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Yoga Tips: अनुलोम-विलोम प्राणायाम का रोजाना कीजिए अभ्यास, शारीरिक-मानसिक दोनों ही सेहत के लिए है कारगर

Sat, 29 Jul 2023 09:43 AM IST
शिवानी अवस्थी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अनुलोम विलोम प्राणायाम - फोटो : Istock
योग शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है। नियमित योगाभ्यास से छोटी से बड़ी कई बीमारियों से शरीर का बचाव किया जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी योगासनों के नियमित अभ्यास की सलाह देते हैं। वैसे तो कई तरह के योगासन हैं, जो अलग अलग तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याओं में असरदार होते हैं लेकिन कुछ योग ऐसे हैं जो मानसिक तौर पर तो आपको स्वस्थ रखते ही हैं, साथ ही शारीरिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाते हैं। इन्हीं योगासनों में शामिल है अनुलोम-विलोम। अनुलोम विलोम का अभ्यास शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है, साथ ही कई तरह की बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद करता है। अनुलोम-विलोम श्वास से जुड़ा योगासन है, जिसका अभ्यास सभी उम्र के लोगों के लिए सुरक्षित है। आगे की स्लाइड्स में जानिए अनुलोम विलोम के फायदे, इस योग को करने का सही तरीका और इससे जुड़ी जरूरी बातें।
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अनुलोम विलोम प्राणायाम - फोटो : Istock
अनुलोम विलोम क्या है?

अनुलोम विलोम एक विशिष्ट प्रकार का योग है, जिसमें श्वास को नियंत्रित करके अभ्यास किया जाता है। इसे प्राणायाम भी कह सकते हैं। इस श्वास अभ्यास को रोजाना करने से तनाव कम होता है और बेहतर श्वास व रक्त परिसंचरण को बनाए रखने में मदद मिलती है। अनुलोम विलोम का अभ्यास करने के कई फायदे हैं।
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अनुलोम विलोम प्राणायाम - फोटो : iStock
अनुलोम विलोम के फायदे

-कई शोध से पता चला है कि अनुलोम विलोम का अभ्यास करने से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं, जैसे हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, गठिया, माइग्रेन का दर्द, गंभीर अवसाद आदि से राहत मिलती है। अगर सही तरीके से रोजाना अनुलोम विलोम का अभ्यास किया जाए तो शरीर और मस्तिष्क दोनों स्वस्थ बना रहता है।

-शारीरिक समस्याओं से बचाव के अलावा मानसिक स्थिति भी मजबूत होती है। अनुलोम विलोम करने से अवसाद, तनाव और चिंता दूर होती है।

-अस्थमा, ब्रोंकाइटिस जैसे श्वसन समस्याओं वाली बीमारी ठीक करने में अनुलोम विलोम फायदेमंद है।

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अनुलोम विलोम प्राणायाम - फोटो : Pixabay
-अनुलोम विलोम का अभ्यास क्रोध, विस्मृति, बेचैनी और निराशा जैसी नकारात्मक भावनाओं को दूर करता है।

-इस योगाभ्यास से शरीर के वात, कफ और पित्त तीनों दोषों को नियंत्रित करता है।

-प्राणायाम करने से वजन घटाया जा सकता है और मेटाबॉलिज्म को सुव्यवस्थित करने में मदद मिलती है।

-त्वचा चमकदार और स्वस्थ बनती है।
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अनुलोम-विलोम प्राणायाम - फोटो : iStock
अनुलोम-विलोम योगाभ्यास कैसे करें?

स्टेप 1- इस योगाभ्यास को करने के लिए सबसे पहले एक दम सीधा होकर ध्यान मुद्रा में बैठ जाएं

स्टेप 2- अब बाएं हाथ से ज्ञान मुद्रा बनाकर दाएं हाथ के अंगूठे से दाईं नासिका को बंद करते हुए बाईं नासिका से सांस लें।

स्टेप 3- फिर बाई नासिका बंद करते हुए दाईं नासिका से सांस छोड़ें।

स्टेप 4- इस क्रिया को दोहराएं। ध्यान रखें कि इस योगाभ्यास को सही तरीके से करके ही लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
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अनुलोम विलोम योगाभ्यास - फोटो : अमर उजाला
इन बातों का रखें ध्यान

अनुलोम विलोन का अभ्यास वैसे तो सुरक्षित माना जाता है। जिसका न तो कोई जोखिम और नकारात्मक प्रभाव है। लेकिन योग को सही तरीके से करने के लिए प्रशिक्षित योग शिक्षक की सलाह जरूर लेनी चाहिए। अगर आप किसी गंभीर रोग के शिकार हैं तो इस योगाभ्यास से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
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नोट: यह लेख योग गुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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