प्रतीकात्मक तस्वीर
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आईआईटी दिल्ली की डॉक्टर पूजा साहनी के मुताबिक, इस अध्ययन में पता चला कि जो लोग योग करते हैं, उनमें लॉकडाउन के चार से दस हफ्ते के बीच अपेक्षाकृत तनाव, डिप्रेशन और एंजाइटी का स्तर काफी कम था। यही नहीं शोध में ये भी पाया गया कि जो लोग योगाभ्यास करते हैं, उनका मानिसक शांति का स्तर भी ज्यादा रहता है। इस शोध में ये भी पता चला कि जो लोग योग नहीं करते हैं, उनमें तनाव, डिप्रेशन और एंजाइटी की समस्याएं बढ़ी हैं। लेकिन योग ने तनाव और डिप्रेशन से छुटकारा पाने में लोगों की मदद की है।