योग से दूर होता है कमर दर्द - फोटो : istock
चाइल्ड पोज के अभ्यास से कम होता है दर्द

चाइल्ड पोज को बालासन के नाम से भी जाना जाता है, यह अभ्यास पूरे शरीर को आराम देने में विशेष मददगार है। बालासन योग से पीठ-पेट की मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग हो जाती है और इससे रीढ़ की समस्या भी कम होती है ऐसे में इस अभ्यास को पीठ दर्द की समस्या को दूर करने में काफी लाभकारी माना जाता है।

योग विशेषज्ञ बताते हैं, इस अभ्यास के दौरान सिर में रक्त का संचार बढ़ता है, ऐसे में इसे मस्तिष्क की कोशिकाओं को स्वस्थ रखने वाले आसन के तौर पर भी जाना जाता है।
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त्रिकोणासान से कमर दर्द होता है कम - फोटो : istock
त्रिकोणासान स्ट्रेचिंग के लिए सबसे कारगर

त्रिकोणासान मुद्रा, पीठ और पैरों को मजबूत करने के लिए सबसे अच्छे अभ्यासों में से एक है। पैरों से लेकर पीठ तक की सभी बड़ी मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग से लेकर कमर दर्द को दूर करने तक में इसके अभ्यास से विशेष लाभ पाया जा सकता है। त्रिकोणासान को सामान्यतौर पर वार्मअप पोज के रूप में जाना जाता है जो शरीर की जकड़न को कम करने के साथ रक्त संचार को बढ़ावा देने के लिए काफी फायदेमंद है।



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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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